12 जुलाई 2026
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गोवा के CM डॉ. प्रमोद सावंत ने आबूराज में 'राजनीतिज्ञ राष्ट्रीय सम्मेलन' का उद्घाटन किया, 400 जनप्रतिनिधि शामिल

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गोवा के CM डॉ. प्रमोद सावंत ने आबूराज में 'राजनीतिज्ञ राष्ट्रीय सम्मेलन' का उद्घाटन किया, 400 जनप्रतिनिधि शामिल

सारांश

आबूराज के ब्रह्माकुमारीज ज्ञान सरोवर परिसर में तीन दिवसीय राजनीतिज्ञ राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ — गोवा के CM डॉ. प्रमोद सावंत ने दीप जलाया, 400 जनप्रतिनिधि जुटे। विषय: 'शांतिपूर्ण समाज के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता' — एक संकेत कि नैतिक राजनीति का विमर्श अब सम्मेलन कक्षों से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर आ रहा है।

मुख्य बातें

गोवा के मुख्यमंत्री डॉ.
प्रमोद सावंत ने 12 जुलाई को आबूराज (सिरोही) में तीन दिवसीय राजनीतिज्ञ राष्ट्रीय सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया।
सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 400 जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
प्रथम सत्र का विषय 'शांतिपूर्ण समाज के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता' रखा गया।
सावंत ने कहा कि शासन व्यवस्था रामराज्य की भावना पर आधारित होनी चाहिए जहाँ न्याय और जनकल्याण सर्वोपरि हों।
आगामी सत्रों में नेतृत्व, नैतिक राजनीति और जनसेवा पर विचार-विमर्श होगा।

गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने 12 जुलाई को आबूराज (सिरोही) स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान के ज्ञान सरोवर परिसर में तीन दिवसीय राजनीतिज्ञों के राष्ट्रीय सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 400 जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं राजनीतिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन का उद्देश्य और प्रथम सत्र

सम्मेलन के प्रथम सत्र का केंद्रीय विषय 'शांतिपूर्ण समाज के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता' रखा गया। वक्ताओं ने इस सत्र में राजनीति और आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय पर विस्तार से विचार रखे। उनका मत था कि समाज में शांति, सौहार्द और सकारात्मक परिवर्तन के लिए राजनीति में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का समावेश अनिवार्य है। जनप्रतिनिधियों से सेवा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

उद्घाटन समारोह में गणमान्य अतिथि

उद्घाटन समारोह में ब्रह्माकुमारीज के महासचिव बीके करुणा, बीके आशा, तेलंगाना सरकार की मंत्री सविता अनुसूया, प्रभाग अध्यक्ष बीके लक्ष्मी, राष्ट्रीय संयोजक बीके उषा तथा बीके सपना सहित अनेक गणमान्य हस्तियाँ उपस्थित रहीं। संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. सावंत का पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री का संबोधन

डॉ. सावंत ने अपने संबोधन में कहा, 'राजनेता बिना किसी लाभ के कहीं नहीं जाते, लेकिन यहाँ हम आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए आए हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों का जनता के साथ सतत संवाद लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इसी से विकास की गति को मजबूती मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'जो प्रजा का सुख होता है, वही राजा का सुख होता है।' उनके अनुसार, राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी साधन है। उन्होंने ईमानदारी, सेवा-भाव और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन व्यवस्था रामराज्य की भावना पर आधारित होनी चाहिए, जहाँ न्याय, सुशासन और जनकल्याण सर्वोपरि हों।

सामाजिक विभाजन पर चिंता

समाज में बढ़ती कटुता और विभाजन पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. सावंत ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज जैसी आध्यात्मिक संस्थाएँ प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देकर सामाजिक समरसता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब राजनीतिक विमर्श में नैतिक मूल्यों की कमी को लेकर देशव्यापी बहस जारी है।

आगामी सत्रों की रूपरेखा

तीन दिवसीय सम्मेलन के शेष सत्रों में नेतृत्व, नैतिक राजनीति, जनसेवा और आध्यात्मिकता जैसे विषयों पर देशभर से आए प्रतिनिधि विचार-विमर्श करेंगे। यह आयोजन राजनीति और आध्यात्मिकता के संगम पर एक राष्ट्रीय संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 400 सक्रिय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति इसे महज प्रतीकात्मक आयोजन से अलग करती है। असली सवाल यह है कि क्या 'रामराज्य' और 'आध्यात्मिक लाभ' जैसी बातें सम्मेलन कक्ष के बाहर नीति-निर्माण और जवाबदेही में भी दिखेंगी। ब्रह्माकुमारीज का यह मंच राजनेताओं को आत्म-मंथन का अवसर देता है, परंतु मतदाताओं के लिए यह तभी सार्थक होगा जब इसके संकल्प शासन में परिलक्षित हों।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आबूराज में राजनीतिज्ञ राष्ट्रीय सम्मेलन क्या है?
यह ब्रह्माकुमारीज संस्थान के ज्ञान सरोवर परिसर, आबूराज (सिरोही) में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें राजनीति में आध्यात्मिक मूल्यों के समावेश पर चर्चा होती है। इसमें देशभर से लगभग 400 जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन का उद्घाटन किसने किया और कब हुआ?
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने 12 जुलाई को दीप प्रज्ज्वलित कर इस सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन किया। समारोह में ब्रह्माकुमारीज के वरिष्ठ पदाधिकारी और तेलंगाना सरकार की मंत्री सविता अनुसूया सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सम्मेलन के प्रथम सत्र का विषय क्या था?
प्रथम सत्र का विषय 'शांतिपूर्ण समाज के लिए राजनीति में आध्यात्मिकता' रखा गया। वक्ताओं ने नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को राजनीति में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
CM डॉ. प्रमोद सावंत ने सम्मेलन में क्या कहा?
डॉ. सावंत ने कहा कि राजनेता यहाँ आध्यात्मिक लाभ के लिए आए हैं और शासन व्यवस्था रामराज्य की भावना पर आधारित होनी चाहिए जहाँ न्याय, सुशासन और जनकल्याण सर्वोपरि हों। उन्होंने 'जो प्रजा का सुख होता है, वही राजा का सुख होता है' — इस सिद्धांत को सुशासन की नींव बताया।
सम्मेलन के आगामी सत्रों में किन विषयों पर चर्चा होगी?
तीन दिवसीय सम्मेलन के शेष सत्रों में नेतृत्व, नैतिक राजनीति, जनसेवा और आध्यात्मिकता जैसे विषयों पर देशभर से आए प्रतिनिधि विचार-विमर्श करेंगे। यह आयोजन राजनीतिक नेतृत्व में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना पर केंद्रित राष्ट्रीय संवाद का मंच बन रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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