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दानिश कनेरिया का बड़ा बयान: पाकिस्तान क्रिकेट 70 साल में सबसे निचले स्तर पर, 'ये खेल ही क्यों रहे'

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दानिश कनेरिया का बड़ा बयान: पाकिस्तान क्रिकेट 70 साल में सबसे निचले स्तर पर, 'ये खेल ही क्यों रहे'

सारांश

पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया का फैसला सुनाया — पाकिस्तान क्रिकेट 70 साल के सबसे बुरे दौर में है। इंग्लैंड में 2-0 से पिछड़ी टीम में न संघर्ष है, न रणनीति। कनेरिया ने चयनकर्ताओं, कोचिंग और घरेलू ढाँचे — सभी को कटघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर दानिश कनेरिया ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में पाकिस्तान क्रिकेट इतनी बुरी स्थिति में कभी नहीं था।
बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में 2-0 से पिछड़ा; तीसरे टेस्ट के लिए 7 बदलाव किए गए।
कनेरिया ने इंग्लैंड की परिस्थितियों के लिए 140-150 किमी/घंटा गति के गेंदबाज़ों की ज़रूरत बताई, जो टीम में नहीं हैं।
यूनिस खान को मुख्य चयनकर्ता बनाने का प्रस्ताव PCB ने ठुकराया; कनेरिया ने इसे बड़ी चूक बताया।
पूर्व स्पिनर ने विभागीय क्रिकेट बंद होने और PSL के आधार पर चयन को गिरावट की मुख्य वजह माना।
गैरी कर्स्टन की कोचिंग में श्रीलंका और बांग्लादेश के उभार की तुलना में पाकिस्तान की दिशाहीनता पर चिंता जताई।

पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर दानिश कनेरिया ने 1 सितंबर को पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मौजूदा स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पिछले 70 वर्षों में उन्होंने टीम को इतनी बुरी हालत में कभी नहीं देखा। बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान इंग्लैंड में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 से पिछड़ चुका है और टीम प्रबंधन तीखी आलोचना के घेरे में है।

मुख्य घटनाक्रम

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान ने शुरुआती दोनों टेस्ट गंवाए हैं। कनेरिया के अनुसार, हार से भी ज़्यादा चिंताजनक यह है कि किसी भी खिलाड़ी में संघर्ष करने की इच्छाशक्ति नज़र नहीं आती। उन्होंने कहा, 'हारना बुरा नहीं है, लेकिन पाकिस्तान टीम के किसी भी खिलाड़ी द्वारा कोई संघर्ष या जूझने की क्षमता दिखाई नहीं पड़ती। यह सबसे बुरी स्थिति है।'

तीसरे टेस्ट के लिए टीम में 7 बदलाव किए जाने की खबरों पर कनेरिया ने चयनकर्ताओं पर निशाना साधते हुए पूछा कि इन खिलाड़ियों को पहले क्यों नहीं चुना गया।

नेतृत्व और प्रबंधन पर सवाल

कनेरिया ने कप्तानी के निरंतर बदलाव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बाबर आजम को हटाकर फिर कप्तान बनाया गया, सरफराज अहमद को टेस्ट कोच बनाया गया और अब उन्हें भी हटाया जा रहा है। उनका तर्क था कि जिसे भी जिम्मेदारी दी जाए, उसे पर्याप्त समय और स्पष्ट लक्ष्य मिलने चाहिए।

पूर्व क्रिकेटर यूनिस खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा का उल्लेख करते हुए कनेरिया ने कहा कि यह खबर सुनकर उन्हें खुशी हुई थी, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने उनकी शर्तें नहीं मानीं और वे चयनकर्ता नहीं बने। आकिब जावेद के बारे में कनेरिया ने कहा कि उन्हें क्रिकेट निदेशक से लेकर चयनकर्ता तक कई ओहदे मिलते रहे, लेकिन क्रिकेट का स्तर नहीं सुधरा।

गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी की कमज़ोरियाँ

कनेरिया ने गेंदबाज़ी की कमज़ोरी को सबसे बड़ी समस्या बताया। उनके अनुसार इंग्लैंड की परिस्थितियों में 140 से 150 किमी/घंटा की गति के गेंदबाज़ चाहिए, जबकि टीम में 120 किमी/घंटा की गति के गेंदबाज़ हैं। उन्होंने मोहम्मद अब्बास और साजिद खान का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों को भी टीम से बाहर कर दिया जाता है।

