31 जुलाई 2026
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एयर मार्शल संदीप थरेजा बने DGAFMS, 31 अगस्त 2026 से सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की कमान संभालेंगे

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एयर मार्शल संदीप थरेजा बने DGAFMS, 31 अगस्त 2026 से सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की कमान संभालेंगे

सारांश

केंद्र सरकार ने एयर मार्शल संदीप थरेजा को 31 अगस्त 2026 से DGAFMS नियुक्त किया है। चार दशकों के करियर, AIIMS से DM और 50 से अधिक शोध-पत्रों वाले थरेजा ने गगनयान मिशन की चिकित्सा तैयारी और BHISHM क्यूब संचालन में अहम भूमिका निभाई है।

मुख्य बातें

एयर मार्शल संदीप थरेजा को 31 अगस्त 2026 की दोपहर से DGAFMS नियुक्त किया गया है।
वे सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन की सेवानिवृत्ति के बाद पदभार ग्रहण करेंगे।
थरेजा को दिसंबर 1986 में कमीशन मिला; AIIMS नई दिल्ली से गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में DM और सर्वश्रेष्ठ DM छात्र पुरस्कार प्राप्त।
उनके नेतृत्व में गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन की वायु सेना चिकित्सा तैयारी और BHISHM क्यूब का संचालन हुआ।
राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 50 से अधिक वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रकाशित; SM और VSM एवं बार से अलंकृत।

केंद्र सरकार ने एयर मार्शल संदीप थरेजा (SM, VSM एवं बार) को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक (DGAFMS) नियुक्त किया है। वे 31 अगस्त 2026 की दोपहर से यह पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान में वे महानिदेशक चिकित्सा सेवा (वायु) के पद पर कार्यरत हैं।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

एयर मार्शल थरेजा मौजूदा DGAFMS सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन (PVSM, AVSM, VSM) की सेवानिवृत्ति के बाद पद संभालेंगे। DGAFMS तीनों सेनाओं — थल सेना, वायु सेना और नौसेना — की चिकित्सा सेवाओं का सर्वोच्च समन्वय पद है, जो सैनिकों की स्वास्थ्य तैयारियों से लेकर परिचालन चिकित्सा क्षमताओं तक की देखरेख करता है।

शैक्षणिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि

पुणे स्थित सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (AFMC) के पूर्व छात्र एयर मार्शल थरेजा को दिसंबर 1986 में सेना में कमीशन प्राप्त हुआ था। उन्होंने 1997 में चिकित्सा में MD और 2005 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली से गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में DM की उपाधि प्राप्त की। AIIMS में उन्हें सर्वश्रेष्ठ DM छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

एक समर्पित सैन्य पेशेवर के रूप में उन्होंने सभी सैन्य पाठ्यक्रमों में 'A' ग्रेड प्राप्त किया और वे राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र भी हैं।

चार दशकों की विशिष्ट सेवा

लगभग चार दशकों के करियर में एयर मार्शल थरेजा ने वायु सेना चिकित्सा सेवा के नैदानिक, शैक्षणिक, परिचालन और प्रशासनिक — चारों आयामों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। उनके प्रमुख पदों में शामिल हैं:

पठानकोट सैन्य अस्पताल के कमांडेंट, लखनऊ कमांड अस्पताल के कमांडेंट, AFMC पुणे के निदेशक एवं कमांडेंट, तथा वायु सेना विभाग के महानिदेशक कार्यालय में वरिष्ठ सलाहकार (चिकित्सा)।

परिवर्तनकारी पहलें और उपलब्धियाँ

महानिदेशक चिकित्सा सेवा (वायु) के रूप में एयर मार्शल थरेजा ने परिचालन चिकित्सा तैयारियों को सुदृढ़ करने में अग्रणी भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए वायु सेना की चिकित्सा तैयारियों को मज़बूती मिली।

इसके अलावा उन्होंने BHISHM (Bharat Health Initiative for Sahyog, Hit and Maitri) क्यूब के संचालन का नेतृत्व किया, जिससे परिचालन और मानवीय मिशनों में त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद के रूप में उन्होंने अनेक स्नातकोत्तर और सुपर-स्पेशियलिटी छात्रों का मार्गदर्शन किया है तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं में 50 से अधिक वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं।

सम्मान और अलंकरण

उनकी विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में एयर मार्शल थरेजा को सेना पदक (SM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM एवं बार) से दो बार अलंकृत किया जा चुका है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सशस्त्र बल अपनी चिकित्सा अवसंरचना को आधुनिक बनाने और गगनयान जैसे महत्वाकांक्षी मिशनों के लिए तैयारी तेज़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। DGAFMS के रूप में उनसे तीनों सेनाओं की चिकित्सा क्षमताओं में और अधिक एकीकरण की उम्मीद की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर मार्शल संदीप थरेजा को DGAFMS कब नियुक्त किया गया?
केंद्र सरकार ने एयर मार्शल संदीप थरेजा को 31 अगस्त 2026 की दोपहर से DGAFMS नियुक्त किया है। वे सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन की सेवानिवृत्ति के बाद यह पद संभालेंगे।
DGAFMS क्या होता है और यह पद क्यों महत्वपूर्ण है?
DGAFMS यानी सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक, भारत की तीनों सेनाओं — थल सेना, वायु सेना और नौसेना — की चिकित्सा सेवाओं का सर्वोच्च समन्वय पद है। यह अधिकारी सैनिकों की स्वास्थ्य तैयारियों, परिचालन चिकित्सा क्षमताओं और चिकित्सा अवसंरचना की देखरेख करता है।
एयर मार्शल थरेजा की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
उन्होंने 1997 में MD और 2005 में AIIMS नई दिल्ली से गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में DM की उपाधि प्राप्त की, जहाँ उन्हें सर्वश्रेष्ठ DM छात्र पुरस्कार मिला। वे AFMC पुणे और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र भी हैं।
गगनयान मिशन में एयर मार्शल थरेजा की क्या भूमिका रही?
महानिदेशक चिकित्सा सेवा (वायु) के रूप में उन्होंने भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन के लिए वायु सेना की चिकित्सा तैयारियों को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने BHISHM क्यूब के संचालन का नेतृत्व भी किया, जिससे त्वरित चिकित्सा प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ी।
एयर मार्शल थरेजा को कौन-से सैन्य सम्मान प्राप्त हैं?
उन्हें सेना पदक (SM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM एवं बार) से दो बार अलंकृत किया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने सभी सैन्य पाठ्यक्रमों में 'A' ग्रेड प्राप्त किया और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 50 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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