12 जुलाई 2026
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बंगाल में यूसीसी जल्द लागू होगा, आदिवासी अधिकारों को ध्यान में रख तैयार हो रहा ड्राफ्ट: मंत्री दिलीप घोष

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बंगाल में यूसीसी जल्द लागू होगा, आदिवासी अधिकारों को ध्यान में रख तैयार हो रहा ड्राफ्ट: मंत्री दिलीप घोष

सारांश

पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष ने साफ किया — यूसीसी बंगाल में जल्द लागू होगी, और आदिवासी समुदाय के परंपरागत कानूनों को संरक्षित रखते हुए ड्राफ्ट बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने निवेशकों को त्वरित अनुमति और टीएमसी को विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल मंत्री दिलीप घोष ने 12 जुलाई को कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जल्द लागू होगी।
यूसीसी का ड्राफ्ट आदिवासी समुदाय के परंपरागत अधिकारों और प्रचलित कानूनों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
घोष ने कहा — पिछले 10 वर्षों से लंबित उद्योग प्रस्तावों को सरकार प्राथमिकता देगी और निवेशकों को बिना देरी अनुमति मिलेगी।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए कहा — जनता ने उन्हें विपक्ष में बिठाया है, जिम्मेदारी से काम करें।
21 जुलाई की रैली पर कहा — 13 शहीद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति पर किसी एक दल का एकाधिकार उचित नहीं; TMC ने अनुमति के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 12 जुलाई को पश्चिम मेदिनीपुर में स्पष्ट किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) शीघ्र लागू की जाएगी और इसका ड्राफ्ट आदिवासी समुदाय के परंपरागत अधिकारों को संरक्षित रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यूसीसी समिति के गठन के बाद यह उनकी पहली विस्तृत प्रतिक्रिया है।

यूसीसी पर मंत्री का रुख

घोष ने कहा, 'समान नागरिक संहिता कानून लागू होना ही था। यह बस समय की बात है और इसे बहुत जल्द लागू किया जाएगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के कई हिस्सों में आदिवासी समुदायों के लिए अलग-अलग प्रचलित कानून हैं, और बिल का ड्राफ्ट इन्हीं विशेषताओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब यूसीसी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है।

उद्योग और निवेश पर सरकार की प्राथमिकता

घोष ने बताया कि पश्चिम बंगाल में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को बिना देरी के अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'बहुत सारे लोग पश्चिम बंगाल में इंडस्ट्री लगाने के लिए आ रहे हैं। इसको जल्दी कराने के लिए व्यवस्था को भी सुगम बनाने के प्रयास जारी हैं।' मंत्री के अनुसार, पिछले 10 वर्षों से जो औद्योगिक प्रस्ताव लंबित पड़े थे, वर्तमान सरकार उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है।

पिछली सरकार पर आरोप

घोष ने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में कई उद्योग स्थापित होने से रोके गए थे। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल में बहुत सारी इंडस्ट्री काफी समय से यहां प्रयास कर रही थीं, लेकिन पिछली सरकार में उन्हें रोका गया था।' उनके अनुसार, कुछ उद्यमियों ने वर्तमान सरकार में अपना काम शुरू भी कर दिया है और कई अन्य कतार में हैं।

तृणमूल कांग्रेस और 21 जुलाई की रैली पर टिप्पणी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस में हर रोज नया ड्रामा दिखाई देता है। जनता ने टीएमसी को विपक्ष में बिठाया है, अब वह बराबर से जिम्मेदारी निभाए।' 21 जुलाई को आयोजित होने वाली रैली पर उन्होंने कहा कि यह दिन उन 13 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में मनाया जाता है जो पुलिस की गोलीबारी में शहीद हुए थे, और किसी एक पार्टी द्वारा इस आयोजन पर एकाधिकार उचित नहीं है। गौरतलब है कि TMC ने पुलिस अनुमति से जुड़े मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है।

आगे क्या होगा

यूसीसी ड्राफ्ट की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार इसे प्राथमिकता पर रख रही है। आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों और विधि विशेषज्ञों की राय को ड्राफ्टिंग प्रक्रिया में शामिल किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए दावों की परख अभी बाकी है। उद्योग पर घोष के वादे पिछले एक दशक की निराशा की पृष्ठभूमि में आते हैं — असली कसौटी यह होगी कि कितने निवेश वास्तव में ज़मीन पर उतरते हैं, न कि सिर्फ 'लाइन में' खड़े रहते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में यूसीसी कब लागू होगी?
मंत्री दिलीप घोष के अनुसार यूसीसी 'बहुत जल्द' लागू की जाएगी, लेकिन कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। ड्राफ्ट अभी तैयार हो रहा है और आदिवासी समुदाय के कानूनों को उसमें शामिल किया जा रहा है।
यूसीसी के ड्राफ्ट में आदिवासियों के लिए क्या प्रावधान होंगे?
घोष ने कहा कि देश के कई हिस्सों में आदिवासी समुदायों के लिए अलग-अलग परंपरागत कानून प्रचलित हैं और ड्राफ्ट इन्हें ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। विशिष्ट प्रावधानों का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
बंगाल में उद्योग और निवेश को लेकर सरकार की क्या योजना है?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि निवेशकों को बिना देरी अनुमति दी जाएगी और प्रशासनिक प्रक्रिया को सुगम बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों से लंबित कई उद्योग प्रस्तावों पर अब काम शुरू हो रहा है।
21 जुलाई की टीएमसी रैली पर विवाद क्यों है?
21 जुलाई को पुलिस गोलीबारी में शहीद हुए 13 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्मृति में रैली आयोजित होती है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस आयोजन की तैयारी कर चुकी है, लेकिन पुलिस अनुमति न मिलने पर उसने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है। घोष ने किसी एक पार्टी के इस पर एकाधिकार को अनुचित बताया।
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के बारे में क्या कहा?
घोष ने कहा कि TMC में 'हर रोज नया ड्रामा' दिखता है और जनता ने उन्हें विपक्ष में बिठाया है, इसलिए उन्हें जिम्मेदारी से विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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