नेपाल बाढ़: WHO ने $1,50,000 की आपातकालीन सहायता जारी की, 10,000 लोगों तक पहुँचेगी राहत
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनज़र अपनी राहत कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए तत्काल 1,50,000 अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन धनराशि जारी की है। आवश्यकता आकलन अभी भी जारी है और अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में अतिरिक्त संसाधन भी जारी किए जाने की संभावना है।
WHO की आपातकालीन आपूर्ति और राहत कार्य
WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में बताया कि आपदा शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर संगठन ने आपातकालीन स्वास्थ्य आपूर्ति भेज दी। इसमें अंतर-एजेंसी आपातकालीन स्वास्थ्य सामग्री शामिल थी, जो लगभग 10,000 लोगों को 3 महीने तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर सकती है। इसके साथ ही 10,000 मास्क, टेंट, दस्ताने और हैंड सैनिटाइज़र भी भेजे गए।
घेब्रेयेसस ने कहा, 'हमारी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का समर्थन करना और बाधित स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करना है।' WHO नेपाल सरकार के नेतृत्व में जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए साझेदारों के बीच समन्वय, निगरानी और तकनीकी सहायता भी प्रदान कर रहा है।
भारत की राहत कोशिशें तेज़
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 29 अगस्त को बताया कि 10 टन से अधिक मानवीय सहायता सामग्री और चिकित्सा दल को लेकर तीसरी विशेष उड़ान नई दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पुष्टि की कि इस उड़ान में पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और जल शोधन की गोलियाँ भेजी गई हैं।
उड़ान में 11 सदस्यीय डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम के साथ-साथ सुरंग बचाव अभियान के लिए एक रेकी टीम भी सवार थी। यह ऐसे समय में आया है जब बुधवार, 27 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है।
आम जनता पर असर
बाढ़ प्रभावित समुदायों के सामने स्वास्थ्य सेवाओं की बाधा, पेयजल की कमी और आवास संकट जैसी गंभीर चुनौतियाँ हैं। WHO के अनुसार, बाधित स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता है क्योंकि बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का ख़तरा तेज़ी से बढ़ता है। गौरतलब है कि नेपाल जैसे हिमालयी देशों में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ हर वर्ष बड़ी संख्या में जनजीवन को प्रभावित करती हैं।
क्या होगा आगे
WHO ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता आकलन पूरा होने के बाद अतिरिक्त संसाधन जारी किए जाएंगे। संगठन ने सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से निरंतर सहयोग की अपील की है। भारत ने भी संकेत दिया है कि वह नेपाल के राहत एवं बचाव अभियान में अपना सहयोग जारी रखेगा।