24 अगस्त 2026
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वाल्मीकि घोटाला: भाजपा ने विधान सौधा घेरा, नागेंद्र के इस्तीफे की मांग; अशोक-विजयेंद्र समेत कई हिरासत में

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वाल्मीकि घोटाला: भाजपा ने विधान सौधा घेरा, नागेंद्र के इस्तीफे की मांग; अशोक-विजयेंद्र समेत कई हिरासत में

सारांश

भाजपा ने बेंगलुरु में विधान सौधा का घेराव कर वाल्मीकि जनजाति विकास निगम में कथित ₹180 करोड़ के घोटाले पर मंत्री नागेंद्र का इस्तीफा माँगा। विपक्ष के नेता आर. अशोक और भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया — दलित व जनजातीय कल्याण निधि के कथित दुरुपयोग का मुद्दा अब कर्नाटक की राजनीति के केंद्र में है।

मुख्य बातें

24 अगस्त को भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बेंगलुरु में विधान सौधा का घेराव करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन का केंद्र कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित ₹180 करोड़ की वित्तीय अनियमितता है।
अशोक और भाजपा अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र सहित महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
रवि कुमार का दावा — जाँच में ₹100 करोड़ से अधिक अन्य राज्यों के चुनावों में और ₹20 करोड़ बल्लारी चुनाव में खर्च होने का पता चला।
भाजपा ने योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी.
नागेंद्र का तत्काल इस्तीफा माँगते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

बेंगलुरु में सोमवार, 24 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कर्नाटक के विधान सौधा का घेराव करने का प्रयास किया। यह प्रदर्शन कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आयोजित किया गया था, जिसमें भाजपा ने राज्य के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र का तत्काल इस्तीफा माँगा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश से रोका और विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र सहित महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी कार, ऑटो-रिक्शा और मेट्रो से विधान सौधा के चारों प्रवेश द्वारों पर एकत्र हुए। एक बड़े समूह ने विकास सौधा की ओर से परिसर में घुसने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। केसरिया शॉल लहराते प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस ने अनेक कार्यकर्ताओं को बीएमटीसी बसों और अन्य वाहनों में बिठाकर हिरासत में लिया।

इसके साथ ही, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में फ्रीडम पार्क में एक समानांतर विरोध-प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने 'हमें न्याय चाहिए', 'इस्तीफा जरूरी है' जैसे नारे लगाए।

नेताओं के आरोप

पुलिस वाहन के भीतर से पत्रकारों को संबोधित करते हुए आर. अशोक ने आरोप लगाया, 'सरकार ने दलितों का पैसा हड़प लिया है। दलित कल्याण योजनाओं के लिए अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार ने यह पैसा अपने नेताओं में बांट दिया है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री नागेंद्र ने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से कथित तौर पर लगभग ₹180 करोड़ का गबन किया है।

विजयेंद्र ने कहा, 'यह विरोध कांग्रेस सरकार के खिलाफ है, जो मंत्री नागेंद्र को कैबिनेट से हटाने में हिचकिचा रही है और भ्रष्टाचार का समर्थन करती दिख रही है।' उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा भाजपा पर लगाए गए 'गुंडागर्दी' के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि राज्य की जनता सच्चाई जानती है।

भाजपा एमएलसी एन. रवि कुमार ने दावा किया कि जाँच से पता चला है कि कथित घोटाले की राशि में से ₹100 करोड़ से अधिक अन्य राज्यों के चुनावों पर और ₹20 करोड़ बल्लारी चुनाव में खर्च किए गए।

घोटाले की पृष्ठभूमि

यह विवाद कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। भाजपा का आरोप है कि अनुसूचित जनजाति समुदायों के कल्याण के लिए आवंटित धनराशि को कथित तौर पर दूसरे कामों में लगाया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दलित कल्याण के लिए रखा गया पैसा अन्यत्र इस्तेमाल किया गया।

गौरतलब है कि इस प्रकरण ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार और विपक्षी भाजपा व जनता दल (सेक्युलर) के बीच टकराव को और तीखा कर दिया है। वरिष्ठ भाजपा नेता और एमएलसी एन. रवि कुमार ने विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिसमें एमएलसी सी.टी. रवि सहित पार्टी के कई अन्य नेता भी शामिल हुए।

पुलिस कार्रवाई पर विवाद

अशोक ने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'अगर सरकार इस तरह की कार्रवाई करती है, तो यह ठीक नहीं है। हम शांति से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार हम पर हमला कर रही है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।' विजयेंद्र ने भी कहा कि भाजपा और जेडी(एस) दलितों के हितों के लिए आंदोलन कर रहे हैं और यह आंदोलन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।

आगे क्या

भाजपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक मंत्री नागेंद्र इस्तीफा नहीं देते और कथित घोटाले की निष्पक्ष जाँच नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है और राज्य की राजनीति में जनजातीय व दलित कल्याण निधि के कथित दुरुपयोग का मुद्दा केंद्र में आ गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सिमट जाएगा। जब तक निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच का नतीजा सामने नहीं आता, जनजातीय समुदायों के वास्तविक हितों की आवाज़ इस राजनीतिक शोर में दबती रहेगी।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला क्या है?
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं का यह मामला है, जिसमें भाजपा का आरोप है कि जनजातीय व दलित कल्याण के लिए आवंटित धनराशि — कथित तौर पर लगभग ₹180 करोड़ — को दूसरे कामों में लगाया गया। इस मामले को लेकर भाजपा ने योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा माँगा है।
24 अगस्त को विधान सौधा पर क्या हुआ?
भाजपा कार्यकर्ता और नेता बेंगलुरु के विधान सौधा के चारों प्रवेश द्वारों पर एकत्र हुए और परिसर में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोका और विपक्ष के नेता आर. अशोक, भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र तथा महिला कार्यकर्ताओं सहित कई लोगों को हिरासत में लिया।
भाजपा नेता आर. अशोक ने क्या आरोप लगाए?
पुलिस वाहन से पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने दलित कल्याण योजनाओं का पैसा अपने नेताओं में बाँट दिया है। उन्होंने कहा कि मंत्री नागेंद्र ने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से कथित तौर पर लगभग ₹180 करोड़ का गबन किया है और यह राशि जनता को वापस मिलनी चाहिए।
भाजपा एमएलसी एन. रवि कुमार ने कौन-से आँकड़े पेश किए?
रवि कुमार ने दावा किया कि जाँच से पता चला है कि कथित घोटाले की राशि में से ₹100 करोड़ से अधिक अन्य राज्यों के चुनावों पर और ₹20 करोड़ बल्लारी चुनाव में खर्च किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार इस घोटाले को हल्के में नहीं ले सकती।
भाजपा का आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा?
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक मंत्री नागेंद्र इस्तीफा नहीं देते और घोटाले की निष्पक्ष जाँच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा और जेडी(एस) मिलकर दलितों व जनजातीय समुदायों के हितों के लिए लड़ रहे हैं और यह आंदोलन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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