28 अगस्त 2026
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अखिलेश यादव का भाजपा पर प्रहार: 'जो जेपी को बेच सकते हैं, उनसे भलाई की उम्मीद बेकार'

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अखिलेश यादव का भाजपा पर प्रहार: 'जो जेपी को बेच सकते हैं, उनसे भलाई की उम्मीद बेकार'

सारांश

रक्षाबंधन पर सैफई की सभा में अखिलेश यादव ने भाजपा को जेपी की विरासत 'बेचने' का आरोप लगाया। महंगाई, किसानों की ज़मीन, शिक्षा और महिला सुरक्षा — हर मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने सपा की वापसी का वादा दोहराया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर सैफई, इटावा में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और मीडिया से बात की।
उन्होंने भाजपा पर जयप्रकाश नारायण के नाम और विचारों को 'बेचने' का सीधा आरोप लगाया।
चीनी की महंगाई, पेट्रोल में एथेनॉल मिलावट और बाज़ारों की मंदी को सरकार की 'सोची-समझी रणनीति' बताया।
बड़ी कंपनियों के साथ MoU को किसानों की खेती छिनने का खतरा बताया।
सपा सरकार बनने पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का वादा किया।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर सैफई, इटावा में पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर एक के बाद एक कई तीखे आरोप लगाए।

जेपी के नाम पर सियासत का आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा पर जयप्रकाश नारायण के नाम और विचारों का व्यावसायिक उपयोग करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'जो जेपी को बेच सकते हैं, उनसे किसी भलाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।' उनका तर्क था कि भाजपा ने अपने गठन के समय जयप्रकाश नारायण की तस्वीर रखकर खुद को समाजवादी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन आज वही लोग जेपी के नाम और विचारों को बेच रहे हैं।

महंगाई और मुनाफाखोरी पर निशाना

महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि एक ओर चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं पेट्रोल में एथेनॉल मिलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है, जिसमें चुनिंदा लोगों को लाभ पहुँचाकर उनसे चंदा वसूला जा रहा है। उनके अनुसार पेट्रोल-डीजल और रोज़मर्रा की ज़रूरत के सामान महंगे होने से बाज़ारों की रौनक गायब हो गई है और त्योहार भी फीके पड़ गए हैं।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार खुद मुनाफा कमाने में जुटी है और उद्योगपतियों को खुली छूट देकर मुनाफे का बंटवारा किया जा रहा है।

किसान और कृषि भूमि को लेकर चेतावनी

मुख्यमंत्री की ओर से बड़ी कंपनियों के साथ किए जा रहे समझौता ज्ञापनों (MoU) पर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने आगाह किया कि ऐसे समझौतों से आने वाले समय में किसानों के हाथ से खेती छिन सकती है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने के नाम पर हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर MoU किए गए हैं, जिन पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।

शिक्षा और कृषि कानूनों पर हमला

शिक्षा के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सैफई और लखनऊ में स्वीकृत नए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण कार्य को बर्बाद किया जा रहा है, और भाजपा सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती। उन्होंने यह भी कहा कि जिन तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का सरकार नाटक करती है, वे आज भी किसी न किसी रूप में लागू किए जा रहे हैं।

महिला सुरक्षा पर सपा का वादा

अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी भाजपा को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने वादा किया कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी तथा उनके उत्थान के लिए सम्मानजनक और प्रभावी नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो लोहिया-जेपी परंपरा का दावा करते हुए उठी थी। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और सपा खुद को एकमात्र सामाजिक न्याय की पार्टी के रूप में स्थापित करने में जुटी है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि अखिलेश के अपने कार्यकाल में भी महिला सुरक्षा और शिक्षा के मोर्चे पर सवाल उठते रहे थे। असली परीक्षा यह होगी कि क्या सपा इन वादों को ठोस नीतिगत दस्तावेज़ में बदल पाती है, या ये बयान भी चुनावी मौसम की सामान्य बयानबाज़ी बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने जेपी को लेकर भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने अपने गठन के समय जयप्रकाश नारायण की तस्वीर रखकर खुद को समाजवादी विचारधारा से जोड़ा था, लेकिन अब वही लोग जेपी के नाम और विचारों को बेच रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जो जेपी को बेच सकते हैं, उनसे किसी भलाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।'
अखिलेश यादव ने महंगाई पर भाजपा सरकार को कैसे घेरा?
उन्होंने चीनी की बढ़ती कीमतों और पेट्रोल में एथेनॉल मिलावट को सरकार की सोची-समझी रणनीति बताया, जिसका मकसद चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाना और उनसे चंदा वसूलना है। उनके अनुसार इससे बाज़ारों की रौनक गायब हुई है और त्योहार भी फीके पड़ गए हैं।
अखिलेश यादव ने किसानों के बारे में क्या चेतावनी दी?
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से बड़ी कंपनियों के साथ किए जा रहे समझौता ज्ञापनों (MoU) से आने वाले समय में किसानों के हाथ से खेती छिन सकती है। उनका कहना था कि ये समझौते किसानों के हित में नहीं हैं।
सपा ने महिला सुरक्षा पर क्या वादा किया?
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने वादा किया कि महिलाओं के उत्थान के लिए सम्मानजनक और प्रभावी नीतिगत फैसले लिए जाएंगे।
अखिलेश यादव ने शिक्षा के मुद्दे पर क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि सैफई और लखनऊ में स्वीकृत नए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण कार्य को भाजपा सरकार ने बर्बाद किया है। उनका कहना था कि भाजपा सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने में रुचि नहीं रखती।
राष्ट्र प्रेस
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