28 अगस्त 2026
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रक्षाबंधन पर एसओएस संस्था की बालिकाओं ने गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत को बांधी राखी, भेंट की हाथ से बनी पेंटिंग

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रक्षाबंधन पर एसओएस संस्था की बालिकाओं ने गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत को बांधी राखी, भेंट की हाथ से बनी पेंटिंग

सारांश

रक्षाबंधन पर गांधीनगर के लोक भवन में एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज की कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राखी बांधी। 2001 के भूकंप के बाद स्थापित यह संस्था अब 21 राज्यों में 32 केंद्रों के ज़रिए जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही है।

मुख्य बातें

28 अगस्त 2026 को गांधीनगर के लोक भवन में रक्षाबंधन समारोह आयोजित हुआ।
एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज के कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राखी बांधी और हाथ से बनी पेंटिंग भेंट की।
राज्यपाल ने कहा — 'बच्चों को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाना समाज के भविष्य के लिए बेहद ज़रूरी है।' भुज एसओएस केंद्र की स्थापना 2001 के विनाशकारी भूकंप के बाद हुई थी।
संस्था वर्तमान में 21 राज्यों में लगभग 32 केंद्र संचालित करती है और शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण व परिवार सशक्तिकरण के कार्यक्रम चलाती है।

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर 28 अगस्त 2026 को गांधीनगर स्थित लोक भवन में एक भावपूर्ण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज के कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राखी बांधकर उनसे भाई-बहन का पवित्र रिश्ता जोड़ा। इस मुलाकात में बालिकाओं ने राज्यपाल को अपने हाथों से बनाई गई पेंटिंग भी भेंट की और अपने जीवन के अनुभव साझा किए।

समारोह का मुख्य घटनाक्रम

लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और जीवन के लक्ष्यों के बारे में आत्मीय बातचीत की। बालिकाओं ने अपने हाथों से तैयार पेंटिंग भेंट कर राज्यपाल का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम में एसओएस संस्था द्वारा बच्चों की शिक्षा, देखभाल और समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी भी राज्यपाल के साथ साझा की गई। औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

राज्यपाल की प्रतिक्रिया

संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए राज्यपाल देवव्रत ने कहा, 'बच्चों को शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने का कार्य समाज के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।' उन्होंने बालिकाओं की शैक्षणिक प्रगति और उनकी महत्वाकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एसओएस संस्था और भुज केंद्र की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि भुज स्थित एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज की स्थापना वर्ष 2001 में विनाशकारी भूकंप के बाद की गई थी, जब कई बच्चे अपने माता-पिता के संरक्षण से वंचित हो गए थे। यह केंद्र उन बच्चों के लिए एक नई शुरुआत बना, जिन्हें त्रासदी ने बेसहारा कर दिया था।

वर्तमान में एसओएस संस्था देशभर के 21 राज्यों में लगभग 32 केंद्र संचालित कर रही है। संस्था जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करती है, ताकि वे स्कूल और कॉलेजों में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

आम जनता और बच्चों पर असर

संस्था वर्तमान में बच्चों को देखभाल और शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवा विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और परिवार सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी चला रही है। कच्छ-भुज केंद्र संस्था के उन प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है जो बच्चों को शिक्षा, देखभाल और विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के माध्यम से सहायता प्रदान करता है।

समारोह का समापन राज्यपाल के साथ बच्चों की आत्मीय बातचीत और उनके द्वारा तैयार पेंटिंग्स की प्रस्तुति के साथ हुआ — एक ऐसा क्षण जो रक्षाबंधन की भावना को सामाजिक दायित्व से जोड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र इन्हें केवल प्रतीकात्मक मुलाकातों से आगे बढ़कर नीतिगत समर्थन भी देता है। राज्यपाल की उपस्थिति ध्यान दिलाती है, पर असली कसौटी यह होगी कि जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचने वाले इन केंद्रों को दीर्घकालिक संसाधन और सरकारी साझेदारी मिले।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज कच्छ-भुज केंद्र की स्थापना कब और क्यों हुई?
भुज स्थित एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज की स्थापना वर्ष 2001 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद की गई थी, जिसमें कई बच्चे अपने माता-पिता के संरक्षण से वंचित हो गए थे। यह केंद्र उन बेसहारा बच्चों को शिक्षा, देखभाल और पुनर्वास प्रदान करने के उद्देश्य से खोला गया।
रक्षाबंधन पर गांधीनगर में आयोजित इस कार्यक्रम में क्या हुआ?
28 अगस्त 2026 को गांधीनगर के लोक भवन में एसओएस कच्छ-भुज केंद्र की बालिकाओं ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राखी बांधी और हाथ से बनाई गई पेंटिंग भेंट की। राज्यपाल ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं पर आत्मीय बातचीत की।
एसओएस संस्था भारत में कितने केंद्र चलाती है?
कार्यक्रम में साझा की गई जानकारी के अनुसार, एसओएस संस्था वर्तमान में देश के 21 राज्यों में लगभग 32 केंद्र संचालित कर रही है। ये केंद्र जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, देखभाल, व्यावसायिक प्रशिक्षण और परिवार सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों के ज़रिए सहायता प्रदान करते हैं।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने एसओएस संस्था के कार्यों पर क्या कहा?
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने संस्था की सराहना करते हुए कहा कि 'बच्चों को शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने का कार्य समाज के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।' उन्होंने बालिकाओं की शैक्षणिक प्रगति के बारे में जानकारी ली और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एसओएस संस्था बच्चों के लिए कौन-कौन से कार्यक्रम चलाती है?
एसओएस संस्था बच्चों को औपचारिक शिक्षा और देखभाल के साथ-साथ युवा विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और परिवार सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित करती है। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई जारी रखने के लिए सहयोग और मार्गदर्शन देना है।
राष्ट्र प्रेस
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