पश्चिम बंगाल में UCC बिल: CM सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट बैठक में अगस्त तक विधानसभा में पेश करने का प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार, 3 जुलाई 2025 को शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के पहले दो महीनों के कामकाज का मूल्यांकन किया गया। इस बैठक में विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा हुई।
यूसीसी बिल: कैबिनेट की सर्वोच्च प्राथमिकता
सूत्रों के अनुसार, दिन में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक का सबसे अहम एजेंडा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) से जुड़े विधेयक का प्रारूप पेश करना था। सूत्रों ने बताया कि 'फाइनल बिल का ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में गठित नई समिति तैयार करेगी।' इस समिति को अपनी सिफारिशें चार सप्ताह के भीतर सौंपने का निर्देश दिया गया है, और उन्हीं सिफारिशों के आधार पर अंतिम विधेयक तैयार कर अगस्त 2025 में राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
आदिवासी और मूल समुदायों को छूट
गौरतलब है कि 29 जून को विधानसभा में दिए गए अपने संबोधन में मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि राज्य के आदिवासी, मूल निवासी, कुर्मी और अन्य मान्यता प्राप्त प्राचीन आदिवासी समुदायों को प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह छूट उत्तराखंड और गुजरात द्वारा अपनाए गए मॉडल पर आधारित होगी।
UCC का उद्देश्य और राष्ट्रीय संदर्भ
इस विधेयक का मुख्य लक्ष्य धर्म के आधार पर लागू अलग-अलग पर्सनल लॉ (व्यक्तिगत कानून) की जगह पूरे राज्य में एक समान कानूनी ढाँचा स्थापित करना है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड और असम के बाद UCC लागू करने वाला चौथा भारतीय राज्य बन जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब BJP ने अपने चुनावी घोषणापत्र में पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने का स्पष्ट वादा किया था।
BJP सरकार के दो महीने: प्रशासनिक समीक्षा
प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने नई सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल रही। यह समीक्षा बैठक BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बड़ी प्रशासनिक मूल्यांकन प्रक्रिया मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
जस्टिस देसाई समिति की सिफारिशें आने के बाद अंतिम UCC विधेयक का मसौदा तैयार किया जाएगा और उसे अगस्त 2025 में पश्चिम बंगाल विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। विधेयक पारित होने की स्थिति में पश्चिम बंगाल UCC लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा — जो BJP के चुनावी वादे की सबसे बड़ी पूर्ति होगी।