यूएस संसद में ट्रंप के एच-1बी वीजा नियमों को समाप्त करने के लिए नया विधेयक पेश

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यूएस संसद में ट्रंप के एच-1बी वीजा नियमों को समाप्त करने के लिए नया विधेयक पेश

सारांश

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक डेमोक्रेटिक सांसद ने राष्ट्रपति ट्रंप के एच-1बी वीजा नियमों को समाप्त करने के लिए एक विधेयक पेश किया है, जो नियोक्ताओं पर सख्त वेतन और शुल्क लगाने वाले थे। क्या यह विधेयक अमेरिका के उच्च कौशल वाले पेशेवरों के लिए एक नई राह खोलेगा?

Key Takeaways

  • डेमोक्रेटिक सांसद ने ट्रंप के एच-1बी वीजा नियमों के खिलाफ विधेयक पेश किया।
  • नियोक्ताओं पर सख्त सैलरी और शुल्क के कारण भर्ती में कठिनाइयाँ आईं।
  • एच-1बी वीजा कार्यक्रम अमेरिकी प्रतिभा और वैश्विक प्रतिभा के बीच एक पुल का काम करता है।
  • विधेयक को कई डेमोक्रेटिक सांसदों का समर्थन मिला है।
  • भारतीय पेशेवरों की एच-1बी वीजा धारकों में सबसे अधिक हिस्सेदारी है।

वाशिंगटन, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा से संबंधित घोषणा के खिलाफ एक डेमोक्रेटिक सांसद ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक प्रस्तुत किया है। इस घोषणा में एच-1बी वीजा धारकों को नौकरी पर रखने वाले नियोक्ताओं पर कठोर सैलरी की शर्तें और भारी शुल्क लगाए गए थे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सितंबर 2025 में एक आदेश जारी किया था, जिसमें नियोक्ताओं के लिए सख्त वेतन स्तर अनिवार्य किया गया और एच-1बी वीजा कर्मचारियों को रखने वाले नियोक्ताओं पर एक लाख डॉलर का शुल्क लगाया गया। डेमोक्रेटिक सांसद बोनी वॉटसन कोलमैन ने अपने विधेयक में राष्ट्रपति ट्रंप के इस आदेश को निरस्त करने की मांग की है।

वॉटसन कोलमैन ने कहा कि ट्रंप की दृष्टिहीनता के कारण अमेरिका के नियोक्ताओं, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और अनुसंधान संस्थानों के लिए उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भर्ती करना कठिन हो गया है। उन्होंने कहा, "एच-1बी वीजा कार्यक्रम घरेलू कार्यबल का प्रतिस्थापन नहीं है। यह अमेरिका की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अमेरिकी और विश्व प्रतिभा के बीच एक पुल का काम करता है।"

एच-1बी वीजा कार्यक्रम अमेरिकी नियोक्ताओं को उन विशेष क्षेत्रों में विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है, जहाँ कुशल कामगारों की कमी होती है। इनमें प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा जैसी उद्योग शामिल हैं।

कोलमैन के विधेयक का कुछ लोगों ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि अधिक सैलरी सीमा और महंगे शुल्क के कारण कार्यक्रम को सख्त बनाने से संस्थानों के लिए आवश्यक प्रतिभा को भर्ती करना मुश्किल हो गया है, जो नवाचार और महत्वपूर्ण सेवाओं को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

वॉटसन कोलमैन ने यह भी कहा कि ये पाबंदियां खास तौर पर चिंताजनक हैं, जब अमेरिका स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ते दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, "बुजुर्ग कार्यबल, कोविड का प्रभाव, एच-1बी वीजा पर प्रतिबंध और ट्रंप प्रशासन द्वारा नर्सिंग डिग्री के लिए संघीय छात्र ऋण पर हालिया सीमाएं आने वाले वर्षों में नर्सों की गंभीर कमी का संकट पैदा कर सकती हैं।"

उन्होंने कहा कि वेलकमिंग इंटरनेशनल सक्सेस एक्ट इस बोझ को कम करने में मदद करेगा, क्योंकि योग्य स्वास्थ्य पेशेवरों की मांग बढ़ रही है।

इस विधेयक को कई डेमोक्रेटिक सांसदों का समर्थन मिला है। सह-प्रायोजकों में न्यूयॉर्क की प्रतिनिधि यवेट डी. क्लार्क, फ्लोरिडा की लोइस फ्रैंकल, मैसाचुसेट्स के सेठ मोल्टन और जॉर्जिया के हेनरी सी. 'हैंक' जॉनसन शामिल हैं।

गौरतलब है कि एच-1बी वीजा धारकों में भारतीय पेशेवरों की भागीदारी सबसे अधिक है, विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्र में। इस कारण भारत और अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय के बीच इस कार्यक्रम पर करीबी नजर रखी जाती है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि यह विधेयक न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अमेरिका में उच्च कौशल वाले पेशेवरों के लिए कार्यस्थल को और अधिक अनुकूल बनाने का प्रयास है। यह कदम नियोक्ताओं और पेशेवरों के बीच एक संतुलन बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

एच-1बी वीजा क्या है?
एच-1बी वीजा अमेरिका में नियोक्ताओं को विदेशी पेशेवरों को विशेष क्षेत्रों में काम पर रखने की अनुमति देता है।
क्या ट्रंप के नियमों का प्रभाव पड़ा है?
हां, ट्रंप के नियमों के कारण कई नियोक्ता उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भर्ती करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।
इस विधेयक का समर्थन कौन कर रहा है?
इस विधेयक का समर्थन कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने किया है, जिनमें प्रमुख नेता शामिल हैं।
क्या यह विधेयक पारित होगा?
यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसे कई सांसदों का समर्थन प्राप्त है।
एच-1बी वीजा धारकों में सबसे ज्यादा कौन हैं?
एच-1बी वीजा धारकों में भारतीय पेशेवरों की सबसे अधिक संख्या है, विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्र में।
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