बी. नागेंद्र की कैबिनेट वापसी पर भड़के विजयेंद्र: 'यह अक्षम्य है', BJP-JDS ने दी आंदोलन की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मंगलवार, 11 अगस्त को राज्य सरकार के उस फैसले की कड़ी निंदा की, जिसमें विवादास्पद पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र को कर्नाटक कैबिनेट में पुनः शामिल किया गया है। विजयेंद्र ने इस कदम को 'अक्षम्य' करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले नागेंद्र को कैबिनेट से नहीं हटाया गया, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) [JD(S)] मिलकर अपना विरोध तेज करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
विजयेंद्र ने सरकार पर सीधा सवाल दागा — 'नागेंद्र को कैबिनेट में शामिल करने की क्या मजबूरी थी? सरकार किस बात से डर रही थी?' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि नागेंद्र ने स्वयं कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में वित्तीय अनियमितताओं की बात स्वीकार की थी। भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि पूर्व मंत्री को इस मामले में अभी तक पूरी तरह क्लीन चिट नहीं मिली है।
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से माँग की कि वे विधानसभा सत्र प्रारंभ होने से पहले नागेंद्र का इस्तीफा लें। उन्होंने कहा कि जब तक नागेंद्र पद नहीं छोड़ते, BJP-JD(S) का संघर्ष विधानसभा के भीतर और बाहर — दोनों मोर्चों पर जारी रहेगा।
वाल्मीकि निगम घोटाला: पृष्ठभूमि
यह विवाद महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड से कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से धन निकाले जाने के मामले से जुड़ा है, जो राज्य सरकार द्वारा संचालित आदिवासी कल्याण संस्था है। इस घोटाले के उजागर होने पर तत्कालीन अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बी. नागेंद्र को इस्तीफा देना पड़ा था और उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
केंद्रीय जाँच एजेंसियों — केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) — ने इस मामले की जाँच की। हालाँकि, राज्य के आपराधिक जाँच विभाग (CID) ने नागेंद्र को क्लीन चिट दे दी है। विजयेंद्र का तर्क है कि केंद्रीय एजेंसियों की जाँच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए उनकी कैबिनेट में वापसी समय से पहले और अनुचित है।
सरकार पर व्यापक आरोप
भाजपा अध्यक्ष ने नागेंद्र मुद्दे से आगे बढ़ते हुए कर्नाटक सरकार पर कई मोर्चों पर विफलता के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन — जिसमें वृद्धावस्था, विधवा और विकलांगता पेंशन शामिल हैं — ठीक से वितरित नहीं की जा रहीं। इसके अलावा, दूध उत्पादकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी समय पर जारी नहीं हो रही।
विजयेंद्र ने कहा कि कम वर्षा के कारण किसानों को फसल नुकसान झेलना पड़ रहा है और राज्य में सूखे की स्थिति गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया — 'सरकार को लोगों की समस्याओं से ज्यादा कांग्रेस आलाकमान की राजनीति की चिंता है।'
विपक्ष की रणनीति
विजयेंद्र ने घोषणा की कि BJP और JD(S) आगामी विधानसभा सत्र का उपयोग किसानों, सामाजिक सुरक्षा लाभार्थियों, दूध उत्पादकों और अन्य वर्गों के मुद्दे उठाने के लिए करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि सत्र का सुचारू संचालन तभी संभव होगा जब सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने को तैयार हो। नागेंद्र की कैबिनेट वापसी का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
आगे क्या होगा
कर्नाटक विधानसभा का आगामी सत्र BJP-JD(S) गठबंधन और सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच तीखी नोकझोंक का मंच बन सकता है। नागेंद्र पर CBI और ED की जाँच की स्थिति इस राजनीतिक संघर्ष की दिशा तय करेगी।