कर्नाटक मंत्री बी. नागेंद्र का ऐलान: भाजपा की धमकियों से नहीं डरूंगा, CM शिवकुमार से करूंगा विस्तृत चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र शुक्रवार, 28 अगस्त को दिल्ली से बेंगलुरु लौटे और बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वे भाजपा की 'झूठी धमकियों' से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात के बाद ही अपना अगला कदम तय करेंगे और पार्टी को किसी भी स्थिति में शर्मिंदगी नहीं उठाने देंगे।
मुख्य घटनाक्रम
नागेंद्र का यह बयान कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद की पृष्ठभूमि में आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेकुलर) ने उनके इस्तीफे की माँग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया है और 185 किलोमीटर लंबे विरोध मार्च की घोषणा भी की है।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए नागेंद्र ने कहा, "मैं भाजपा की झूठी धमकियों से नहीं डरूंगा। मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। मेरी वजह से पार्टी को शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री के साथ इस मामले पर विस्तार से चर्चा करूंगा।"
इस्तीफे पर स्थिति
जब पत्रकारों ने सीधे इस्तीफे की खबरों पर प्रतिक्रिया माँगी, तो नागेंद्र ने कोई स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, "मैं पहले मुख्यमंत्री के साथ इस पर चर्चा करूंगा। जब मैं उनसे इस मामले पर विस्तार से बात कर लूंगा, तब अगला कदम उठाऊंगा।" उन्होंने देर शाम विधान सौधा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी बुलाई, जहाँ इस्तीफे पर निर्णय की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही थी।
पार्टी आलाकमान और CM शिवकुमार का रुख
मुख्यमंत्री शिवकुमार पहले ही कह चुके हैं कि नागेंद्र से जुड़ा मामला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि नागेंद्र खुद मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे। नागेंद्र ने खुद को पार्टी का 'अनुशासित सिपाही' बताया है और कहा है कि वे पार्टी के लिए कुर्बानी देने को तैयार हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि नागेंद्र दिल्ली में राजनीतिक हलचल के बीच गए थे और उनकी वापसी को अहम माना जा रहा है। मंत्री ने अपने विरोधियों पर भी निशाना साधा और कहा कि 'मनुवादियों' के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी — हालाँकि उन्होंने इस पर विस्तार से कुछ नहीं कहा।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री शिवकुमार के साथ बैठक और विधान सौधा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नागेंद्र मंत्री पद पर बने रहेंगे या इस्तीफा देंगे। कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं की जाँच का दायरा और परिणाम आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।