एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष स्कीट टीम ने नागोया में जीता ब्रॉन्ज, महिला टीम भी पदक विजेता
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में नागोया के शूटिंग रेंज पर 23 सितंबर को भारतीय पुरुष स्कीट टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। भवतेघ सिंह गिल, अनंतजीत सिंह नारुका और मैराज अहमद खान की तिकड़ी ने फाइनल में 346 का संयुक्त स्कोर दर्ज करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। इससे पहले भारतीय महिला स्कीट टीम भी इसी स्पर्धा में पदक जीत चुकी थी, जिससे एशियाई खेलों में भारत की शूटिंग में दोहरी सफलता दर्ज हुई।
पुरुष स्कीट फाइनल का स्कोरकार्ड
फाइनल मुकाबले में कतर की टीम ने 353 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि कुवैत ने 348 अंकों के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। भारतीय तिकड़ी 346 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रही और ब्रॉन्ज मेडल से संतोष किया। उल्लेखनीय है कि अनंतजीत सिंह नारुका ने इस स्पर्धा के व्यक्तिगत फाइनल के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है, जिससे भारत के पदक की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
महिला स्कीट टीम का भी शानदार प्रदर्शन
पुरुष टीम से पहले परिनाज धालीवाल, रजिया ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान की भारतीय महिला स्कीट टीम ने 331 का स्कोर कर तीसरा स्थान हासिल किया था। इस तरह एक ही स्पर्धा में भारत की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का परचम लहराया। यह एशियन गेम्स के इतिहास में स्कीट शूटिंग में भारत की उल्लेखनीय उपस्थिति का प्रमाण है।
मनु भाकर और महिला एयर पिस्टल टीम से चूका मेडल
हालांकि, 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत इवेंट में मनु भाकर 181.1 के स्कोर के साथ पाँचवें स्थान पर रहीं और पदक से वंचित रह गईं। मनु अपने प्रदर्शन से स्पष्ट रूप से निराश नज़र आईं। इसी इवेंट के टीम मुकाबले में मनु भाकर, ईशा और सुरुचि की तिकड़ी मामूली अंतर से चूककर चौथे स्थान पर रही।
शूटिंग में भारत का समग्र पदक प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में अब तक भारत को सर्वाधिक पदक शूटिंग से ही मिले हैं। 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद ने सिल्वर मेडल जीता, और इसके बाद इलावेनिल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी सिल्वर अपने नाम किया। पुरुष वर्ग में पार्थ माने, हिमांशु ढिल्लों और रुद्राक्ष पाटिल की टीम ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि हिमांशु ने व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर और रुद्राक्ष ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियाई स्तर पर शूटिंग में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा है। गौरतलब है कि नागोया में भारतीय निशानेबाज़ों का यह सामूहिक प्रदर्शन देश की शूटिंग अकादमियों और राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की दीर्घकालिक मेहनत का परिणाम है।
आगे क्या
अनंतजीत सिंह नारुका के व्यक्तिगत स्कीट फाइनल में उतरने से भारत के पास एक और पदक जीतने का सुनहरा अवसर है। शूटिंग में भारत की पदक तालिका और समृद्ध होने की उम्मीद है, और एशियन गेम्स 2026 में देश के निशानेबाज़ों का यह अभियान आने वाले वर्षों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।