30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान-अमेरिका शांति एमओयू देश और क्षेत्र के हित में: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान-अमेरिका शांति एमओयू देश और क्षेत्र के हित में: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

सारांश

ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका से हस्ताक्षरित एमओयू को क्षेत्र के हित में बताया, लेकिन 60 दिन की समयसीमा बीत चुकी है और वार्ताओं का भविष्य अनिश्चित है — ऐसे में तेहरान की कूटनीतिक और सैन्य दोहरी रणनीति साफ दिखती है।

मुख्य बातें

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 30 अगस्त 2026 को कहा कि अमेरिका से हस्ताक्षरित एमओयू पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के हित में है।
18 जून को हस्ताक्षरित एमओयू के तहत 60 दिनों में अंतिम समझौते की समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है।
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को प्रभावित करने और युद्ध लंबा खींचने के 'बड़े स्तर पर' प्रयासों की चेतावनी दी।
आईआरजीसी ने सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में कार्रवाई कर एक 'आतंकी' को मार गिराया, छह अन्य गिरफ्तार ।
पिछले महीने तनाव बढ़ने के बाद वार्ताओं की दिशा अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 30 अगस्त 2026 को तेहरान में आयोजित एक समारोह में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) न केवल ईरान, बल्कि पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के व्यापक हित में है। राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, पेजेश्कियन ने इस समझौते को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम बताया।

समझौते पर राष्ट्रपति का रुख

पेजेश्कियन ने कहा कि इस एमओयू के प्रभावी होने के बाद अमेरिका और इजरायल पश्चिम एशिया में अराजकता, आक्रामकता और असुरक्षा का माहौल बनाने में सक्षम नहीं रहेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इससे क्षेत्र के देशों को स्थिरता और विकास के पथ पर अग्रसर होने का अवसर प्राप्त होगा।

उन्होंने मुस्लिम देशों के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि इसी से 'दुश्मनों की साजिशों' को नाकाम किया जा सकता है। पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया, 'ईरान ने कभी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की है। हम युद्ध का स्वागत नहीं करते, लेकिन किसी भी हमलावर के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे। कोई भी ताकत ऐसे देश को झुकाने के लिए मजबूर नहीं कर सकती जो पूरी ताकत और इच्छाशक्ति के साथ खड़ा हो।'

विदेश मंत्री की चेतावनी

इसी बीच, शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए आगाह किया कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों को निजी लाभ के लिए प्रभावित करने और ईरान के विरुद्ध अमेरिका के युद्ध को लंबा खींचने के लिए 'बड़े स्तर पर' प्रयास किए जा रहे हैं।

आईआरजीसी की बड़ी कार्रवाई

एक अलग बयान में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में अमेरिका और इजरायल से कथित तौर पर जुड़े एक 'आतंकी' समूह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान में समूह के एक सदस्य को मार गिराया गया, जबकि छह अन्य को गिरफ्तार किया गया।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान सहित ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, साथ ही होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निगरानी और नियंत्रण कड़ा कर दिया।

इसके बाद 18 जून को दोनों देशों ने क्षेत्र में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों को 60 दिनों के भीतर बातचीत कर अंतिम समझौते तक पहुँचना था, जिसकी समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है।

वार्ताओं का अनिश्चित भविष्य

पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ने के बाद इन वार्ताओं की दिशा अभी भी स्पष्ट नहीं है। विश्लेषकों के अनुसार, यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और किसी भी अंतिम समझौते की राह में कई बाधाएँ बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन झुकेंगे नहीं' की भाषा और आईआरजीसी की समानांतर सैन्य कार्रवाई यह दर्शाती है कि तेहरान कूटनीतिक मोर्चे पर लचीलापन और सैन्य मोर्चे पर दृढ़ता — दोनों एक साथ बनाए रखना चाहता है। होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण और ऊर्जा बाज़ारों की चेतावनी बताती है कि ईरान के पास दबाव के असरदार उपकरण हैं, जिन्हें वह वार्ता की मेज पर भुनाना चाहेगा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि 17 अगस्त की समयसीमा के बाद भी किसी औपचारिक विफलता की घोषणा नहीं हुई — यह जानबूझकर की गई चुप्पी दोनों पक्षों की रणनीतिक मजबूरियों को उजागर करती है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान और अमेरिका के बीच शांति एमओयू क्या है?
यह 18 जून 2026 को हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन है, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना था। इसके तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत कर अंतिम समझौते तक पहुँचना था, जिसकी समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है।
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने एमओयू पर क्या कहा?
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 30 अगस्त 2026 को तेहरान में कहा कि यह एमओयू ईरान, पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के हित में है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लागू होने के बाद अमेरिका और इजरायल क्षेत्र में अराजकता नहीं फैला पाएंगे।
ईरान-अमेरिका संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई?
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान सहित ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण कड़ा कर दिया।
सिस्तान और बलूचिस्तान में आईआरजीसी की कार्रवाई क्या थी?
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में अमेरिका और इजरायल से कथित तौर पर जुड़े एक 'आतंकी' समूह के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें एक सदस्य मारा गया और छह अन्य गिरफ्तार किए गए।
ईरान-अमेरिका वार्ताओं का भविष्य क्या है?
60 दिन की समयसीमा 17 अगस्त को समाप्त हो जाने और पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ने के बाद वार्ताओं की दिशा अभी अनिश्चित है। यह स्पष्ट नहीं है कि आगे बातचीत किस रूप में जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 महीने पहले