राइजा ढिल्लों बोलीं — शूटिंग में लड़कियाँ कर रही हैं कमाल, वर्ल्ड कप और वर्ल्ड चैंपियनशिप है अगला लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में महिला स्कीट टीम स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली निशानेबाज राइजा ढिल्लों ने 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'खेल महाकुंभ 2026' स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में कहा कि भारतीय शूटिंग में लड़कियाँ अब बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं और आने वाले समय में और पदक आने की पूरी उम्मीद है। दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित इस महाकुंभ में एशियन गेम्स 2026 के कई पदक विजेता खिलाड़ी एकत्रित हुए, जिन्होंने युवाओं के साथ अपने अनुभव साझा किए।
राइजा ढिल्लों का ऐतिहासिक पदक और भविष्य की तैयारी
राइजा ढिल्लों ने कहा, 'एशियन गेम्स में हमारा यह मेडल ऐतिहासिक था। हमने कभी स्कीट विमेंस में मेडल नहीं जीता था, तो यह हमारे लिए काफी गर्व की बात है, पूरे देश के लिए गर्व की बात है।' उन्होंने जोड़ा कि इस खेल में काफी गुंजाइश है और भारतीय शूटर्स शॉटगन जैसी स्पर्धाओं में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रहे हैं। राइजा के अनुसार उनका अगला बड़ा लक्ष्य आने वाले इंटरनेशनल वर्ल्ड कप और वर्ल्ड चैंपियनशिप हैं, जिसकी तैयारी जोरों पर है।
युवा खिलाड़ियों के लिए राइजा का संदेश
युवाओं को प्रेरित करते हुए राइजा ढिल्लों ने कहा कि 'अपने लक्ष्य से न भटकें, अपना एक अच्छा रूटीन बनाएं, अच्छी कोचिंग लें और अपनी तकनीक पर फोकस करें।' यह संदेश उन लाखों युवा लड़कियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो शूटिंग जैसे गैर-पारंपरिक खेलों में करियर बनाना चाहती हैं। गौरतलब है कि महिला स्कीट में यह भारत का पहला एशियन गेम्स पदक था।
नाविक नेत्रा कुमानन और कबड्डी खिलाड़ियों के अनुभव
भारतीय नाविक नेत्रा कुमानन ने खेल महाकुंभ के पहले सत्र में शिरकत करते हुए कहा कि खेल सच में किसी का जीवन बदल सकता है और हर उम्र के लोगों को खेलों में भाग लेना चाहिए। वहीं, एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला कबड्डी खिलाड़ी निकिता कुमारी ने बताया कि यह उनका तीसरा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था और तीनों में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता है। निकिता ने कहा कि टीम का मानना है कि 'एक दिन की छुट्टी भी हमें दूसरों से पीछे कर सकती है।'
PM मोदी से मुलाकात और प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मुलाकात की। निकिता कुमारी ने इस अनुभव को 'शानदार' बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को आने वाले ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए प्रेरित किया तथा भरोसा दिलाया कि 'अगर हम कड़ी मेहनत करेंगे, तो सरकार हर कदम पर हमारा साथ देगी।' कबड्डी खिलाड़ी मनीषा कुमारी ने भी कहा कि भारत के लिए गोल्ड जीतना और राष्ट्रगान की धुन पर तिरंगे को सबसे ऊपर लहराते देखना उनके जीवन का सबसे गर्वपूर्ण पल था।
खेल महाकुंभ 2026 का व्यापक संदेश
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी और उनकी उपलब्धियाँ नए मुकाम छू रही हैं। दिल्ली सरकार का 'खेल महाकुंभ 2026' इन चैंपियनों के अनुभवों को आम जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त मंच बना है। आगे और भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय महिला शूटरों के दमदार प्रदर्शन की उम्मीद है।