23 जुलाई 2026
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बिहार में ₹99.97 करोड़ के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) का शिलान्यास, सम्राट चौधरी ने कहा — बेटियाँ बनेंगी आत्मनिर्भर

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बिहार में ₹99.97 करोड़ के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) का शिलान्यास, सम्राट चौधरी ने कहा — बेटियाँ बनेंगी आत्मनिर्भर

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहटा में ₹99.97 करोड़ के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) का शिलान्यास किया — साथ ही केंद्र के साथ SIIC के लिए MOU भी। 12 लाख प्रशिक्षित युवाओं के बाद, अब बिहार की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय मंच देने की तैयारी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 23 जुलाई 2026 को बिहटा, सिकंदरपुर में ₹99.97 करोड़ के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) के स्थायी परिसर का शिलान्यास किया।
संस्थान चार एकड़ भूमि पर बनेगा और महिलाओं के कौशल विकास व आर्थिक सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा।
राज्य में अब तक 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण; वर्तमान में 1.38 लाख युवा प्रशिक्षणरत; 1,500 कौशल केंद्र सक्रिय।
बिहार सरकार और केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय के बीच स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) के लिए MOU हस्ताक्षरित।
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में ₹10 और पॉलिटेक्निक में ₹5 शुल्क पर तकनीकी शिक्षा; संस्थानों में जापानी, जर्मन, फ्रेंच भाषा प्रशिक्षण भी।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 23 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहटा के सिकंदरपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), पटना के स्थायी परिसर का शिलान्यास किया। ₹99.97 करोड़ की लागत से चार एकड़ भूमि पर बनने वाला यह परिसर बिहार की महिलाओं के कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमुख केंद्र बनेगा। खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुँच सके और लोक सेवक आवास से वर्चुअल माध्यम से समारोह में शामिल हुए।

शिलान्यास का महत्व

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक भवन का शिलान्यास नहीं, बल्कि बिहार की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई शुरुआत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी पाने योग्य नहीं, बल्कि रोज़गार सृजित करने वाला बनाना है। उनके अनुसार, कौशल विकास ही समृद्ध बिहार की मज़बूत नींव है।

बिहार में कौशल प्रशिक्षण की मौजूदा स्थिति

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 1,500 कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं, जहाँ अब तक करीब 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस समय 1.38 लाख युवा विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को बेहतर रोज़गार और उद्यमिता के अवसर मिल सकें।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान पहले से संचालित हैं। गौरतलब है कि सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र ₹10 और पॉलिटेक्निक संस्थानों में ₹5 शुल्क लेकर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इन संस्थानों में लैंग्वेज लैब भी स्थापित की गई हैं, जहाँ छात्र जापानी, जर्मन और फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के लिए MOU

समारोह के दौरान बिहार सरकार और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के बीच स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस केंद्र के माध्यम से बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

विकसित भारत 2047 से जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को नई गति मिली है और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार में महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। सम्राट चौधरी ने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में देश के कुशल युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

समारोह में उपस्थित अधिकारी

कार्यक्रम में युवा, रोज़गार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह संस्थान बिहार की बेटियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक ठोस मंच प्रदान करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 केंद्र — लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने प्रशिक्षणार्थी वास्तव में सतत रोज़गार या उद्यम में परिवर्तित हुए। SIIC के लिए MOU एक सकारात्मक कदम है, परंतु अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट के लिए भाषा और तकनीकी कौशल के साथ-साथ मान्यता-प्राप्त प्रमाणन की भी ज़रूरत होगी, जिसका विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। ₹99.97 करोड़ का यह परिसर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस संरचनात्मक निवेश है, लेकिन इसकी सफलता पाठ्यक्रम की उद्योग-प्रासंगिकता और प्लेसमेंट ट्रैकिंग पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), पटना का स्थायी परिसर कहाँ बनेगा?
यह परिसर बिहार के बिहटा स्थित सिकंदरपुर में चार एकड़ भूमि पर बनेगा। इसकी अनुमानित लागत ₹99.97 करोड़ है और इसका शिलान्यास 23 जुलाई 2026 को किया गया।
स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) बिहार के युवाओं को कैसे फायदा पहुँचाएगा?
SIIC के माध्यम से बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए बिहार सरकार और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के बीच MOU पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
बिहार में अभी तक कितने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिला है?
राज्य में लगभग 1,500 कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में 1.38 लाख युवा विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
बिहार के सरकारी तकनीकी संस्थानों में शुल्क कितना है?
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र ₹10 और पॉलिटेक्निक संस्थानों में ₹5 शुल्क लेकर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान संचालित हैं।
सीएम सम्राट चौधरी शिलान्यास समारोह में व्यक्तिगत रूप से क्यों नहीं पहुँचे?
खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुँच सके। उन्होंने लोक सेवक आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर शिलान्यास किया।
राष्ट्र प्रेस
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