पूरे देश में यूसीसी लागू हो: भाजपा नेता उज्ज्वल दीपक का आह्वान, तुष्टिकरण की राजनीति पर सीधा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता उज्ज्वल दीपक ने 27 जून 2026 को रायपुर में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को पूरे देश में लागू करने की पुरज़ोर माँग की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने तथा 'लव जिहाद' और धर्मांतरण के विरुद्ध सख्त कानून बनाने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि दशकों से चली आ रही तुष्टिकरण की राजनीति को अब समाप्त होना ही चाहिए।
मुख्य वक्तव्य: एक देश, एक कानून
उज्ज्वल दीपक ने कहा, 'सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में एक जैसे कानूनों का समय आ गया है। जब हम बराबरी की बात करते हैं तो विपक्षी पार्टियों को असमानता की वकालत नहीं करनी चाहिए।' उन्होंने आगे जोड़ा कि कुछ समुदायों और धर्मों को प्राथमिकता देने की पुरानी सोच अब बदलनी चाहिए और देश के हर नागरिक के अधिकार व जिम्मेदारियाँ समान होनी चाहिए।
प्रणब मुखर्जी और मोदी पर टिप्पणी
भाजपा नेता ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी के हालिया बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रणब मुखर्जी ने उन्हें बताया था कि नरेंद्र मोदी पहले 'चुने हुए' प्रधानमंत्री हैं। दीपक ने कहा, 'भारत रत्न प्रणब मुखर्जी जैसे सम्मानित व्यक्तित्व की ऐसी टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीतकर सर्वोच्च कार्यकारी पद संभाला है।
सोनिया गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक ने कहा कि यूपीए सरकार 2014 में सत्ता से बाहर हो चुकी है और तब से देश की विदेश नीति पूरी तरह नई दिशा में अग्रसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश मामलों पर अधिकृत बात केवल विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री ही कर सकते हैं।
CBSE के तीन भाषा फॉर्मूले का समर्थन
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा तीन भाषा फॉर्मूला लागू करने के निर्णय पर भाजपा नेता ने पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि भारत की बहुभाषिक विविधता को देखते हुए यह पहल हर छात्र को उसकी सहज भाषा में शिक्षा सुनिश्चित करेगी और शिक्षा को अधिक समावेशी बनाएगी। गौरतलब है कि तीन भाषा फॉर्मूले पर दक्षिण भारतीय राज्यों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ रही हैं, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का केंद्र बना हुआ है।
आगे की राह
उज्ज्वल दीपक के इस बयान ने UCC पर राष्ट्रीय विमर्श को एक बार फिर तेज़ कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में UCC पहले ही लागू हो चुका है और कई अन्य भाजपा-शासित राज्य इस दिशा में कदम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और संसद में इस मुद्दे की गूँज आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती है।