9 अगस्त 2026
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ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन: अमेरिका विश्वास बहाल करे, तो एमओयू के तहत शांति संभव

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ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन: अमेरिका विश्वास बहाल करे, तो एमओयू के तहत शांति संभव

सारांश

ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन का संदेश साफ है — शांति का दरवाज़ा खुला है, लेकिन चाबी अमेरिका के हाथ में है। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद भी ईरान ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं: विश्वास बनाओ, तभी प्रतिबद्धता टिकेगी।

मुख्य बातें

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 9 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान एमओयू के आधार पर शांति की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है।
शर्त यह है कि अमेरिका अपने द्वारा बनाए गए अविश्वास के माहौल को समाप्त करे और भरोसे की स्थिति बनाए।
पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान की प्रतिबद्धताएँ अमेरिकी अनुपालन के स्तर के अनुरूप रहेंगी — अनुपालन नहीं तो प्रतिबद्धता नहीं।
बलप्रयोग की किसी भी कोशिश को ईरान अस्वीकार करेगा; अंतिम निर्णय सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का होगा।
पेजेश्कियन ने एमओयू को लेकर नेतृत्व में मतभेद की अफवाहों को खारिज किया और पद पर बने रहने की पुष्टि की।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 9 अगस्त को स्पष्ट किया कि तेहरान अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित ज्ञापन समझौते (एमओयू) के आधार पर शांति की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है, लेकिन इसके लिए वाशिंगटन को पहले अविश्वास का वह माहौल समाप्त करना होगा जो उसने स्वयं निर्मित किया है। पेजेश्कियन ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही, जिसमें उन्होंने एमओयू पर हस्ताक्षर करने के अपनी सरकार के फैसले का बचाव भी किया।

एमओयू पर ईरान का रुख

पेजेश्कियन ने कहा, "अब समझौते पर पहुंचने का सबसे अच्छा समय है, क्योंकि देश में एकजुटता, ताकत और एकता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान एमओयू के प्रत्येक पैराग्राफ को आधार मानकर शांति के पथ पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ईरान की प्रतिबद्धताएँ अमेरिका के अनुपालन के स्तर के अनुरूप ही रहेंगी।

शर्तें और सीमाएँ

राष्ट्रपति ने यह भी कहा, "जहाँ भी वे अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने में नाकाम होंगे, वहाँ हमारी भी उसे जारी रखने की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका बलप्रयोग का रास्ता अपनाता है, तो ईरान उसे स्वीकार नहीं करेगा। गौरतलब है कि ईरान की किसी भी कार्रवाई का अंतिम आधार सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के निर्णय होंगे।

नेतृत्व में एकता पर जोर

यह बयान ऐसे समय में आया है जब एमओयू को लेकर ईरानी नेतृत्व में आंतरिक मतभेद की अफवाहें फैली हुई थीं। पेजेश्कियन ने इस सप्ताह की शुरुआत में इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे पद नहीं छोड़ रहे और अपने दायित्वों का पूरी तरह निर्वहन जारी रखेंगे। उन्होंने बातचीत के ज़रिये ईरान के अधिकारों की रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि तेहरान को किसी भी दबाव में झुकने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

कूटनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका संबंध दशकों के तनाव के बाद एक नाजुक मोड़ पर हैं। ईरानी सरकार का कहना है कि उसने युद्ध समाप्त करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में एमओयू पर हस्ताक्षर किए। आलोचकों का कहना है कि अमेरिका की ओर से ठोस कदमों के बिना यह समझौता कागज़ी रह सकता है। पेजेश्कियन ने शुक्रवार को अपने कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित एक साक्षात्कार में भी इन्हीं बिंदुओं को दोहराया था।

आगे की राह

फिलहाल दोनों पक्षों के बीच एमओयू के क्रियान्वयन की शर्तों पर विस्तृत चर्चा जारी है। ईरान का रुख यह है कि शांति तभी टिकाऊ होगी जब दोनों पक्ष अपनी-अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरे उतरें। आने वाले हफ्तों में अमेरिकी प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह कूटनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है या ठहर जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और राष्ट्रपति का यह स्पष्टीकरण उतना ही आंतरिक दर्शकों के लिए है जितना अमेरिका के लिए। असली सवाल यह है कि 'विश्वास बहाली' की परिभाषा दोनों पक्ष एक जैसी मानते हैं या नहीं — क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच इस शब्द की व्याख्या दशकों से अलग-अलग रही है। सर्वोच्च नेता को अंतिम निर्णायक बताना यह भी दर्शाता है कि पेजेश्कियन की कूटनीतिक स्वायत्तता सीमित है — और यही सीमा किसी भी समझौते की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित एमओयू क्या है?
यह ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित एक ज्ञापन समझौता (MOU) है, जिसे तेहरान ने युद्ध समाप्त करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक कदम के रूप में प्रस्तुत किया है। इसके विस्तृत प्रावधाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन ईरानी राष्ट्रपति ने इसे शांति की बुनियाद बताया है।
पेजेश्कियन ने शांति के लिए क्या शर्त रखी है?
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका को पहले उस अविश्वास के माहौल को खत्म करना होगा जो उसने स्वयं बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की प्रतिबद्धताएँ अमेरिकी अनुपालन के स्तर के अनुरूप ही रहेंगी।
क्या ईरानी नेतृत्व में एमओयू को लेकर मतभेद है?
इस सप्ताह एमओयू को लेकर ईरानी नेतृत्व में आंतरिक मतभेद की अफवाहें फैली थीं, लेकिन पेजेश्कियन ने इन्हें खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे पद पर बने हैं और अपने दायित्वों का पूरी तरह निर्वहन जारी रखेंगे।
ईरान में अंतिम विदेश नीति निर्णय कौन लेता है?
पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान की किसी भी कार्रवाई का अंतिम आधार सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के निर्णय होंगे। यह ईरानी संवैधानिक ढाँचे के अनुरूप है, जहाँ राष्ट्रपति से ऊपर सर्वोच्च नेता की भूमिका होती है।
अगर अमेरिका एमओयू की शर्तें पूरी नहीं करता तो क्या होगा?
पेजेश्कियन ने कहा कि जहाँ भी अमेरिका अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने में नाकाम होगा, ईरान की भी उसे जारी रखने की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। बलप्रयोग की किसी भी कोशिश को ईरान अस्वीकार करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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