पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव: एबीवीपी का आरोप — 'आप' के सांसद-विधायक बने चुनाव प्रभारी, PhD स्कॉलर्स पर दबाव
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में आगामी छात्रसंघ चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव चरम पर है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेता जसकरण भुल्लर ने 28 अगस्त को आम आदमी पार्टी (आप) के छात्र विंग पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और विद्यार्थियों पर अनुचित दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। भुल्लर के अनुसार, आप ने अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सीधे छात्र चुनाव की कमान सौंपी है, जो छात्र राजनीति में राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप की एक असामान्य मिसाल है।
मुख्य आरोप: सांसद और विधायक बने चुनाव प्रभारी
जसकरण भुल्लर ने दावा किया कि संगरूर से आप सांसद मीत हेयर और बाघापुराना के आप विधायक को आधिकारिक रूप से पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, 'आम तौर पर छात्र संगठनों के चुनाव में किसी पार्टी के सांसद या विधायक को इस तरह चुनाव प्रभारी नहीं बनाया जाता।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) भी अपने संसदीय प्रतिनिधियों को इस प्रकार की ज़िम्मेदारी नहीं सौंपती।
आप का छात्र विंग: CYSS से ASAP तक का सफर
भुल्लर के अनुसार, आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन 2022 से पंजाब यूनिवर्सिटी में सक्रिय है। पहले इसे CYSS (छात्र युवा संघर्ष समिति) के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में ASAP (आम आदमी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ पंजाब) नाम दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ चुनाव राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक मुकाबला बन चुका है।
PhD स्कॉलर्स पर दबाव का आरोप
एबीवीपी नेता ने एक विशेष रूप से गंभीर आरोप लगाया — कि सांसद मीत हेयर ने मुल्लांपुर स्टेडियम में करीब 60 PhD स्कॉलर्स के साथ बैठक की। भुल्लर के दावे के अनुसार, इस बैठक में स्कॉलर्स को यह संदेश दिया गया कि 'नौकरी या रोज़गार तभी मिलेगा जब वे संबंधित छात्र संगठन को चुनाव में समर्थन देंगे।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एबीवीपी समर्थकों को विधायकों, चेयरमैनों, सरपंचों और पंचों के माध्यम से फोन कर धमकाया जा रहा है और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है।
गैंगस्टर कनेक्शन के आरोपों का खंडन
भुल्लर ने एबीवीपी पर लगाए गए उन आरोपों को 'पूरी तरह बेबुनियाद' करार दिया, जिनमें कहा गया था कि संगठन के नेता छात्रों को गैंगस्टरों से फोन करवा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एबीवीपी पिछले एक साल से छात्र कल्याण के मुद्दों पर केंद्रित है और उसका कार्य पारदर्शी है।
आगे क्या होगा
भुल्लर ने बताया कि इन आरोपों के संदर्भ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है और मामले को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव ऐतिहासिक रूप से राष्ट्रीय छात्र संगठनों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई रहा है, और इस बार के आरोप इस चुनाव को और अधिक विवादास्पद बना रहे हैं।