J-1 वीजा वेवर में देरी: सैकड़ों विदेशी डॉक्टरों पर अमेरिका छोड़ने का संकट, 30 जुलाई डेडलाइन
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने चेतावनी दी है कि J-1 वीजा वेवर प्रक्रिया में लंबित प्रशासनिक देरी के कारण विदेश में प्रशिक्षित सैकड़ों डॉक्टरों को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर ग्रामीण इलाकों की पहले से कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ेगा। न्यूयॉर्क से डेमोक्रेट सीनेटर गिलिब्रैंड ने अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि ऑफिस ऑफ ग्लोबल अफेयर्स में अटके मामलों के चलते योग्य डॉक्टर नौकरी शुरू नहीं कर पा रहे।
मुख्य घटनाक्रम
गिलिब्रैंड ने पत्र में लिखा, ‘ऑफिस ऑफ ग्लोबल अफेयर्स में प्रशासनिक रुकावट के कारण सैकड़ों योग्य विदेशी डॉक्टर अमेरिका में अपनी सेवाएं शुरू नहीं कर पा रहे हैं।’ उन्होंने 15 जून तक विभाग से यह ब्यौरा माँगा है कि कितने आवेदन लंबित हैं, उनके निपटारे में कितना समय लग रहा है, और क्या कमी वाले क्षेत्रों के डॉक्टरों के मामलों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
भारतीय डॉक्टरों पर सीधा असर
यह मुद्दा भारत के लिए विशेष रूप से अहम है, क्योंकि अमेरिका में काम कर रहे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल ग्रेजुएट्स (IMG) में भारतीय डॉक्टरों की संख्या सबसे अधिक है। रेजिडेंसी पूरी कर रहे कई भारतीय मूल के डॉक्टरों के लिए 30 जुलाई एक निर्णायक समयसीमा है — यदि तब तक वेवर मंजूर नहीं हुए, तो उन्हें स्वदेश लौटना पड़ सकता है।
न्यूयॉर्क के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर
गिलिब्रैंड के अनुसार, न्यूयॉर्क के कुल डॉक्टरों में एक-तिहाई से अधिक विदेशी प्रशिक्षित हैं। 2025 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य की 16 ग्रामीण काउंटियों में डॉक्टरों की भारी कमी है, कई काउंटियों में एक भी बाल रोग विशेषज्ञ या स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ नहीं है। इन क्षेत्रों में हर 10,000 लोगों पर औसतन केवल 4 प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सक हैं — राज्य के औसत से आधे से भी कम।
J-1 वेवर कार्यक्रम क्यों अहम
J-1 वीजा वेवर कार्यक्रम विदेशी डॉक्टरों को अमेरिका में रहने की अनुमति देता है, बशर्ते वे डॉक्टरों की कमी वाले क्षेत्रों में सेवाएँ दें। गिलिब्रैंड ने लिखा, ‘मेरे कार्यालय को न्यूयॉर्क के कई अस्पतालों और डॉक्टरों से शिकायतें मिली हैं कि उन्हें नौकरी का प्रस्ताव मिलने के बावजूद महीनों से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।’ उन्होंने जोड़ा कि ये देरी मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिरता पर सीधा असर डाल रही है।
विभाग का रुख और आगे की राह
सीनेटर ने बताया कि अप्रैल में अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग ने उनके कार्यालय को सूचित किया था कि ऑफिस ऑफ ग्लोबल अफेयर्स बड़ी संख्या में आवेदनों पर काम कर रहा है और प्रक्रिया में सुधार जारी है। हालाँकि, लंबित मामलों के निपटारे की कोई समयसीमा विभाग ने नहीं बताई। अगले कुछ हफ्तों में विभाग का जवाब तय करेगा कि सैकड़ों डॉक्टरों का भविष्य और ग्रामीण अमेरिका की स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता किस दिशा में जाएगी।