बंगाल में यूसीसी जल्द लागू होगा, आदिवासी अधिकारों को ध्यान में रख तैयार हो रहा ड्राफ्ट: मंत्री दिलीप घोष
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 12 जुलाई को पश्चिम मेदिनीपुर में स्पष्ट किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) शीघ्र लागू की जाएगी और इसका ड्राफ्ट आदिवासी समुदाय के परंपरागत अधिकारों को संरक्षित रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यूसीसी समिति के गठन के बाद यह उनकी पहली विस्तृत प्रतिक्रिया है।
यूसीसी पर मंत्री का रुख
घोष ने कहा, 'समान नागरिक संहिता कानून लागू होना ही था। यह बस समय की बात है और इसे बहुत जल्द लागू किया जाएगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के कई हिस्सों में आदिवासी समुदायों के लिए अलग-अलग प्रचलित कानून हैं, और बिल का ड्राफ्ट इन्हीं विशेषताओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब यूसीसी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है।
उद्योग और निवेश पर सरकार की प्राथमिकता
घोष ने बताया कि पश्चिम बंगाल में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को बिना देरी के अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'बहुत सारे लोग पश्चिम बंगाल में इंडस्ट्री लगाने के लिए आ रहे हैं। इसको जल्दी कराने के लिए व्यवस्था को भी सुगम बनाने के प्रयास जारी हैं।' मंत्री के अनुसार, पिछले 10 वर्षों से जो औद्योगिक प्रस्ताव लंबित पड़े थे, वर्तमान सरकार उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है।
पिछली सरकार पर आरोप
घोष ने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में कई उद्योग स्थापित होने से रोके गए थे। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल में बहुत सारी इंडस्ट्री काफी समय से यहां प्रयास कर रही थीं, लेकिन पिछली सरकार में उन्हें रोका गया था।' उनके अनुसार, कुछ उद्यमियों ने वर्तमान सरकार में अपना काम शुरू भी कर दिया है और कई अन्य कतार में हैं।
तृणमूल कांग्रेस और 21 जुलाई की रैली पर टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस में हर रोज नया ड्रामा दिखाई देता है। जनता ने टीएमसी को विपक्ष में बिठाया है, अब वह बराबर से जिम्मेदारी निभाए।' 21 जुलाई को आयोजित होने वाली रैली पर उन्होंने कहा कि यह दिन उन 13 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में मनाया जाता है जो पुलिस की गोलीबारी में शहीद हुए थे, और किसी एक पार्टी द्वारा इस आयोजन पर एकाधिकार उचित नहीं है। गौरतलब है कि TMC ने पुलिस अनुमति से जुड़े मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है।
आगे क्या होगा
यूसीसी ड्राफ्ट की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार इसे प्राथमिकता पर रख रही है। आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों और विधि विशेषज्ञों की राय को ड्राफ्टिंग प्रक्रिया में शामिल किए जाने की संभावना है।