सर्जन वाइस एडमिरल मनीष होनवाड़ ने संभाली एएफएमसी पुणे के निदेशक और कमांडेंट की कमान
सारांश
मुख्य बातें
सर्जन वाइस एडमिरल मनीष होनवाड़ ने 1 सितंबर 2026 को सशस्त्र सेना चिकित्सा कॉलेज (एएफएमसी), पुणे के निदेशक और कमांडेंट का पदभार ग्रहण किया। मंगलवार की सुबह औपचारिक रूप से यह जिम्मेदारी संभालने के साथ ही वे इस प्रतिष्ठित सैन्य चिकित्सा संस्थान के शीर्ष पद पर आसीन हो गए। एएफएमसी भारत के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सर्जन वाइस एडमिरल होनवाड़ का एएफएमसी से गहरा शैक्षणिक नाता रहा है। उन्होंने 1989 में इसी संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और 1998 में यहीं से एनेस्थीसियोलॉजी और क्रिटिकल केयर मेडिसिन में एमडी किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) से न्यूरो-एनेस्थीसियोलॉजी में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की फेलोशिप भी प्राप्त की है।
प्रशासनिक शिक्षा के क्षेत्र में भी उनकी पकड़ मजबूत है — वे नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के पूर्व छात्र हैं, जहाँ से उन्होंने लोक प्रशासन में एमफिल की उपाधि ली।
37 वर्षों का सैन्य चिकित्सा अनुभव
सर्जन वाइस एडमिरल होनवाड़ के पास सैन्य चिकित्सा क्षेत्र में 37 वर्ष से अधिक का व्यापक अनुभव है। इस दीर्घ सेवाकाल में उन्होंने शैक्षणिक, चिकित्सकीय और प्रशासनिक — तीनों मोर्चों पर उल्लेखनीय भूमिकाएँ निभाई हैं। वे नौसेना मुख्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक चिकित्सा सेवा के पद पर रह चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने आईएनएचएस संजीवनी और आईएनएचएस अश्विनी के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं।
सिमुलेशन शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय पहचान
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वे सोसाइटी फॉर सिमुलेशन इन हेल्थकेयर, अमेरिका से प्रमाणित हेल्थकेयर सिमुलेशन एजुकेटर हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशिक्षण और सिमुलेशन तकनीक पर उन्होंने अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में व्याख्यान दिए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में जाने जाते हैं।
पुरस्कार और सम्मान
मरीजों की देखभाल और सैन्य सेवा के प्रति उनके असाधारण समर्पण को देखते हुए उन्हें 2025 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें नौसेना प्रमुख की ओर से 2006 और 2013 में दो बार प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुए। फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिण ने 2007 में और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिम ने 2011 में भी उन्हें प्रशस्ति पत्र से नवाजा।
पदभार ग्रहण के इस अवसर पर सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक ने समस्त अधिकारियों और जवानों की ओर से सर्जन वाइस एडमिरल होनवाड़ को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं। उनके नेतृत्व में एएफएमसी के चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद है।