एच-1बी वीजा पर 3 साल की रोक का प्रस्ताव: रिपब्लिकन सीनेटर शीही का नया विधेयक, $2 लाख वेतन अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने 25 जुलाई 2026 को अमेरिकी सीनेट में 'एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट-2026' पेश किया, जिसमें अगले तीन वर्षों तक नए एच-1बी वीजा जारी करने पर पूर्ण रोक लगाने का प्रस्ताव है। यह विधेयक वीजा नियमों को व्यापक रूप से कड़ा करने और विदेशी कर्मचारियों तथा छात्रों से जुड़े कई मौजूदा प्रावधानों को समाप्त करने की सिफारिश करता है। यदि यह कानून बनता है, तो भारतीय आईटी पेशेवरों सहित लाखों विदेशी कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
विधेयक में क्या है प्रस्ताव
सीनेटर शीही के कार्यालय के अनुसार, विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में मौजूदा लॉटरी प्रणाली को समाप्त कर वेतन-आधारित चयन प्रणाली लागू करना शामिल है। प्रत्येक एच-1बी याचिका पर $1,00,000 की फीस लागू करने का प्रस्ताव है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले सुझाया था। इसके अलावा हर साल जारी होने वाले एच-1बी वीजा की अधिकतम संख्या घटाकर 25,000 करने और प्रत्येक एच-1बी कर्मचारी के लिए न्यूनतम $2,00,000 वार्षिक वेतन अनिवार्य करने का भी प्रावधान है।
डुअल इंटेंट और आश्रितों पर असर
विधेयक का एक बड़ा प्रस्ताव 'डुअल इंटेंट' व्यवस्था को समाप्त करना है। वर्तमान में एच-1बी वीजा धारक अमेरिका में कार्यरत रहते हुए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन कर सकते हैं — नए प्रस्ताव के तहत यह सुविधा खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही एच-श्रेणी के वीजा धारकों को अपने आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं होगी। ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) जैसी योजनाएँ भी समाप्त करने का प्रस्ताव है, जिससे विदेशी छात्रों की रोजगार अनुमति पर सीधी चोट पड़ेगी।
नियोक्ताओं पर नई शर्तें
प्रस्तावित कानून के तहत किसी भी विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को यह प्रमाणित करना होगा कि उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है। साथ ही कंपनी को यह भी साबित करना होगा कि उसने पिछले एक वर्ष में कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है और अगले एक वर्ष तक भी नहीं करेगी। थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियाँ एच-1बी कर्मचारियों को प्रायोजित नहीं कर सकेंगी, और एक कर्मचारी एक साथ कई नियोक्ताओं के लिए काम नहीं कर पाएगा। संघीय सरकारी एजेंसियाँ भी गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को प्रायोजित या नियुक्त नहीं कर सकेंगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क
सीनेटर शीही के कार्यालय ने तर्क दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विदेशी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नियुक्ति से डेटा सुरक्षा, अंदरूनी जोखिम और विदेशी प्रभाव जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। कार्यालय का दावा है कि एच-1बी कार्यक्रम अब 'बड़े पैमाने पर श्रम प्रतिस्थापन का माध्यम' बन गया है।
समर्थन और आगे की राह
इस विधेयक को इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट और फेडरेशन फॉर अमेरिकन इमिग्रेशन रिफॉर्म का समर्थन मिला है। गौरतलब है कि यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में आप्रवासन नीति पहले से ही बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। विधेयक को कानून बनने के लिए सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में बहुमत की आवश्यकता होगी — अभी इसकी संभावना स्पष्ट नहीं है।