रक्षाबंधन 2026: बिहार CM सम्राट चौधरी ने बंधवाई राखी, तेजस्वी यादव ने लिया महिला सम्मान का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर अपनी बहनों से राखी बंधवाई और प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने त्योहार की तस्वीरें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए सभी बहनों के सुखमय जीवन की कामना की। पूरे देश में शुक्रवार को यह त्योहार उत्साह और स्नेह के साथ मनाया गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'इस पवित्र धागे में सिमटा है स्नेह अपार, आज रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मेरी बहनों ने स्नेह और आशीर्वाद से मेरी कलाई पर राखी बांधी। ईश्वर से कामना है कि हमारी सभी बहनों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियां सदैव बनी रहें। रक्षाबंधन की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।'
इससे पहले, सावन पूर्णिमा के अवसर पर सीएम चौधरी ने भगवान सत्यनारायण की विधिवत पूजा-अर्चना की और समस्त बिहारवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने एक्स पर पारंपरिक मंत्र भी साझा किया — 'श्री सत्यनारायण भगवान की जय! धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो। विश्व का कल्याण हो, प्राणियों में सद्भाव हो।'
उपमुख्यमंत्री और विपक्ष का जश्न
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पटना स्थित अपने आवास पर रक्षाबंधन मनाया। ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों ने उन्हें राखी बांधी, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया और राज्यवासियों को बधाई दी।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रक्षाबंधन को भाई-बहनों के बीच 'अटूट प्यार, स्नेह, भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक' बताया। उन्होंने इस अवसर पर लोगों से बहनों, बेटियों और माता तुल्य महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा का संकल्प लेने का आग्रह किया।
प्रशांत किशोर का कार्यालय में आयोजन
जनसुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने पार्टी कार्यालय में रक्षाबंधन मनाया, जहां महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी। किशोर ने उपस्थित महिलाओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बिहार में रक्षाबंधन का व्यापक उत्साह
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच राजनीतिक दलों की सामाजिक सक्रियता बढ़ी है। गौरतलब है कि रक्षाबंधन जैसे पर्वों पर नेताओं की सहभागिता जन-जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। राज्य के सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों पक्षों ने इस त्योहार को महिला सम्मान के संदेश से जोड़ा, जो सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है।