बल्लेबाज़ी पर भी कनेरिया ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बाबर आजम का जोफ्रा आर्चर की गेंद पर आउट होने का तरीका 'हास्यास्पद' था और मोहम्मद रिजवान की बल्लेबाज़ी व विकेटकीपिंग दोनों साधारण स्तर की हैं।

घरेलू क्रिकेट ढाँचे की विफलता

कनेरिया ने पाकिस्तान क्रिकेट की गिरावट की जड़ घरेलू ढाँचे में बदलाव को बताया। उनके अनुसार पहले क़ायदे आज़म ट्रॉफी और पैट्रन ट्रॉफी जैसी प्रतियोगिताएँ खिलाड़ियों को मज़बूत बनाती थीं। विभागीय क्रिकेट बंद होने के बाद से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की आपूर्ति कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय टीम का चयन किया जा रहा है, जो उचित नहीं है।

कनेरिया ने BCCI की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय बोर्ड ने खिलाड़ियों के अनुबंध में घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य किया है, जबकि पाकिस्तान में खिलाड़ी घरेलू मैच नहीं खेलते।

बांग्लादेश और श्रीलंका से तुलना

कनेरिया ने बांग्लादेश की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास 140 किमी/घंटा से ऊपर की गति के गेंदबाज़ हैं और बेहतरीन कोचिंग टीम है, जिसके नतीजे दिख रहे हैं। श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन की भी उन्होंने प्रशंसा की और कहा कि 7 से 8 महीने में श्रीलंका बहुत खतरनाक टीम बन जाएगी। गौरतलब है कि कर्स्टन पाकिस्तान के हेड कोच भी रह चुके हैं, लेकिन वहाँ टिक नहीं सके। युवा बल्लेबाज़ सोनल दिनुषा को भी कनेरिया ने उज्ज्वल भविष्य वाला खिलाड़ी बताया।

कनेरिया ने अंत में कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट का दुनियाभर में मज़ाक बन रहा है, दर्शक मैच देखना छोड़ रहे हैं और इंग्लैंड में टीम को काउंटी स्तर से भी नीचे आँका जा रहा है। उनका मानना है कि जब तक चयन समिति और कोचिंग में योग्य और जवाबदेह लोग नहीं आते, स्थिति नहीं सुधरेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कोच के लिए। यूनिस खान जैसे अनुभवी क्रिकेटर की शर्तें न मानना और आकिब जावेद जैसे लोगों को एक के बाद एक ओहदे देना यही बताता है कि PCB में योग्यता नहीं, नेटवर्क चलता है। घरेलू ढाँचे की बर्बादी पर कनेरिया का विश्लेषण सटीक है — विभागीय क्रिकेट की वापसी पर गंभीर बहस ज़रूरी है, लेकिन पाकिस्तान में क्रिकेट की बात आते ही मुद्दा बदल दिया जाता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान क्रिकेट के बारे में क्या कहा?
दानिश कनेरिया ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की स्थिति इतनी खराब कभी नहीं रही। उनके अनुसार टीम में न संघर्ष की भावना है, न कोई रणनीति, और खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है।
पाकिस्तान इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में कितने से पिछड़ा है?
बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान 3 टेस्ट मैचों की सीरीज में पहले 2 टेस्ट हारकर 2-0 से पिछड़ा है। तीसरे टेस्ट के लिए टीम में 7 बदलाव किए जाने की खबरें हैं।
कनेरिया ने पाकिस्तान क्रिकेट की गिरावट का कारण क्या बताया?
कनेरिया ने घरेलू क्रिकेट ढाँचे में बदलाव को मुख्य कारण बताया — विभागीय क्रिकेट बंद होने और PSL के आधार पर राष्ट्रीय चयन को उन्होंने नुकसानदेह माना। इसके अलावा चयनकर्ताओं का घरेलू मैच न देखना और भाई-भतीजावाद भी प्रमुख कारण बताए।
यूनिस खान को चयनकर्ता क्यों नहीं बनाया गया?
दानिश कनेरिया के अनुसार उन्हें जानकारी मिली थी कि यूनिस खान को मुख्य चयनकर्ता बनाया जा सकता है, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनकी शर्तें नहीं मानीं जिसके चलते वे यह पद नहीं संभाल सके।
कनेरिया ने बांग्लादेश और श्रीलंका की तुलना में पाकिस्तान को कैसे देखा?
कनेरिया ने बांग्लादेश की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास 140 किमी/घंटा से ऊपर के गेंदबाज़ और बेहतरीन कोचिंग टीम है। श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन की भी प्रशंसा की और कहा कि 7-8 महीने में श्रीलंका खतरनाक टीम बन जाएगी, जबकि पाकिस्तान में अच्छे लोग टिकते नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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