25 अगस्त 2026
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अमेरिकी आतंक सूची से सीरिया का नाम हटा, दमिश्क ने बताया 'नए युग की शुरुआत'

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अमेरिकी आतंक सूची से सीरिया का नाम हटा, दमिश्क ने बताया 'नए युग की शुरुआत'

सारांश

लगभग पाँच दशकों के बाद अमेरिका ने सीरिया को आतंकवाद प्रायोजक देशों की सूची से हटाया। दमिश्क ने इसे 'नए अंतरराष्ट्रीय अध्याय की शुरुआत' बताया। यह कदम सीरिया के पुनर्निर्माण और विदेशी निवेश के लिए नया रास्ता खोल सकता है।

मुख्य बातें

अमेरिका ने सीरिया को आतंकवाद प्रायोजक देशों की सूची से औपचारिक रूप से हटाया, जहाँ वह 1979 से शामिल था।
विशेष दूत टॉम बैरक ने सोमवार को इस निर्णय की पुष्टि की।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा — यह कदम सीरिया में निवेश और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति अहमद अल शारा सरकार की आतंकवाद-विरोधी प्रतिबद्धताओं को इस फैसले का आधार बताया।
सीरिया के विदेश प्राधिकरण ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत' करार दिया।

सीरिया ने 25 अगस्त 2026 को अमेरिका के उस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया, जिसके तहत उसे आतंकवाद प्रायोजक देशों की अमेरिकी सूची से औपचारिक रूप से हटा दिया गया है। दमिश्क ने इसे दशकों की अंतरराष्ट्रीय अलग-थलग स्थिति के अंत की दिशा में एक निर्णायक कदम करार दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

अमेरिका के सीरिया और इराक मामलों के विशेष राष्ट्रपति दूत टॉम बैरक ने सोमवार को पुष्टि की कि वॉशिंगटन ने औपचारिक रूप से सीरिया को आतंकवाद प्रायोजक देशों की सूची से बाहर कर दिया है। यह सूची 1979 में बनाई गई थी, जब सीरिया को पहली बार इसमें शामिल किया गया था। उस समय अमेरिका का आरोप था कि तत्कालीन सीरियाई सरकार के लेबनान के हिज़्बुल्लाह, कुछ फिलिस्तीनी संगठनों और ईरान से संबंध थे।

इस सूची में ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया जैसे देश भी शामिल हैं। सीरिया लगभग चार दशकों से अधिक समय तक इस सूची में बना रहा।

सरकार की प्रतिक्रिया

सीरिया के विदेश मामलों से जुड़े प्राधिकरण ने इस फैसले को 'सीरिया के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत' बताया। प्राधिकरण के अनुसार, इस कदम से देश की आर्थिक बहाली को गति मिलेगी, पुनर्निर्माण के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा और सीरिया में स्थिरता एवं सुरक्षा को मज़बूती मिलेगी।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, 'ट्रेजरी विभाग राष्ट्रपति ट्रंप के उस वादे को पूरा कर रहा है, जिसमें उन्होंने सीरिया की जनता को आगे बढ़ने का अवसर देने की बात कही थी। आज का यह कदम सीरिया में अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहित करेगा और राजनीतिक तथा आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा।'

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, 'ये सभी कदम राष्ट्रपति अहमद अल शारा के नेतृत्व वाली सीरियाई सरकार की ओर से उठाए गए सकारात्मक कदमों और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से पूरी तरह दूरी बनाने की उसकी प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में सीरिया की सरकार ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

विशेष दूत टॉम बैरक ने कहा कि यह सूचीबद्ध दर्जा लंबे समय से सीरियाई जनता को उस निवेश, कारोबार और अवसरों से दूर रखे हुए था, जिनकी देश के पुनर्निर्माण के लिए ज़रूरत थी। उन्होंने कहा, 'आज एक और दीवार गिर गई है।' आलोचकों का मानना है कि इस फैसले से सीरिया में विदेशी निवेश का रास्ता खुलेगा और युद्ध-प्रभावित बुनियादी ढाँचे की बहाली में तेज़ी आएगी।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सीरिया वर्षों के गृहयुद्ध के बाद पुनर्निर्माण की कोशिशों में जुटा है और नई सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संबंध सामान्य करने की दिशा में काम कर रही है।

क्या होगा आगे

इस फैसले के बाद सीरिया के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच आसान होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति अहमद अल शारा के नेतृत्व में सीरियाई सरकार के लिए यह कदम कूटनीतिक पुनर्वास की प्रक्रिया को और गति दे सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, अगला कदम अमेरिकी प्रतिबंधों की समीक्षा और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों की बहाली हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि महज़ प्रशासनिक कार्यवाही — यह संकेत देता है कि वाशिंगटन, दमिश्क की नई सरकार को पश्चिम-समर्थित क्षेत्रीय व्यवस्था में जगह देने के लिए तैयार है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह कदम ठोस आर्थिक राहत में बदलेगा या केवल प्रतीकात्मक रहेगा — क्योंकि कई प्रतिबंध अलग-अलग कानूनी ढाँचों के तहत अभी भी लागू हो सकते हैं। सीरिया के पुनर्निर्माण की ज़रूरतें विशाल हैं और निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए केवल सूची से हटाना पर्याप्त नहीं — शासन की पारदर्शिता और सुरक्षा की स्थिरता भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने सीरिया को आतंकवाद प्रायोजक सूची से क्यों हटाया?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, यह फैसला राष्ट्रपति अहमद अल शारा के नेतृत्व वाली सीरियाई सरकार की आतंकवाद-विरोधी प्रतिबद्धताओं और पिछले एक वर्ष में उठाए गए सकारात्मक कदमों को देखते हुए लिया गया। सीरिया 1979 से इस सूची में था।
सीरिया कब से अमेरिकी आतंकवाद प्रायोजक सूची में था?
सीरिया को अमेरिका ने 1979 में इस सूची में शामिल किया था। तब आरोप था कि तत्कालीन सीरियाई सरकार के हिज़्बुल्लाह, कुछ फिलिस्तीनी संगठनों और ईरान से संबंध थे। यानी सीरिया लगभग चार दशकों से अधिक समय तक इस सूची में रहा।
इस फैसले से सीरिया को क्या फायदा होगा?
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, यह कदम सीरिया में अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहित करेगा और राजनीतिक तथा आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा। विशेष दूत टॉम बैरक ने कहा कि यह दर्जा लंबे समय से सीरियाई जनता को पुनर्निर्माण के लिए ज़रूरी निवेश और अवसरों से दूर रखे हुए था।
सीरिया के अलावा अमेरिकी आतंकवाद प्रायोजक सूची में कौन-से देश हैं?
इस सूची में ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया जैसे देश शामिल हैं। सीरिया को इस सूची से हटाए जाने के बाद अब इन देशों का नाम इसमें बना हुआ है।
सीरिया की नई सरकार ने इस फैसले पर क्या कहा?
सीरिया के विदेश मामलों से जुड़े प्राधिकरण ने इसे 'सीरिया के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत' बताया। प्राधिकरण के अनुसार, इससे आर्थिक बहाली, पुनर्निर्माण और देश में स्थिरता को मज़बूती मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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