अमृतसर में 6 तस्कर गिरफ्तार: 2.9 किलो हेरोइन और 8 पिस्तौल बरामद, ड्रोन से होती थी सप्लाई
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर में पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और काउंटर इंटेलिजेंस ने 28 अगस्त 2026 को दो अलग-अलग ऑपरेशन में 6 तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 2.920 किलोग्राम हेरोइन तथा 8 हाई-एंड पिस्तौल बरामद कीं। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशीले पदार्थ मँगाकर पंजाब में आपराधिक नेटवर्क को सप्लाई कर रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
पंजाब के डीजीपी ने बताया कि SSOC और काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने दो समन्वित ऑपरेशन चलाकर इन गिरोहों का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों पर आरोप है कि वे विदेशों में बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। हैंडलरों के इशारे पर इन्हें अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप उपलब्ध कराई जाती थी, जिसे बाद में राज्य के विभिन्न आपराधिक तत्वों के बीच वितरित किया जाता था।
अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल पुलिस स्टेशन में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। आगे की जाँच जारी है ताकि तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी सदस्यों की पहचान की जा सके।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह ऐसे समय में आया है जब इससे पहले अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने हथियारों और नशा तस्करी से जुड़े तीन अलग-अलग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में 9 अवैध पिस्तौल और 6.311 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। उस मामले में थाना कैंट और थाना छेहरटा में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।
गौरतलब है कि यह क्षेत्र पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है और सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियार व नशे की तस्करी की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। यह हाल के महीनों में पंजाब पुलिस द्वारा की गई ऐसी कई बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
पुलिस की रणनीति और जीरो टॉलरेंस नीति
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि सीमा पार तस्करी पर कड़ी नज़र रखने और नशीले पदार्थों व अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस का लक्ष्य इन नेटवर्कों की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ना है।
आगे क्या होगा
जाँच एजेंसियाँ अब विदेशों में बैठे हैंडलरों की पहचान और उनसे संपर्क के तरीकों का पता लगाने में जुटी हैं। अमृतसर SSOC के अधिकारियों के अनुसार, तस्करी नेटवर्क के आगे-पीछे के सभी कनेक्शन उजागर करने के लिए जाँच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।