वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला: CM शिवकुमार ने नागेंद्र का इस्तीफा राज्यपाल को भेजा, BJP ने साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 29 अगस्त को मैसूर में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा उसी दिन राज्यपाल थावरचंद गहलोत को भेज दिया जाएगा। कथित वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले के राजनीतिक भंवर में फँसे नागेंद्र ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई।
मुख्यमंत्री का बयान और विपक्ष पर पलटवार
शिवकुमार ने कहा कि नागेंद्र ने कांग्रेस पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने के लिए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेकुलर) [JD(S)] पर आरोप लगाया कि दोनों दल राज्य के वास्तविक मुद्दों — सूखा और कावेरी जल विवाद — की बजाय राजनीतिक लाभ के पीछे भाग रहे हैं।
शिवकुमार ने तीखे शब्दों में कहा, 'उनके लिए राजनीति ज़रूरी है। सूखा और लोगों की ज़िंदगी ज़रूरी नहीं है। उन्हें राज्य की भलाई की कोई परवाह नहीं है। वे कावेरी मुद्दे या हम सूखे से कैसे निपट रहे हैं, इस पर चर्चा नहीं करना चाहते।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष विधानसभा में चर्चा के लिए नोटिस देने से बचता रहा।
BJP और JD(S) के विरोध मार्च पर प्रतिक्रिया
BJP और JD(S) द्वारा निकाले गए विरोध मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि पूरा NDA उनके मुख्यमंत्री बनने को पचा नहीं पा रहा। यह बयान राज्य की राजनीति में व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा की गहराई को उजागर करता है। गौरतलब है कि नागेंद्र के इस्तीफे को लेकर विपक्ष ने कर्नाटक में व्यापक विरोध-प्रदर्शन किए थे।
BJP का पलटवार: श्रीरामुलु और रेड्डी के आरोप
वरिष्ठ BJP नेता और पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु ने नागेंद्र की भावनात्मक स्थिति के लिए कांग्रेस पार्टी को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'मंत्री नागेंद्र के आँसुओं के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। BJP नेता आपके आँसुओं के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।'
श्रीरामुलु ने दलित अधिकारी चंद्रशेखर का भी उल्लेख किया, जिन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने दावा किया कि उस घटना और उनके परिवार का दुख नागेंद्र को मानसिक रूप से परेशान कर रहा है।
BJP विधायक रेड्डी ने नागेंद्र पर और तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि क्या BJP ने उन्हें ₹187 करोड़ लूटकर 600 खातों में भेजने का निर्देश दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घोटाले के पैसे से मुंबई, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में धन भेजा गया और लोकसभा चुनाव में तुकाराम की जीत सुनिश्चित करने की कोशिश की गई। रेड्डी ने नागेंद्र की चुनावी चुनौती का जवाब देते हुए कहा, 'हम आपका सामना करने के लिए तैयार हैं।'
वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला: पृष्ठभूमि
कथित वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला कर्नाटक सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट बनकर उभरा है। आरोप है कि निगम के फंड का दुरुपयोग कर ₹187 करोड़ की राशि अनेक खातों में स्थानांतरित की गई। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है।
आगे क्या होगा
राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद नागेंद्र की जगह नए मंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। इस घोटाले की जाँच जारी है और आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।