25 जुलाई 2026
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एच-1बी वीजा पर 3 साल की रोक का प्रस्ताव: रिपब्लिकन सीनेटर शीही का नया विधेयक, $2 लाख वेतन अनिवार्य

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एच-1बी वीजा पर 3 साल की रोक का प्रस्ताव: रिपब्लिकन सीनेटर शीही का नया विधेयक, $2 लाख वेतन अनिवार्य

सारांश

रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही का नया विधेयक एच-1बी कार्यक्रम को जड़ से बदलने की कोशिश है — तीन साल की रोक, $2 लाख न्यूनतम वेतन, डुअल इंटेंट खत्म और OPT पर प्रतिबंध। यह भारतीय आईटी पेशेवरों और विदेशी छात्रों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

मुख्य बातें

रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने 25 जुलाई 2026 को 'एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट-2026' पेश किया।
विधेयक में तीन वर्षों तक नए एच-1बी वीजा जारी करने पर पूर्ण रोक का प्रस्ताव है।
प्रति याचिका $1,00,000 फीस, न्यूनतम वार्षिक वेतन $2,00,000 और वार्षिक वीजा सीमा 25,000 करने का प्रावधान।
डुअल इंटेंट व्यवस्था समाप्त होगी — ग्रीन कार्ड आवेदन की सुविधा खत्म।
OPT सहित विदेशी छात्रों की रोजगार अनुमति योजनाएँ बंद करने का प्रस्ताव।
विधेयक को इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट और फेडरेशन फॉर अमेरिकन इमिग्रेशन रिफॉर्म का समर्थन।

रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने 25 जुलाई 2026 को अमेरिकी सीनेट में 'एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट-2026' पेश किया, जिसमें अगले तीन वर्षों तक नए एच-1बी वीजा जारी करने पर पूर्ण रोक लगाने का प्रस्ताव है। यह विधेयक वीजा नियमों को व्यापक रूप से कड़ा करने और विदेशी कर्मचारियों तथा छात्रों से जुड़े कई मौजूदा प्रावधानों को समाप्त करने की सिफारिश करता है। यदि यह कानून बनता है, तो भारतीय आईटी पेशेवरों सहित लाखों विदेशी कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ सकता है।

विधेयक में क्या है प्रस्ताव

सीनेटर शीही के कार्यालय के अनुसार, विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में मौजूदा लॉटरी प्रणाली को समाप्त कर वेतन-आधारित चयन प्रणाली लागू करना शामिल है। प्रत्येक एच-1बी याचिका पर $1,00,000 की फीस लागू करने का प्रस्ताव है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले सुझाया था। इसके अलावा हर साल जारी होने वाले एच-1बी वीजा की अधिकतम संख्या घटाकर 25,000 करने और प्रत्येक एच-1बी कर्मचारी के लिए न्यूनतम $2,00,000 वार्षिक वेतन अनिवार्य करने का भी प्रावधान है।

डुअल इंटेंट और आश्रितों पर असर

विधेयक का एक बड़ा प्रस्ताव 'डुअल इंटेंट' व्यवस्था को समाप्त करना है। वर्तमान में एच-1बी वीजा धारक अमेरिका में कार्यरत रहते हुए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन कर सकते हैं — नए प्रस्ताव के तहत यह सुविधा खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही एच-श्रेणी के वीजा धारकों को अपने आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं होगी। ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) जैसी योजनाएँ भी समाप्त करने का प्रस्ताव है, जिससे विदेशी छात्रों की रोजगार अनुमति पर सीधी चोट पड़ेगी।

नियोक्ताओं पर नई शर्तें

प्रस्तावित कानून के तहत किसी भी विदेशी कर्मचारी की नियुक्ति से पहले नियोक्ता को यह प्रमाणित करना होगा कि उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है। साथ ही कंपनी को यह भी साबित करना होगा कि उसने पिछले एक वर्ष में कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है और अगले एक वर्ष तक भी नहीं करेगी। थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियाँ एच-1बी कर्मचारियों को प्रायोजित नहीं कर सकेंगी, और एक कर्मचारी एक साथ कई नियोक्ताओं के लिए काम नहीं कर पाएगा। संघीय सरकारी एजेंसियाँ भी गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को प्रायोजित या नियुक्त नहीं कर सकेंगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क

