अमेरिकी छात्र वीजा में देरी पर 30 सीनेटरों ने रुबियो को लिखा पत्र, नए सत्र से पहले समाधान की मांग
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के 30 सीनेटरों के एक द्विदलीय समूह ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर छात्र और एक्सचेंज विज़िटर वीजा प्रक्रिया में हो रही गंभीर देरी पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सीनेटरों की चेतावनी है कि यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो हज़ारों अंतरराष्ट्रीय छात्र नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले अमेरिका नहीं पहुँच पाएंगे, जिससे विश्वविद्यालयों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
मुख्य घटनाक्रम
मेन के इंडिपेंडेंट सीनेटर एंगस किंग के नेतृत्व में सांसदों ने एफ, एम और जे श्रेणी के वीजा आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर प्रोसेस करने की मांग रखी। पत्र में कहा गया कि कई अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में समय पर अपॉइंटमेंट उपलब्ध नहीं हो रहे, जिससे आवेदकों में अनिश्चितता का माहौल है।
सीनेटरों ने अपने पत्र में लिखा, 'हम उन छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए वीजा अपॉइंटमेंट उपलब्ध न होने को लेकर चिंतित हैं, जो कक्षाएं शुरू होने और नए शैक्षणिक वर्ष से पहले अमेरिका पहुंचना चाहते हैं।' उनका कहना है कि संबंधित पक्षों ने बताया है कि कुछ अमेरिकी मिशनों में समय पर स्लॉट नहीं मिल रहे।
विदेश मंत्रालय से क्या माँगें रखी गईं
पत्र में अमेरिकी विदेश मंत्रालय (स्टेट डिपार्टमेंट) से चार प्रमुख कदम उठाने को कहा गया है। पहला — छात्र वीजा आवेदनों के इंटरव्यू और प्रोसेसिंग को फिर से प्राथमिकता दी जाए। दूसरा — सत्यापित लौटने वाले छात्रों के लिए इंटरव्यू में छूट का विस्तार किया जाए। तीसरा — दूतावासों में पर्याप्त स्टाफिंग सुनिश्चित की जाए। चौथा — आवेदकों और शैक्षणिक संस्थानों को प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता दी जाए।
इसके अतिरिक्त, सांसदों ने विदेश मंत्रालय से यह भी जानकारी माँगी है कि वीजा लंबित मामलों को कम करने के लिए क्या संसाधन लगाए गए हैं और 2025 की गर्मियों के बाद प्रोसेसिंग प्राथमिकताओं में कोई बदलाव हुआ है या नहीं। सबसे बड़े पाँच वीजा प्रोसेसिंग केंद्रों में एफ, एम और जे वीजा के औसत प्रोसेसिंग समय की जानकारी भी माँगी गई है।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
सीनेटरों ने अपनी माँग को आर्थिक तर्कों से भी पुष्ट किया। पत्र के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिकी स्थानीय अर्थव्यवस्था में हर साल लगभग $43 अरब (43 बिलियन डॉलर) का योगदान देते हैं। 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में इन छात्रों ने 3.55 लाख से अधिक अमेरिकी नौकरियों को समर्थन दिया।
यह भी उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिकी उच्च शिक्षा प्रणाली में कुल नामांकन का केवल लगभग 6 प्रतिशत हैं, लेकिन विश्वविद्यालयों की आय और अमेरिकी छात्रों के लिए अवसरों में उनकी भूमिका असंगत रूप से बड़ी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक आयाम
सीनेटरों ने केवल आर्थिक पहलू तक सीमित नहीं रहे — उन्होंने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय छात्र वैश्विक संबंधों, सांस्कृतिक समझ और दीर्घकालिक कूटनीतिक संबंधों को मज़बूत बनाकर अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान देते हैं। उनका कहना है कि वीजा प्रोसेसिंग में जारी देरी इन दीर्घकालिक लाभों को खतरे में डाल सकती है।
यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन के अंतर्गत आव्रजन नीतियों को लेकर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय छात्रों में अनिश्चितता का माहौल है। आलोचकों का कहना है कि वीजा प्रक्रिया में बाधाएं अमेरिकी विश्वविद्यालयों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को कमज़ोर कर सकती हैं।
क्या होगा आगे
सीनेटरों ने विदेश मंत्रालय से उनके सवालों का लिखित जवाब देने की माँग की है। यह देखना होगा कि विदेश मंत्री रुबियो इस द्विदलीय दबाव पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या नए शैक्षणिक सत्र से पहले वीजा प्रक्रिया में कोई ठोस सुधार हो पाता है।