रक्षाबंधन पर बिहार CM सम्राट चौधरी को राखी बांधने पहुंचीं महिलाएं, ₹600 करोड़ की योजना की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 28 अगस्त को बड़ी संख्या में महिलाएं पटना स्थित बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक आवास पर राखी बांधने पहुंचीं। महिलाओं ने सम्राट चौधरी को अपना 'बड़ा भाई' बताते हुए उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की, साथ ही उनकी महिला-केंद्रित योजनाओं की भी प्रशंसा की।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता कीर्ति मिश्रा ने कहा, 'हम मुख्यमंत्री आवास में सीएम सम्राट चौधरी को राखी बांधने आए हैं। हम पूरी तैयारी के साथ आए हैं। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।' उनके साथ BJP प्रवक्ता संगीता सिंह, महिला आयोग की सदस्य सजल झा और BJP नेता निवेदिता सिंह सहित NDA से जुड़ी अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।
महिला कल्याण योजनाओं पर चर्चा
इस अवसर पर एक महिला ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार महिला विश्वविद्यालय की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, 5 लाख महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए ₹600 करोड़ की आर्थिक सहायता दिए जाने की योजना है। साथ ही जीविका बहनों को पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी मिलेगा।
महिला ने कहा, 'सीएम को बहनों के सम्मान और उनकी सुरक्षा की चिंता है। ऐसे में हम बहनों का फर्ज बनता है कि अपने बड़े भाई के लिए रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु होने की प्रभु से कामना करें।'
BJP नेत्रियों की प्रतिक्रिया
BJP प्रवक्ता संगीता सिंह ने कहा कि सम्राट चौधरी की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं पर उन्हें गर्व है और उम्मीद है कि आने वाले समय में भी इसी तरह की योजनाएं लागू की जाएंगी।
महिला आयोग की सदस्य सजल झा ने कहा कि यह उनके लिए गौरव का क्षण है और NDA की सभी बहनों को इस अवसर पर आमंत्रण मिला था। उन्होंने कहा, 'सभी बहनें यह कामना करती हैं कि सीएम यशस्वी और दीर्घायु हों।'
BJP नेता निवेदिता सिंह ने भी कहा कि भाई ने बुलाया है तो वे आई हैं और यह कामना करती हैं कि वे दीर्घायु हों और प्रदेश का विकास करते रहें।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सशक्तिकरण को लेकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज है। ₹600 करोड़ की सहायता राशि और बिहार महिला विश्वविद्यालय की घोषणा यदि समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो राज्य की 5 लाख महिलाओं के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा।
क्या होगा आगे
इन योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा और समयसीमा पर सरकार की ओर से विस्तृत दिशानिर्देश अपेक्षित हैं। गौरतलब है कि रक्षाबंधन जैसे पर्वों पर मुख्यमंत्री आवास पर इस तरह के आयोजन बिहार में राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।