सीनेटर शीही के कार्यालय ने तर्क दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विदेशी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नियुक्ति से डेटा सुरक्षा, अंदरूनी जोखिम और विदेशी प्रभाव जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। कार्यालय का दावा है कि एच-1बी कार्यक्रम अब 'बड़े पैमाने पर श्रम प्रतिस्थापन का माध्यम' बन गया है।

समर्थन और आगे की राह

इस विधेयक को इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट और फेडरेशन फॉर अमेरिकन इमिग्रेशन रिफॉर्म का समर्थन मिला है। गौरतलब है कि यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में आप्रवासन नीति पहले से ही बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। विधेयक को कानून बनने के लिए सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में बहुमत की आवश्यकता होगी — अभी इसकी संभावना स्पष्ट नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अभी अनिश्चित है — लेकिन इसका राजनीतिक संदेश स्पष्ट है: अमेरिका में उच्च-कुशल आप्रवासन के प्रति धैर्य घट रहा है। $2,00,000 की वेतन सीमा व्यावहारिक रूप से छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए एच-1बी को अव्यवहार्य बना देगी। डुअल इंटेंट खत्म करना उन लाखों भारतीयों के लिए सबसे बड़ा झटका होगा जो वर्षों से ग्रीन कार्ड की कतार में हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसे कई प्रस्ताव पहले भी आए और सीनेट में दम तोड़ गए — असली सवाल यह है कि इस बार ट्रंप प्रशासन का समर्थन कितना ठोस है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट-2026 क्या है?
यह रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही द्वारा 25 जुलाई 2026 को पेश किया गया विधेयक है, जिसमें तीन साल तक नए एच-1बी वीजा जारी करने पर रोक और कार्यक्रम में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य अमेरिकी कर्मचारियों को प्राथमिकता देना और कथित दुरुपयोग रोकना बताया गया है।
इस विधेयक से भारतीय आईटी पेशेवरों पर क्या असर होगा?
यदि यह कानून बनता है तो भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए एच-1बी वीजा तीन साल तक बंद हो जाएगा। इसके अलावा डुअल इंटेंट समाप्त होने से ग्रीन कार्ड आवेदन की सुविधा खत्म होगी और $2,00,000 न्यूनतम वेतन की शर्त से कई नियोक्ता विदेशी कर्मचारी नहीं रख पाएंगे।
डुअल इंटेंट व्यवस्था क्या होती है और यह क्यों खत्म होगी?
डुअल इंटेंट वह व्यवस्था है जिसके तहत एच-1बी वीजा धारक अमेरिका में काम करते हुए ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। नया विधेयक इसे समाप्त करना चाहता है, यह तर्क देते हुए कि एच-1बी एक अस्थायी वर्क वीजा है और इसे स्थायी आप्रवासन का रास्ता नहीं बनना चाहिए।
OPT यानी ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर इस विधेयक का क्या असर होगा?
विधेयक में OPT समेत विदेशी छात्रों को मिलने वाली रोजगार अनुमति योजनाएँ समाप्त करने का प्रस्ताव है। इससे अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय और अन्य विदेशी छात्र पढ़ाई के बाद वहाँ काम नहीं कर पाएंगे।
क्या यह विधेयक कानून बन सकता है?
अभी यह विधेयक केवल प्रस्तावित अवस्था में है और इसे कानून बनने के लिए सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में बहुमत की आवश्यकता होगी। इसे इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट और फेडरेशन फॉर अमेरिकन इमिग्रेशन रिफॉर्म का समर्थन मिला है, लेकिन व्यापक राजनीतिक सहमति अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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