टॉम बैरक का सीरिया विशेष दूत पद समाप्त, रुबियो ने सीरिया-इराक नीति में केंद्रीय भूमिका बरकरार रखने का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक का सीरिया के लिए विशेष दूत का औपचारिक पद 30 मई 2025 को समाप्त हो गया, लेकिन अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि बैरक सीरिया और इराक दोनों में ट्रंप प्रशासन के लिए केंद्रीय राजनयिक भूमिका निभाते रहेंगे। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिकी कूटनीति एक नाज़ुक मोड़ पर है।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश सचिव रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो अलग-अलग पोस्ट में बैरक की भूमिका का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, 'राजदूत टॉम बैरक सीरिया में एक केंद्रीय मध्यस्थ रहे हैं, अब भी हैं और इराक पर एक भरोसेमंद हाथ हैं। वह न केवल तुर्किए गणराज्य में हमारे राजदूत के रूप में, बल्कि सीरिया में सरकार के साथ राष्ट्रपति के रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने और इराक में नई सरकार के साथ अपना काम शुरू करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।'
रुबियो ने यह भी जोड़ा कि बैरक 'राष्ट्रपति की टीम के एक जरूरी सदस्य हैं, उन पर मेरा पूरा भरोसा है और वह राज्य विभाग के पूरे समर्थन से काम करते हैं।' उन्होंने कहा कि इस काम को नेतृत्व देने की उनकी निरंतर इच्छा से अमेरिकी जनता को सीधा लाभ हो रहा है।
बैरक की भूमिका और उपलब्धियाँ
अरबपति रियल एस्टेट निवेशक और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दीर्घकालीन विश्वस्त सहयोगी बैरक मई 2025 से सीरिया में विशेष दूत के रूप में कार्यरत थे। इसके साथ-साथ वे तुर्किए में अमेरिकी राजदूत का दायित्व भी संभाल रहे थे।
रिपोर्टों के अनुसार, अपने एक वर्षीय कार्यकाल में बैरक ने सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के असद-पश्चात प्रशासन की ओर वाशिंगटन के झुकाव को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने दमिश्क पर लगे भारी आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दिलाने की प्रक्रिया में योगदान दिया और तुर्किए तथा खाड़ी के अरब देशों सहित क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध अभियानों का समन्वय किया।
रणनीतिक महत्व
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सीरिया में असद-पश्चात राजनीतिक संक्रमण अभी अनिश्चित है और इराक में नई सरकार के साथ अमेरिकी संबंध पुनर्परिभाषित हो रहे हैं। बैरक की दोहरी भूमिका — तुर्किए में राजदूत और सीरिया-इराक नीति के सूत्रधार — अमेरिकी कूटनीति की उस रणनीति को दर्शाती है जिसमें एक विश्वस्त चेहरे के ज़रिये पूरे क्षेत्र में प्रभाव बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
एक अन्य पोस्ट में रुबियो ने लिखा था, 'राजदूत टॉम बैरक ने सीरिया में हमारे विशेष दूत के तौर पर बहुत कीमती भूमिका निभाई है। वह सीरिया और इराक दोनों में ट्रंप सरकार के लिए मुख्य भूमिका निभाते रहेंगे, जहाँ उनकी विशेषज्ञता, संबंध और अमेरिका फर्स्ट एजेंडा की समझ हमारे महान देश के लिए जीत दिलाती रहेगी।'
आगे क्या
बैरक अब तुर्किए में अमेरिकी राजदूत के रूप में अपनी मुख्य ज़िम्मेदारी के साथ-साथ सीरिया और इराक में ट्रंप प्रशासन की नीति का संचालन करते रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था पश्चिम एशिया में अमेरिकी नीति की निरंतरता सुनिश्चित करने की कोशिश है, हालाँकि एक व्यक्ति पर इतनी ज़िम्मेदारियाँ केंद्रित करने की व्यावहारिकता पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।