28 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक: CM शिवकुमार ने नागेंद्र के इस्तीफे के संकेत दिए, आदिवासी कल्याण घोटाले में BJP का विरोध मार्च

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक: CM शिवकुमार ने नागेंद्र के इस्तीफे के संकेत दिए, आदिवासी कल्याण घोटाले में BJP का विरोध मार्च

सारांश

कर्नाटक में कथित आदिवासी कल्याण घोटाले के बीच CM शिवकुमार ने मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे के संकेत दिए — फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ा। BJP-JD(S) का 185 किमी विरोध मार्च और विधानसभा की अनिश्चितकालीन स्थगना से सियासी तापमान चरम पर।

मुख्य बातें

कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार ने 28 अगस्त को संकेत दिया कि मंत्री बी.
नागेंद्र जल्द मीडिया के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
नागेंद्र ने CM से कहा कि वे कांग्रेस के 'अनुशासित सिपाही' हैं और पार्टी के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं।
नागेंद्र के संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान पर छोड़ा गया है।
BJP और JD(S) ने कथित आदिवासी कल्याण घोटाले में नागेंद्र की भूमिका का आरोप लगाते हुए 185 किलोमीटर के विरोध मार्च की घोषणा की।
BJP के रातभर विरोध की घोषणा के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित की।
विवाद कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार, 28 अगस्त को बेंगलुरु के मानेकशा परेड ग्राउंड में पत्रकारों से बात करते हुए संकेत दिया कि राज्य के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र जल्द ही अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। कथित आदिवासी कल्याण घोटाले में नागेंद्र की कथित संलिप्तता को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है और विपक्षी दल सड़क पर उतर आए हैं।

मुख्यमंत्री का बयान

शिवकुमार ने कहा कि मंत्री नागेंद्र ने शुक्रवार सुबह उनसे व्यक्तिगत रूप से बात की थी। उन्होंने स्पष्ट किया, 'उन्होंने सुबह मुझसे बात की थी। वे सीधे मीडिया से बात करेंगे। वे आकर आपसे बात करेंगे।' मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नागेंद्र ने खुद को कांग्रेस पार्टी का 'अनुशासित सिपाही' बताया और पार्टी के लिए हर तरह की कुर्बानी देने की तत्परता जताई।

शिवकुमार ने आगे कहा, 'हमने मंत्री बी. नागेंद्र का मामला आलाकमान पर छोड़ दिया है। मैंने यह उन पर छोड़ दिया है और वे इस बारे में बात करेंगे।' यह बयान राजनीतिक हलकों में इस्तीफे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

घोटाले की पृष्ठभूमि

यह विवाद कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि निगम के धन का दुरुपयोग किया गया, जिसमें मंत्री नागेंद्र की कथित भूमिका को लेकर जाँच जारी है। गौरतलब है कि यह मामला तब और गरमाया जब संबंधित जाँच की रिपोर्टें सामने आईं और विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया।

विपक्ष का विरोध और विधानसभा में हंगामा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] ने मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज़ कर दिए हैं। दोनों दलों ने 185 किलोमीटर के विरोध मार्च की घोषणा की है। BJP ने रातभर विरोध प्रदर्शन की भी घोषणा की, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष ने राज्य मंत्रिमंडल में नागेंद्र के बने रहने पर भी सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस की रणनीति

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि नागेंद्र के संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व यानी पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर विपक्षी दबाव लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी आलाकमान को इस मामले में जल्द कोई ठोस निर्णय लेना होगा, ताकि सरकार की साख पर असर न पड़े।

आगे क्या

मंत्री बी. नागेंद्र के मीडिया से सीधे बात करने की उम्मीद है, जिसमें वे अपनी स्थिति और संभावित इस्तीफे पर स्पष्टीकरण दे सकते हैं। विपक्ष का 185 किलोमीटर का विरोध मार्च राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। कर्नाटक सरकार के लिए यह मामला एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बस समय और मंच का इंतज़ार है। असली सवाल यह है कि कांग्रेस आलाकमान ने इतनी देर क्यों लगाई, जबकि विपक्ष सड़क और सदन दोनों जगह आक्रामक था। वाल्मीकि निगम घोटाला महज एक मंत्री की कुर्सी का मामला नहीं — यह अनुसूचित जनजाति समुदाय के कल्याण कोष की विश्वसनीयता का सवाल है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। विधानसभा स्थगन और 185 किमी विरोध मार्च यह बताते हैं कि यह संकट अभी टला नहीं है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंत्री बी. नागेंद्र पर क्या आरोप हैं?
मंत्री बी. नागेंद्र पर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्तता का आरोप है। यह एक कथित आदिवासी कल्याण घोटाला है, जिसकी जाँच चल रही है।
CM शिवकुमार ने नागेंद्र के इस्तीफे पर क्या कहा?
CM डीके शिवकुमार ने 28 अगस्त को कहा कि नागेंद्र ने सुबह उनसे बात की और वे सीधे मीडिया से अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नागेंद्र का मामला कांग्रेस आलाकमान पर छोड़ दिया गया है।
BJP और JD(S) क्यों विरोध कर रहे हैं?
BJP और JD(S) ने नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू किए हैं और 185 किलोमीटर के विरोध मार्च की घोषणा की है। BJP के रातभर विरोध की घोषणा के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।
कर्नाटक वाल्मीकि निगम घोटाला क्या है?
यह कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। इसमें आदिवासी कल्याण के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग का आरोप है, जिसकी जाँच जारी है।
नागेंद्र प्रकरण में आगे क्या होने की संभावना है?
मंत्री बी. नागेंद्र के जल्द मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की उम्मीद है। कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद ही इस्तीफे पर अंतिम निर्णय होगा, जबकि विपक्ष का विरोध मार्च राज्य की राजनीति में दबाव बनाए रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले