24 अगस्त 2026
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कर्नाटक भाजपा का आदिवासी कल्याण घोटाले पर 24 घंटे धरना, विजयेंद्र बोले — नागेंद्र का इस्तीफा जब तक नहीं, आंदोलन जारी

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कर्नाटक भाजपा का आदिवासी कल्याण घोटाले पर 24 घंटे धरना, विजयेंद्र बोले — नागेंद्र का इस्तीफा जब तक नहीं, आंदोलन जारी

सारांश

कर्नाटक भाजपा ने आदिवासी कल्याण निगम में कथित घोटाले को लेकर मानसून सत्र में चौबीसों घंटे धरने का ऐलान किया है। भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र का साफ संदेश — जब तक मंत्री नागेंद्र नहीं हटते, आंदोलन नहीं रुकेगा।

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने 24 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान 24 घंटे विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की।
भाजपा की माँग — आदिवासी कल्याण निगम में कथित अनियमितताओं के कारण मंत्री बी.
नागेंद्र को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त किया जाए।
भाजपा ने फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया और विधान सौधा घेराव का प्रयास किया।
पार्क भूमि का 5% अन्य उपयोग हेतु देने के कैबिनेट संशोधन को भाजपा ने 'रियल एस्टेट सरकार' का सबूत बताया।
विजयेंद्र ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि एआईसीसी ने कर्नाटक को 'एटीएम' बना दिया है।
मानसून सत्र 27 अगस्त को समाप्त होगा; सत्र के अंत तक आंदोलन जारी रहने के संकेत।

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोमवार, 24 अगस्त को बेंगलुरु में पत्रकारों को बताया कि पार्टी ने मौजूदा मानसून सत्र के दौरान चौबीसों घंटे विरोध-प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। भाजपा की केंद्रीय माँग है कि आदिवासी कल्याण निगम में कथित अनियमितताओं के मद्देनज़र योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।

मानसून सत्र में लगातार हंगामा

कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त को प्रारंभ हुआ और 27 अगस्त को समाप्त होने वाला है। सत्र के पहले दिन से ही भाजपा ने नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाला है। विजयेंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जब तक नागेंद्र मंत्री पद नहीं छोड़ते, विरोध वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता।' उन्होंने यह भी घोषणा की कि पार्टी रातभर धरना देगी और आंदोलन को और तेज़ करेगी।

फ्रीडम पार्क से विधान सौधा तक प्रदर्शन

भाजपा ने सोमवार को फ्रीडम पार्क, बेंगलुरु में विरोध-प्रदर्शन किया और कथित भ्रष्टाचार को लेकर नागेंद्र के इस्तीफे की माँग करते हुए विधान सौधा का घेराव करने का प्रयास किया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कांग्रेस सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

पार्क भूमि संशोधन पर भी निशाना

विजयेंद्र ने कैबिनेट के उस निर्णय की भी कड़ी आलोचना की, जिसके तहत कर्नाटक भर के सरकारी पार्कों और बगीचों की कुल भूमि का पाँच प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक एवं अन्य ज़रूरी कार्यों के लिए उपयोग करने की अनुमति देने वाले संशोधनों को मंजूरी दी गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सार्वजनिक हरित स्थानों की कीमत पर रियल एस्टेट हितों को बढ़ावा दे रही है। विजयेंद्र ने कहा, 'इस फैसले से कर्नाटक के लोगों को साफ हो जाएगा कि यह एक रियल एस्टेट सरकार है।'

कांग्रेस पर 'एटीएम' का आरोप

विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर कांग्रेस आलाकमान को लाभ पहुँचाने वाले निर्णय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'एआईसीसी ने कर्नाटक को एटीएम बना दिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार गरीबों के हितों के विरुद्ध काम कर रही है और भाजपा तथा जनता दल (सेकुलर) मिलकर इन जन-विरोधी फैसलों का विरोध करते रहेंगे।

आगे क्या होगा

मानसून सत्र के 27 अगस्त को समाप्त होने तक भाजपा का यह आंदोलन जारी रहने की संभावना है। विजयेंद्र ने दोहराया कि जब तक सरकार नागेंद्र को हटाने की माँग नहीं मानती, पार्टी अपना संघर्ष नहीं रोकेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह टकराव सत्र के अंतिम दिनों में और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समय का चुनाव सदन की उत्पादकता को बंधक बनाने वाला है। गौरतलब है कि भाजपा ने स्वयं सत्ता में रहते हुए विपक्ष के ऐसे व्यवधानों की आलोचना की थी। पार्क भूमि संशोधन का मुद्दा उठाना राजनीतिक रूप से चतुर है, क्योंकि यह शहरी मतदाताओं को सीधे प्रभावित करता है — लेकिन 'रियल एस्टेट सरकार' जैसे आरोपों को तथ्यात्मक साक्ष्य की ज़रूरत है, महज़ बयानबाज़ी की नहीं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक भाजपा आदिवासी कल्याण घोटाले पर विरोध क्यों कर रही है?
भाजपा का आरोप है कि आदिवासी कल्याण निगम में कथित अनियमितताएँ हुई हैं, जिसके लिए योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र जिम्मेदार हैं। पार्टी उनके तत्काल इस्तीफे की माँग कर रही है और जब तक यह माँग नहीं मानी जाती, विरोध जारी रखने की घोषणा की है।
कर्नाटक मानसून सत्र 2024 कब तक चलेगा?
कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र 13 अगस्त को शुरू हुआ और 27 अगस्त को समाप्त होने वाला है। इस पूरे सत्र के दौरान भाजपा ने नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर कार्यवाही में व्यवधान डाला है।
भाजपा ने कर्नाटक के पार्क भूमि संशोधन का विरोध क्यों किया?
कैबिनेट ने सरकारी पार्कों और बगीचों की कुल भूमि का 5% सार्वजनिक व अन्य ज़रूरी कार्यों के लिए उपयोग करने की अनुमति देने वाले संशोधनों को मंजूरी दी। भाजपा का आरोप है कि यह निर्णय रियल एस्टेट हितों को फायदा पहुँचाने के लिए किया गया है और सार्वजनिक हरित स्थानों की कीमत पर आया है।
विजयेंद्र ने कांग्रेस पर 'एटीएम' का आरोप क्यों लगाया?
भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार के फैसले कांग्रेस आलाकमान यानी एआईसीसी को लाभ पहुँचाने के लिए लिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, कर्नाटक को राजनीतिक और आर्थिक रूप से एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
भाजपा और जेडीएस का इस आंदोलन में क्या रोल है?
विजयेंद्र के अनुसार, भाजपा और जनता दल (सेकुलर) दोनों मिलकर कांग्रेस सरकार के जन-विरोधी और गरीब-विरोधी बताए गए फैसलों का विरोध कर रहे हैं। दोनों दलों ने सदन के भीतर और बाहर आवाज़ उठाने का संकल्प लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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