25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान राष्ट्रपति पेजेश्कियन की अमेरिका को चेतावनी: भाषा और रवैया बदलो, दबाव की नीति बेकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान राष्ट्रपति पेजेश्कियन की अमेरिका को चेतावनी: भाषा और रवैया बदलो, दबाव की नीति बेकार

सारांश

ईरान-अमेरिका एमओयू की 60-दिन की समय-सीमा 17 अगस्त को खत्म हो चुकी है और वार्ता का भविष्य धुंधला है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका से भाषा बदलने को कहा, तो विदेश मंत्रालय ने होर्मुज नाकेबंदी को 'आक्रामक कार्रवाई' करार दिया — तनाव चरम पर है।

मुख्य बातें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 25 अगस्त को तेहरान में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात के दौरान अमेरिका को भाषा और रवैया बदलने की चेतावनी दी।
18 जून को हस्ताक्षरित ईरान-अमेरिका एमओयू की 60 दिन की समय-सीमा 17 अगस्त को समाप्त हो गई; अंतिम समझौता नहीं हुआ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा — ईरान युद्ध का अंत 'आक्रामक पक्ष' की शर्तों पर नहीं होने देगा।
बाघेई ने अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को 'आक्रामक कार्रवाई' और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दावों को खारिज किया।
ईरान ने चेतावनी दी कि अमेरिकी ईरान-विरोधी कार्रवाइयों में सहयोग करने वाले देशों को परिणाम भुगतने होंगे।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 25 अगस्त 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपनी भाषा और नजरिए में बुनियादी बदलाव लाना होगा। राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पेजेश्कियन ने तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि दबाव और धमकी पर टिकी नीतियाँ मामले को सुलझाने के बजाय और उलझाएँगी।

बैठक का संदर्भ और मुख्य बातें

पेजेश्कियन ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ बैठक में इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को ईरान के वैध अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में अपनी जिम्मेदारियाँ निभानी होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि 18 जून को हस्ताक्षरित शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तय लक्ष्यों को दोनों देशों की संयुक्त इच्छाशक्ति और सहयोग से हासिल किया जा सकता है।

गौरतलब है कि उस एमओयू के तहत दोनों पक्षों को 60 दिनों के भीतर बातचीत पूरी कर अंतिम समझौते तक पहुँचना था। यह समय-सीमा 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है, और दोनों देशों के बीच हालिया तनाव के बाद इन वार्ताओं का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।

ईरानी विदेश मंत्रालय की कड़ी चेतावनी

इसी दिन तेहरान में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने भी अमेरिका के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'हमने निश्चित रूप से युद्ध की शुरुआत नहीं की है, लेकिन हम यह भी नहीं होने देंगे कि युद्ध का अंत आक्रामक पक्षों की शर्तों पर हो।'

बाघेई ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी भूमि और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह न तो 'आक्रामक पक्षों' के सामने झुकेगा और न ही उनकी 'अत्यधिक मांगों' को स्वीकार करेगा।

होर्मुज स्ट्रेट और प्रतिबंधों पर विवाद

बाघेई ने अमेरिका के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ है और हर दिन लाखों बैरल तेल वहाँ से गुजर रहा है। उन्होंने अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को 'आक्रामक कार्रवाई' करार दिया।

प्रवक्ता ने हाल ही में अमेरिका द्वारा घोषित ईरान-विरोधी आर्थिक कार्रवाइयों की भी कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि तेहरान इन प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए अपनी सभी बहुपक्षीय क्षमताओं का इस्तेमाल करेगा। उनके अनुसार, ये प्रतिबंध स्वतंत्र व्यापार और देशों की संप्रभुता के लिए हानिकारक हैं।

तीसरे देशों को चेतावनी

बाघेई ने यह भी चेतावनी दी कि जो देश अमेरिका की ईरान-विरोधी कार्रवाइयों में सहयोग करेंगे, उन्हें इसके गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका कथित तौर पर अपने सहयोगी देशों पर ईरान के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध सीमित करने का दबाव बना रहा है।

आगे क्या होगा

एमओयू की 60 दिन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद अब दोनों देशों के बीच किसी नई वार्ता की रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की गई है। विश्लेषकों के अनुसार, ईरान-अमेरिका संबंधों की दिशा आने वाले हफ्तों में होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति और प्रतिबंधों के असर पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि घरेलू दबाव में दिया गया कठोर संदेश लगता है। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी दावों को सार्वजनिक रूप से खारिज करना और तीसरे देशों को 'परिणाम' की चेतावनी देना दर्शाता है कि तेहरान अब वार्ता की मेज से ज्यादा दबाव की राजनीति पर दांव लगा रहा है। यह पैटर्न 2015 के बाद से हर बड़े ईरान-अमेरिका गतिरोध में देखा गया है — और हर बार इसकी कीमत आम ईरानी नागरिकों ने चुकाई है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान-अमेरिका एमओयू क्या था और इसकी समय-सीमा क्यों अहम है?
18 जून 2026 को हस्ताक्षरित इस शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत पूरी कर अंतिम समझौते तक पहुँचना था। यह समय-सीमा 17 अगस्त को समाप्त हो गई और कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ, जिससे वार्ता का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
पेजेश्कियन ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ बैठक में क्या कहा?
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ तेहरान में हुई बैठक में कहा कि अमेरिका को ईरान के वैध अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभानी होंगी। उन्होंने दबाव और धमकी की नीति को प्रक्रियाओं को जटिल बनाने वाला बताया।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का क्या रुख है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अमेरिका के उन दावों को खारिज किया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है और वहाँ से रोज लाखों बैरल तेल गुजर रहा है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को 'आक्रामक कार्रवाई' करार दिया।
ईरान ने तीसरे देशों को क्या चेतावनी दी?
प्रवक्ता बाघेई ने कहा कि जो देश अमेरिका की ईरान-विरोधी कार्रवाइयों में सहयोग करेंगे, उन्हें इसके परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। ईरान ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए अपनी सभी बहुपक्षीय क्षमताओं का इस्तेमाल करेगा।
ईरान-अमेरिका वार्ता आगे कहाँ जाएगी?
एमओयू की समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसी नई वार्ता की रूपरेखा सार्वजनिक नहीं की गई है। दोनों देशों के बीच हालिया तनाव को देखते हुए वार्ता का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले