21 अगस्त 2026
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बेंगलुरु: काली टी-शर्ट में भाजपा विधायकों ने विधान सौधा में किया जबरन प्रवेश, नागेंद्र के इस्तीफे की माँग

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बेंगलुरु: काली टी-शर्ट में भाजपा विधायकों ने विधान सौधा में किया जबरन प्रवेश, नागेंद्र के इस्तीफे की माँग

सारांश

भाजपा विधायकों ने काली टी-शर्ट में विधान सौधा का सुरक्षा घेरा तोड़ा — आदिवासी कल्याण निगम में कथित भ्रष्टाचार और मंत्री नागेंद्र के खिलाफ 31 मामलों के बावजूद कांग्रेस सरकार के इस्तीफा न लेने के विरोध में। कर्नाटक में राजनीतिक टकराव अब सड़क से सदन तक पहुँच गया है।

मुख्य बातें

21 अगस्त को भाजपा विधायकों और MLC ने काली टी-शर्ट पहनकर विधान सौधा में जबरन प्रवेश किया।
प्रदर्शन आदिवासी कल्याण निगम के कोष में कथित अनियमितताओं और मंत्री बी.
नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर था।
अशोक के अनुसार मंत्री नागेंद्र के खिलाफ 31 मामले दर्ज हैं और सीबीआई आरोप पत्र भी दायर कर चुकी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व बी.वाई.
अशोक और चलवाडी नारायणस्वामी ने किया।
भाजपा ने घोषणा की कि विधानसभा सत्र के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा।

कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार, 21 अगस्त को उस समय हंगामा मच गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLC) ने काली टी-शर्ट पहनकर विधान सौधा में जबरन प्रवेश किया। यह प्रदर्शन आदिवासी कल्याण निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर किया गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा प्रवेश रोके जाने के बाद भाजपा विधायकों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर भवन में प्रवेश किया।

मुख्य घटनाक्रम

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत विधायक भवन में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के पास हुई, जहाँ भाजपा नेताओं ने आदिवासी कल्याण निगम के कोष के कथित दुरुपयोग के विरोध में नारे लगाए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में नेता विपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने किया।

भाजपा सदस्यों की काली टी-शर्ट पर 'इस समुदाय को न्याय मिलना चाहिए' और 'भ्रष्ट मंत्री बी. नागेंद्र को इस्तीफा देना चाहिए' जैसे संदेश लिखे हुए थे। विधायक भवन से मार्च निकालकर जब ये नेता विधान सौधा के प्रवेश द्वार पर पहुँचे, तो मार्शलों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि टी-शर्ट पहनकर सदन में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रवेश

रोके जाने पर नेता विपक्ष आर. अशोक ने विधायकों और MLC को सुरक्षाकर्मियों को धक्का देकर भवन में प्रवेश करने के लिए कहा। इसके बाद भाजपा सदस्यों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाते हुए सुरक्षा घेरा तोड़कर विधान सौधा में प्रवेश कर लिया। यह ऐसे समय में आया है जब विधानसभा का सत्र चल रहा था और सदन में इस मुद्दे पर पहले से ही गतिरोध बना हुआ था।

विपक्ष के आरोप

नेता विपक्ष आर. अशोक ने आरोप लगाया, "इतने सारे सबूत होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने दलितों के लिए आवंटित धन की कथित लूट के लिए पूरे सत्र को रोक दिया है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने सदन में दावा किया कि मंत्री नागेंद्र के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है, जबकि उनके खिलाफ 31 मामले दर्ज हैं।"

अशोक ने आगे कहा, "सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्री पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं। सीबीआई की ओर से आरोप पत्र भी दायर किया जा चुका है। सरकार को मंत्री नागेंद्र को बर्खास्त कर सत्र को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए।" अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि कथित तौर पर लूटा गया धन राहुल गांधी के आवास और चुनाव में खर्च किया गया — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि चालू विधानसभा सत्र के बाद भी पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री और सत्ताधारी पार्टी का यह रुख कि चाहे कुछ भी हो जाए, भ्रष्ट मंत्री नागेंद्र को मंत्रिमंडल से नहीं हटाएंगे — यह स्पष्ट करता है कि यह सरकार भ्रष्टों की है और भ्रष्टों के लिए है।" विजयेंद्र ने यह भी पूछा कि दलितों के लिए आवंटित धन के कथित दुरुपयोग के दौरान मंत्री नागेंद्र और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल को इसकी जानकारी थी या नहीं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह विवाद आदिवासी कल्याण निगम के कोष में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई जाँच पहले से चल रही है। भाजपा ने संकेत दिया है कि सत्र के बाद भी यह आंदोलन तेज होगा। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अभी तक मंत्री नागेंद्र को हटाने से इनकार किया है, जिससे राजनीतिक टकराव और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2028 के विधानसभा चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। कांग्रेस के लिए असली चुनौती यह है कि अगर वह नागेंद्र को हटाती है तो गठबंधन की राजनीति पर असर पड़ता है, और अगर नहीं हटाती तो भ्रष्टाचार-विरोधी छवि दाँव पर लगती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में भाजपा ने विधान सौधा में जबरन प्रवेश क्यों किया?
भाजपा विधायकों और MLC ने आदिवासी कल्याण निगम के कोष में कथित अनियमितताओं के विरोध में और मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर यह प्रदर्शन किया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा काली टी-शर्ट में प्रवेश रोके जाने के बाद उन्होंने जबरन भवन में प्रवेश किया।
मंत्री बी. नागेंद्र पर क्या आरोप हैं?
नेता विपक्ष आर. अशोक के अनुसार मंत्री बी. नागेंद्र के खिलाफ 31 मामले दर्ज हैं और सीबीआई आरोप पत्र भी दायर कर चुकी है। आरोप है कि आदिवासी कल्याण निगम के कोष का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में नेता विपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने किया।
कर्नाटक सरकार का इस मामले में क्या रुख है?
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने अभी तक मंत्री नागेंद्र को हटाने से इनकार किया है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने सदन में दावा किया कि मंत्री के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है, जिसे भाजपा ने गलत बताया है।
भाजपा का आंदोलन आगे कैसे जारी रहेगा?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने घोषणा की है कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद भी पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने इसे दलित और आदिवासी समुदायों के न्याय का मुद्दा बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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