मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग: कर्नाटक भाजपा युवा मोर्चा का बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के युवा मोर्चा ने 12 अगस्त 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, 'महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम' में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा लें। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस आलाकमान और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आदिवासी कल्याण घोटाले में हिस्सेदारी का आरोप भी लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाजपा युवा मोर्चा बेंगलुरु सेंट्रल जिले के अध्यक्ष जगदीश आर. चंद्रा ने कहा कि नागेंद्र को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि कथित घोटाले से जुड़ा मामला अभी भी जाँच के दायरे में है। उन्होंने कहा, 'इस मामले की जाँच अभी चल रही है। नागेंद्र ने पहले विवाद के चलते इस्तीफा दे दिया था और उन्हें मंत्री के तौर पर काम करने का एक और मौका देना सही नहीं है।'
चंद्रा ने चेतावनी दी कि यदि नागेंद्र ने पद नहीं छोड़ा, तो भाजपा युवा मोर्चा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरज मुनिराजू के नेतृत्व में अपना आंदोलन और तेज करेगा। इस प्रदर्शन में भाजपा युवा मोर्चा के बेंगलुरु उत्तर जिला अध्यक्ष यतिन वेंकटेश, पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
भाजपा के अन्य आरोप
चंद्रा ने कांग्रेस सरकार पर किसानों, छात्रों और महिलाओं के हितों की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। कैबिनेट विस्तार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी भी महिला को मंत्री पद नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या सरकार सिर्फ महिलाओं के वोट चाहती है? यह किस तरह का न्याय है?'
उन्होंने धारवाड़ में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर सरकार के रवैये की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य के मुद्दों को हल करने के बजाय दिल्ली की यात्राओं पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। नए मंत्रियों को विभाग सौंपने में हुई देरी पर भी भाजपा ने निशाना साधा, यह कहते हुए कि इससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
मंत्री नागेंद्र की प्रतिक्रिया
बेंगलुरु में विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री बी. नागेंद्र ने अपने ऊपर लगे आरोपों को 'बेतुका' बताया और कहा कि भाजपा विपक्ष में होने के कारण यह मुद्दा उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ मामला अदालत के सामने है और सुनवाई जारी है।
नागेंद्र ने दावा किया कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि कांग्रेस ने बेल्लारी जिले की सभी पाँच विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा, 'बरामद किए गए ₹84 करोड़ में से एक भी रुपया मुझसे बरामद नहीं हुआ है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई कैबिनेट विस्तार के दौरान नोटिस जारी कर इस मुद्दे को उछाल रही थी और उन पर साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।
नागेंद्र ने कहा, 'भाजपा जहाँ भी कमजोर होती है, वहाँ वह कांग्रेस नेताओं के लिए मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश करती है। अगर मैं भाजपा में शामिल हो जाऊँ, तो मेरे ऊपर लगे सभी आरोप खत्म हो जाएँगे।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नागेंद्र पहले भी इसी विवाद के चलते मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं और बाद में उन्हें पुनः मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। यह मामला ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार कैबिनेट विस्तार और आंतरिक समन्वय की चुनौतियों से जूझ रही है। आलोचकों का कहना है कि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं की पूरी और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
आगे क्या
भाजपा युवा मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि नागेंद्र का इस्तीफा नहीं हुआ तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। मामले की न्यायालय में सुनवाई जारी है और सीबीआई जाँच भी चल रही है, जिसके परिणाम इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय करेंगे।