कर्नाटक: मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा, CM शिवकुमार 29 अगस्त को हाईकमान से चर्चा के बाद लेंगे अंतिम फैसला
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 28 अगस्त को स्पष्ट किया कि राज्य के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे पर अंतिम निर्णय 29 अगस्त को कांग्रेस हाईकमान से विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा। नागेंद्र ने स्वयं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पार्टी हित में मंत्रिमंडल छोड़ने की इच्छा जताई और अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया।
इस्तीफे की पृष्ठभूमि
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लंबे समय से नागेंद्र के इस्तीफे की माँग करती रही है। इस विवाद के चलते कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही भी बाधित हुई और विपक्ष ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस सरकार पर कई मोर्चों पर दबाव बना हुआ है।
नागेंद्र का कहना था कि उनके खिलाफ चल रहे विवाद के कारण कांग्रेस सरकार को असहज स्थिति का सामना न करना पड़े और विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित न हो। गौरतलब है कि यह दूसरा मौका है जब नागेंद्र ने इसी मामले को लेकर मंत्री पद त्यागने की पेशकश की है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
शिवकुमार ने बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में कहा, 'वह पार्टी को किसी तरह की शर्मिंदगी में नहीं डालना चाहते। वह कांग्रेस के एक सच्चे दलित नेता हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि नागेंद्र का यह फैसला उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुखी करता है।
मुख्यमंत्री ने नागेंद्र का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने आरोपों का विस्तृत अध्ययन किया है और उनकी कानूनी टीम ने भी पूरी जानकारी दी है। उन्होंने दावा किया, 'नागेंद्र का कथित अनियमितताओं से कोई संबंध नहीं है।' साथ ही उन्होंने जोड़ा कि पार्टी और सरकार किसी भी व्यक्ति से बड़ी होती है।
नागेंद्र की राजनीतिक पहचान
शिवकुमार ने नागेंद्र की राजनीतिक यात्रा को रेखांकित करते हुए बताया कि वे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और उन्होंने BJP के एक वरिष्ठ नेता को दो बार चुनाव में पराजित किया है। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए भी यह पीड़ादायक है। उन्होंने भाजपा के एक बड़े नेता को दो बार हराकर जीत हासिल की थी।'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, 'मैं हमेशा कहता रहा हूं कि नागेंद्र पार्टी के लिए कुछ भी त्यागने को तैयार रहते हैं। उन्होंने आज इसे साबित कर दिया है।' उन्होंने विश्वास जताया कि नागेंद्र शीघ्र ही अपने ऊपर लगे आरोपों से बाहर निकलेंगे।
अभियोजन अनुमति और कानूनी पहलू
नागेंद्र के खिलाफ अभियोजन की अनुमति माँगे जाने के सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि सरकार को इस संबंध में राज्यपाल का पत्र प्राप्त हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई कानूनी पहलुओं की जाँच होनी है और वे कानून के दायरे में रहकर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं कानूनी मामलों में भेदभाव नहीं कर सकता। अभियोजन की अनुमति को लेकर मैं कानून के अनुसार फैसला करूंगा।'
विपक्ष के दावों पर पलटवार
जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या नागेंद्र का इस्तीफा BJP और जनता दल (सेक्युलर) (JDS) की जीत है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'झूठे आरोपों के आधार पर एक दलित नेता को निशाना बनाना क्या उनकी जीत है? अगर उन्हें खुशी मिलती है तो मिलने दीजिए।' शिवकुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेस उचित समय पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी।
अंतिम फैसला 29 अगस्त को हाईकमान से बातचीत के बाद आने की उम्मीद है, जो कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के लिए एक निर्णायक क्षण होगा।