यूसीसी पर भाजपा का स्पष्ट रुख: संजय उपाध्याय बोले — पूरे देश में लागू हो यूनिफॉर्म सिविल कोड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 26 जून 2026 को मुंबई में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पूरे देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उससे पहले जनसंघ अपनी स्थापना से ही यूसीसी की वकालत करते आए हैं। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई का भी वादा किया।
यूसीसी पर भाजपा का रुख
संजय उपाध्याय ने कहा कि देश के कई राज्यों में यूसीसी पहले ही लागू किया जा चुका है। महाराष्ट्र विधानसभा में भी जल्द यूसीसी लाने की बात कही गई है, और पश्चिम बंगाल में भी इसकी शुरुआत होने वाली है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'पूरे देश में यूसीसी लागू होना चाहिए।'
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भी यूसीसी के समर्थन में तर्क दिए। बंगाल विधानसभा में यूसीसी बिल पेश होने की संभावना पर उन्होंने कहा, 'एक देश में दो विधान नहीं हो सकते। डॉ. बी.आर. अंबेडकर भी यूनिफॉर्म सिविल कोड के समर्थक थे।' उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 50-60 वर्षों में कांग्रेस सरकारों ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण यूसीसी के एजेंडे को ठंडे बस्ते में डाले रखा।
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का वादा
संजय उपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में TMC के शासनकाल में व्याप्त भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त थी, जिसके कारण सत्ता परिवर्तन हुआ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार की फाइलें खोली जाएंगी, दोषियों से काला धन वसूला जाएगा और उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी जाँच
भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने बताया कि राम मंदिर के चढ़ावे में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है और इस मामले में एफआईआर (FIR) भी दर्ज हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संविधान और तुष्टीकरण की राजनीति पर प्रहार
गौरव वल्लभ ने आगे कहा कि जो लोग यूसीसी का विरोध करते हैं, वे बाबा साहेब अंबेडकर के मूल संविधान की आत्मा के विरोधी हैं और तुष्टीकरण की राजनीति को पोषित कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि एक देश में दो विधान कभी नहीं चल सकते और तुष्टीकरण की राजनीति को समाप्त किया जाएगा।
आगे क्या
यूसीसी का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय बहस बनता जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में यूसीसी बिल पेश होने की संभावना के बीच भाजपा का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकता है।