एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला स्कीट टीम ने जीता ब्रॉन्ज, राइजा ढिल्लों बोलीं — 'तैयारियां बेहतरीन थीं'
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में 23 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला स्कीट टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। परिनाज, राइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान की तिकड़ी ने मिलकर 331 का स्कोर बनाया और देश को गौरवान्वित किया। यह भारतीय शूटिंग दल के लिए नागोया में एक अहम उपलब्धि है।
मुख्य घटनाक्रम
महिला स्कीट टीम इवेंट के फाइनल में भारतीय तिकड़ी ने संयुक्त प्रयास से 331 का स्कोर हासिल किया, जो उन्हें ब्रॉन्ज मेडल पोडियम तक ले गया। मुकाबले के दौरान बारिश और प्रतिकूल हवाओं के बावजूद तीनों खिलाड़ियों ने अपनी एकाग्रता बनाए रखी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन किया।
राइजा ढिल्लों की प्रतिक्रिया
राइजा ने कहा, 'हम सभी बहुत खुश हैं। हमें इस मेडल की पूरी उम्मीद थी, क्योंकि हमारी तैयारियां काफी अच्छी चल रही थीं। यह हमारे देश और हमारे लिए एक बड़ी जीत है। मुझे खुद और अपनी टीम पर गर्व है।' राइजा ने स्पष्ट किया कि फाइनल में हुई बारिश से उन्हें कोई खास परेशानी नहीं हुई — 'मैंने इससे भी खराब मौसम में खेला है।'
राइजा ने इस मेडल को अपने माता-पिता, टीम, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और NRI समुदाय को समर्पित किया। उन्होंने SAI की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, 'SAI ने हमारे लिए कई कैंप आयोजित किए और अंतरराष्ट्रीय कोचों की व्यवस्था की। अगर SAI हमारी मदद नहीं करता, तो यहाँ तक का सफर मुमकिन नहीं होता।'
माहेश्वरी चौहान की प्रतिक्रिया
माहेश्वरी चौहान ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'मैं बहुत आभारी महसूस कर रही हूँ। हम तीनों बहुत किस्मत वाले हैं कि हमें अपने देश के लिए परफॉर्म करने और मेडल जीतने का मौका मिला।' उन्होंने माना कि अभी भी बहुत काम बाकी है और आगे का सफर लंबा है।
बारिश में शूटिंग के बारे में माहेश्वरी ने एक रोचक बात कही — 'मुझे व्यक्तिगत रूप से बारिश में शूटिंग करना पसंद है। बारिश देखकर मुझे खुशी हुई क्योंकि हम काफी समय से इसका इंतजार कर रहे थे।' हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि हवाएं उतनी अनुकूल नहीं थीं, फिर भी उन्होंने इसे एक 'चुनौतीपूर्ण पर अच्छा मुकाबला' बताया।
SAI और फेडरेशन का योगदान
माहेश्वरी ने बताया कि जुलाई से ही टीम एशियन गेम्स की तैयारी के लिए कैंप में थी। मई में ही टीम का चयन हो जाने से उन्हें बतौर टीम तीन से चार महीने की संयुक्त तैयारी का अवसर मिला। SAI और नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) द्वारा आयोजित कैंप, ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय कोचिंग ने इस सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई।
आगे की संभावनाएँ
राइजा ने उम्मीद जताई कि नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग दल अभी और पदक जीतेगा — 'अभी हमारे कई इवेंट्स बाकी हैं, तो हम जाहिर तौर पर अभी कई और मेडल जीतकर यहाँ से जाएंगे।' यह जीत भारतीय शूटिंग की उस बढ़ती ताकत का संकेत है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान बना रही है।