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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव: एबीवीपी की लगातार दूसरी जीत पर अमित शाह और पीयूष गोयल ने दी बधाई

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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव: एबीवीपी की लगातार दूसरी जीत पर अमित शाह और पीयूष गोयल ने दी बधाई

सारांश

पंजाब यूनिवर्सिटी में एबीवीपी की लगातार दूसरी जीत महज एक छात्र चुनाव नहीं — यह उत्तर भारत के प्रमुख विश्वविद्यालय में युवाओं के बीच संगठन की पकड़ की पुष्टि है। गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की तत्काल बधाई इस जीत के राजनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर बधाई देते हुए इसे 'राष्ट्र प्रथम विचारधारा पर युवाओं के अटूट विश्वास का प्रमाण' बताया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे चुनावी सफलता से परे 'छात्रहित के प्रति समर्पण की जीत' कहा।
एबीवीपी की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी; इसके संस्थापक बलराज मधोक थे।
संगठन का ध्येय वाक्य 'ज्ञान, शील और एकता' है और इसे भारत का सबसे बड़ा छात्र संगठन माना जाता है।

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 1 सितंबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से परिषद के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। यह जीत चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में युवाओं के बीच एबीवीपी की बढ़ती स्वीकार्यता को रेखांकित करती है।

अमित शाह की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, 'पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की शानदार जीत पर परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। लगातार दूसरी बार मिली यह जीत युवा शक्ति के राष्ट्र प्रथम की विचारधारा पर अटूट विश्वास का प्रमाण है।' शाह ने आगे कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि एबीवीपी के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहित के लिए निरंतर संकल्पित भाव से कार्य करते रहेंगे।

पीयूष गोयल का संदेश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी एक्स पर बधाई देते हुए कहा, 'पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की लगातार दूसरी जीत पर परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं बल्कि विश्वविद्यालय के युवाओं के विश्वास और परिषद के कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत, प्रतिबद्धता और छात्रहित के प्रति समर्पण की जीत है।' गोयल ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों की आवाज बनें और विश्वविद्यालय के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

एबीवीपी: संगठन की पृष्ठभूमि

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी। इसके संस्थापक बलराज मधोक थे और मुख्य कार्यवाहक प्रो. यशवंतराव केलकर थे। संगठन का ध्येय वाक्य 'ज्ञान, शील और एकता' है। एबीवीपी को भारत और विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन माना जाता है, जो छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति के रूप में देखता है।

जीत का महत्व

पंजाब यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरी बार मिली यह जीत एबीवीपी की संगठनात्मक मजबूती का संकेत है। यह ऐसे समय में आई है जब देशभर के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव राजनीतिक दलों के लिए युवा मतदाताओं तक पहुँचने का अहम माध्यम बन चुके हैं। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ चुनाव परंपरागत रूप से उत्तर भारत के प्रमुख छात्र चुनावों में गिना जाता है। आगामी समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एबीवीपी इस जनादेश को छात्रहित की नीतियों में कैसे रूपांतरित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि छात्रसंघ परिसर में शुल्क वृद्धि, आवास और रोज़गार जैसे ठोस मुद्दों पर कितना प्रभावी रहता है। वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों का तत्काल सोशल मीडिया अभिनंदन यह भी दर्शाता है कि छात्र राजनीति को अब राष्ट्रीय स्तर पर कितनी गंभीरता से लिया जाता है। गौरतलब है कि पंजाब जैसे राज्य में, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सीधी सत्ता नहीं है, विश्वविद्यालय परिसर एक महत्वपूर्ण प्रभाव-क्षेत्र बन जाता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की जीत कितनी बार हुई है?
एबीवीपी ने पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। यह जीत चंडीगढ़ स्थित इस प्रमुख विश्वविद्यालय में संगठन की बढ़ती पकड़ को दर्शाती है।
अमित शाह ने एबीवीपी की जीत पर क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि यह जीत 'युवा शक्ति के राष्ट्र प्रथम की विचारधारा पर अटूट विश्वास का प्रमाण है।' उन्होंने कार्यकर्ताओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलते हुए छात्रहित के लिए काम करने का आह्वान किया।
एबीवीपी क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भारत और विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसकी स्थापना 9 जुलाई 1949 को हुई थी। इसके संस्थापक बलराज मधोक थे और संगठन का ध्येय वाक्य 'ज्ञान, शील और एकता' है।
पीयूष गोयल ने एबीवीपी की जीत को किस रूप में देखा?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस जीत को 'केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के युवाओं के विश्वास और कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत की जीत' बताया। उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से विद्यार्थियों की आवाज बनने का आग्रह किया।
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ चुनाव उत्तर भारत के प्रमुख छात्र चुनावों में गिना जाता है और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दलों के युवा आधार की दिशा का संकेत देता है। यह चुनाव चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित प्रदेश में छात्र राजनीति के समीकरणों को भी प्रभावित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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