रक्षाबंधन पर एसओएस संस्था की बालिकाओं ने गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत को बांधी राखी, भेंट की हाथ से बनी पेंटिंग
सारांश
मुख्य बातें
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर 28 अगस्त 2026 को गांधीनगर स्थित लोक भवन में एक भावपूर्ण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज के कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राखी बांधकर उनसे भाई-बहन का पवित्र रिश्ता जोड़ा। इस मुलाकात में बालिकाओं ने राज्यपाल को अपने हाथों से बनाई गई पेंटिंग भी भेंट की और अपने जीवन के अनुभव साझा किए।
समारोह का मुख्य घटनाक्रम
लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और जीवन के लक्ष्यों के बारे में आत्मीय बातचीत की। बालिकाओं ने अपने हाथों से तैयार पेंटिंग भेंट कर राज्यपाल का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम में एसओएस संस्था द्वारा बच्चों की शिक्षा, देखभाल और समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी भी राज्यपाल के साथ साझा की गई। औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
राज्यपाल की प्रतिक्रिया
संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए राज्यपाल देवव्रत ने कहा, 'बच्चों को शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने का कार्य समाज के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।' उन्होंने बालिकाओं की शैक्षणिक प्रगति और उनकी महत्वाकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एसओएस संस्था और भुज केंद्र की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भुज स्थित एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज की स्थापना वर्ष 2001 में विनाशकारी भूकंप के बाद की गई थी, जब कई बच्चे अपने माता-पिता के संरक्षण से वंचित हो गए थे। यह केंद्र उन बच्चों के लिए एक नई शुरुआत बना, जिन्हें त्रासदी ने बेसहारा कर दिया था।
वर्तमान में एसओएस संस्था देशभर के 21 राज्यों में लगभग 32 केंद्र संचालित कर रही है। संस्था जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करती है, ताकि वे स्कूल और कॉलेजों में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
आम जनता और बच्चों पर असर
संस्था वर्तमान में बच्चों को देखभाल और शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवा विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और परिवार सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी चला रही है। कच्छ-भुज केंद्र संस्था के उन प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है जो बच्चों को शिक्षा, देखभाल और विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के माध्यम से सहायता प्रदान करता है।
समारोह का समापन राज्यपाल के साथ बच्चों की आत्मीय बातचीत और उनके द्वारा तैयार पेंटिंग्स की प्रस्तुति के साथ हुआ — एक ऐसा क्षण जो रक्षाबंधन की भावना को सामाजिक दायित्व से जोड़ता है।