यूसीसी देश की ज़रूरत — भाजपा सांसद राजू बिस्ता का बड़ा बयान, टीएमसी पर भी साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद राजू बिस्ता ने 30 जून 2026 को सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को देश की अनिवार्य आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जब सड़कें और आवास योजनाएँ सभी नागरिकों के लिए समान रूप से उपलब्ध होती हैं, तो देश का कानून भी हर नागरिक के लिए एक समान होना चाहिए। इस बयान के साथ ही उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भी तीखा प्रहार किया।
यूसीसी पर भाजपा सांसद का तर्क
बिस्ता ने कहा कि भारत एक सुरक्षित और संप्रभु राष्ट्र है, इसलिए यहाँ सभी नागरिकों के लिए एकसमान कानूनी ढाँचा होना चाहिए। उनके अनुसार, यूसीसी केवल एक कानूनी सुधार नहीं, बल्कि समानता और न्याय का प्रतीक है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू कर चुका है और कई राज्यों में इस पर बहस तेज़ हो गई है।
टीएमसी पर तंज और राजनीतिक प्रतिक्रिया
टीएमसी पर बोलते हुए बिस्ता ने कहा कि वे अपना समय विपक्षी दल की गतिविधियों पर टिप्पणी करने में नहीं लगाना चाहते, बल्कि जनसेवा को प्राथमिकता देते हैं। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जो लोग ममता बनर्जी और असली टीएमसी के साथ हैं, उन्हें पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भाजपा के करीबी नेताओं को राहत मिल जाती है। घोष ने यह भी कहा कि लालबाजार पुलिस मुख्यालय अब 'गेरुआ बाजार' बन गया है — एक तीखा राजनीतिक व्यंग्य।
गुंडा दमन विधेयक पर बिस्ता का रुख
गुंडा दमन विधेयक के संदर्भ में भाजपा सांसद ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल में गुंडागर्दी चरम पर थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इस पर लगाम लगाई है। उन्होंने दावा किया कि जनता का लूटा गया पैसा सरकारी खजाने में वापस आएगा और उसका उपयोग जनकल्याण में किया जाएगा।
उत्तर बंगाल पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
सांसद राजू बिस्ता ने मंगलवार को सिलीगुड़ी में दार्जिलिंग हिल्स, तराई और डुआर्स क्षेत्र के पर्यटन उद्यमियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पर्यटन रोडमैप की जानकारी दी, जिसमें बुनियादी ढाँचे के विकास, निजी निवेश को प्रोत्साहन, 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' में सुधार और सतत पर्यटन (sustainable tourism) पहलों पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बिस्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल, और विशेष रूप से उत्तर बंगाल, भारत के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में से एक है और इस क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को आने वाले वर्षों में बड़े लाभ मिलेंगे। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब राज्य में राजनीतिक तनाव और पर्यटन विकास की माँग एक साथ सुर्खियों में हैं।
आगे क्या
यूसीसी पर राष्ट्रीय बहस और पश्चिम बंगाल में भाजपा-टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने के संकेत हैं। पर्यटन क्षेत्र में राज्य सरकार की नीतिगत दिशा स्पष्ट होने के साथ ही निवेशकों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।