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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव: एबीवीपी का आरोप — 'आप' के सांसद-विधायक बने चुनाव प्रभारी, PhD स्कॉलर्स पर दबाव

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पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव: एबीवीपी का आरोप — 'आप' के सांसद-विधायक बने चुनाव प्रभारी, PhD स्कॉलर्स पर दबाव

सारांश

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव से पहले एबीवीपी और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एबीवीपी नेता जसकरण भुल्लर का दावा है कि आप सांसद मीत हेयर को आधिकारिक चुनाव प्रभारी बनाया गया और 60 PhD स्कॉलर्स पर रोज़गार का भय दिखाकर दबाव बनाया गया।

मुख्य बातें

एबीवीपी नेता जसकरण भुल्लर ने 28 अगस्त को आम आदमी पार्टी (आप) के छात्र विंग पर पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव प्रभावित करने के आरोप लगाए।
भुल्लर का दावा — संगरूर सांसद मीत हेयर और बाघापुराना विधायक को आधिकारिक छात्र चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
आप का छात्र विंग 2022 से सक्रिय; पहले CYSS , अब ASAP नाम से जाना जाता है।
करीब 60 PhD स्कॉलर्स के साथ मुल्लांपुर स्टेडियम में बैठक कर रोज़गार का भय दिखाकर दबाव बनाने का आरोप।
एबीवीपी ने अपने ऊपर लगे गैंगस्टर कनेक्शन के आरोपों को बेबुनियाद बताया; औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी।

पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में आगामी छात्रसंघ चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव चरम पर है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेता जसकरण भुल्लर ने 28 अगस्त को आम आदमी पार्टी (आप) के छात्र विंग पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और विद्यार्थियों पर अनुचित दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। भुल्लर के अनुसार, आप ने अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सीधे छात्र चुनाव की कमान सौंपी है, जो छात्र राजनीति में राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप की एक असामान्य मिसाल है।

मुख्य आरोप: सांसद और विधायक बने चुनाव प्रभारी

जसकरण भुल्लर ने दावा किया कि संगरूर से आप सांसद मीत हेयर और बाघापुराना के आप विधायक को आधिकारिक रूप से पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, 'आम तौर पर छात्र संगठनों के चुनाव में किसी पार्टी के सांसद या विधायक को इस तरह चुनाव प्रभारी नहीं बनाया जाता।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) भी अपने संसदीय प्रतिनिधियों को इस प्रकार की ज़िम्मेदारी नहीं सौंपती।

आप का छात्र विंग: CYSS से ASAP तक का सफर

भुल्लर के अनुसार, आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन 2022 से पंजाब यूनिवर्सिटी में सक्रिय है। पहले इसे CYSS (छात्र युवा संघर्ष समिति) के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में ASAP (आम आदमी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ पंजाब) नाम दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ चुनाव राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक मुकाबला बन चुका है।

PhD स्कॉलर्स पर दबाव का आरोप

एबीवीपी नेता ने एक विशेष रूप से गंभीर आरोप लगाया — कि सांसद मीत हेयर ने मुल्लांपुर स्टेडियम में करीब 60 PhD स्कॉलर्स के साथ बैठक की। भुल्लर के दावे के अनुसार, इस बैठक में स्कॉलर्स को यह संदेश दिया गया कि 'नौकरी या रोज़गार तभी मिलेगा जब वे संबंधित छात्र संगठन को चुनाव में समर्थन देंगे।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एबीवीपी समर्थकों को विधायकों, चेयरमैनों, सरपंचों और पंचों के माध्यम से फोन कर धमकाया जा रहा है और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है।

गैंगस्टर कनेक्शन के आरोपों का खंडन

भुल्लर ने एबीवीपी पर लगाए गए उन आरोपों को 'पूरी तरह बेबुनियाद' करार दिया, जिनमें कहा गया था कि संगठन के नेता छात्रों को गैंगस्टरों से फोन करवा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एबीवीपी पिछले एक साल से छात्र कल्याण के मुद्दों पर केंद्रित है और उसका कार्य पारदर्शी है।

आगे क्या होगा

भुल्लर ने बताया कि इन आरोपों के संदर्भ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है और मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय छात्र संगठनों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई रहा है, और इस बार के आरोप इस चुनाव को और अधिक विवादास्पद बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस रिपोर्ट की एक महत्वपूर्ण सीमा है। PhD स्कॉलर्स पर रोज़गार का भय दिखाकर वोट माँगने का आरोप — यदि प्रमाणित हो — तो यह विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और शैक्षणिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि यह विवाद केवल एक छात्र चुनाव नहीं, बल्कि पंजाब में आप की सत्ता-विस्तार की रणनीति का परीक्षण भी है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव विवाद क्या है?
एबीवीपी नेता जसकरण भुल्लर ने 28 अगस्त को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अपने सांसद और विधायक को पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव का आधिकारिक प्रभारी बनाया है और विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जा रहा है। आप की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आप का छात्र विंग ASAP क्या है और यह कब से सक्रिय है?
आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन 2022 से पंजाब यूनिवर्सिटी में सक्रिय है। पहले इसे CYSS के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में ASAP (आम आदमी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ पंजाब) नाम दिया गया।
मीत हेयर पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
एबीवीपी के अनुसार, संगरूर से आप सांसद मीत हेयर ने मुल्लांपुर स्टेडियम में करीब 60 PhD स्कॉलर्स के साथ बैठक की और उन्हें रोज़गार का भय दिखाकर ASAP को वोट देने का दबाव बनाया। ये आरोप एबीवीपी की ओर से लगाए गए हैं और मीत हेयर की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
एबीवीपी पर क्या आरोप लगे थे और उसने क्या कहा?
एबीवीपी पर आरोप लगाया गया था कि उसके नेता छात्रों को गैंगस्टरों से फोन करवा रहे हैं। जसकरण भुल्लर ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया और कहा कि संगठन पिछले एक साल से छात्र कल्याण के मुद्दों पर काम कर रहा है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
एबीवीपी ने बताया कि इन आरोपों के संदर्भ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है और मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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