एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला स्कीट टीम ने जीता कांस्य पदक, राष्ट्रपति मुर्मु और मंडाविया ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में 23 सितंबर को भारतीय निशानेबाज़ी के लिए ऐतिहासिक पल आया, जब परिनाज धालीवाल, राइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान की तिकड़ी ने महिला स्कीट टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। यह महिला स्कीट टीम स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेल पदक है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस उपलब्धि पर तीनों खिलाड़ियों को बधाई दी।
मुकाबले का स्कोरकार्ड
भारतीय तिकड़ी ने तीन दिनों के क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 331 का स्कोर दर्ज किया और क्वालिफिकेशन तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। चीन की चे यूफेई, जियान यिटिंग और जियांग चाओयू ने 347 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। कजाकिस्तान की असेम ओरिनबे, जोया पिस्कुन और एडेल सदाकबायेवा ने 336 के स्कोर के साथ रजत पदक अपने नाम किया।
राष्ट्रपति और मंत्रियों की बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, 'परिनाज धालीवाल, राइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान को एशियन गेम्स 2026 में विमेंस स्कीट टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतने पर बधाई। आपके स्किल, पक्के इरादे और टीम भावना ने देश को गर्व महसूस कराया है। उम्मीद है आप भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करती रहेंगी।'
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक्स पर लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 में विमेंस स्कीट टीम इवेंट में पहला कांस्य पदक जीतने पर परिनाज धालीवाल, राइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान को बहुत-बहुत बधाई।' संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी एक्स पर लिखते हुए इसे 'भारतीय शूटिंग के लिए नया कीर्तिमान' बताया।
तीनों खिलाड़ियों का परिचय
माहेश्वरी चौहान राजस्थान के सियाना की रहने वाली हैं और महिला स्कीट इवेंट में विशेषज्ञ मानी जाती हैं। राइजा ढिल्लों चंडीगढ़ से हैं और महिला स्कीट स्पर्धाओं में अपनी निरंतर उपस्थिति के लिए जानी जाती हैं। परिनाज धालीवाल पटियाला, पंजाब की हैं और स्कीट व्यक्तिगत, स्कीट टीम तथा मिक्स्ड टीम स्कीट — तीनों इवेंट्स में देश का प्रतिनिधित्व करती हैं।
भारतीय शूटिंग के लिए ऐतिहासिक पल
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय निशानेबाज़ी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में लगातार अपनी पहचान मज़बूत कर रही है। गौरतलब है कि महिला स्कीट टीम इवेंट में यह भारत की पहली एशियाई खेल मेडल एंट्री है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई राह खोलती है। भारतीय निशानेबाज़ी संघ अब ओलंपिक 2028 की तैयारियों में इस प्रदर्शन को आधार बनाएगा।