27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ राहत: हिंडन एयरबेस से सी-17 ग्लोबमास्टर ने 40 टन सामग्री लेकर भरी उड़ान

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नेपाल बाढ़ राहत: हिंडन एयरबेस से सी-17 ग्लोबमास्टर ने 40 टन सामग्री लेकर भरी उड़ान

सारांश

नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद भारत ने तत्काल कदम उठाया — हिंडन एयरबेस से सी-17 ग्लोबमास्टर ने 40 टन राहत सामग्री लेकर उड़ान भरी, जिसमें मेडिकल सप्लाई और डिग्निटी किट शामिल हैं। यह भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ने 27 अगस्त को हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए उड़ान भरी।
विमान में लगभग 35 से 40 टन राहत सामग्री — मेडिकल सप्लाई, डिग्निटी किट और एनडीआरएफ उपकरण — लदे थे।
नेपाल पहुँचने में लगभग 1 घंटा 15 मिनट का समय अनुमानित था।
सी-130 विमान को भी स्टैंडबाय पर रखा गया, जो आगे की उड़ानों की संभावना दर्शाता है।
हिंडन बेस पहले नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और वेनेजुएला में भी मानवीय सहायता मिशन संचालित कर चुका है।

भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने 27 अगस्त को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए लगभग 40 टन राहत सामग्री लेकर उड़ान भरी। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने यह मानवीय सहायता मिशन तत्काल प्रभाव से शुरू किया।

मिशन का विवरण

विमान के कैप्टन विंग कमांडर लग्नजीत नायक ने बताया, 'बुधवार को हमें नेपाल एचएडीआर मिशन के लिए निर्देश मिले। रात में हमें एनडीआरएफ का सामान और मेडिकल सप्लाई मिली, जिसकी हमने रात भर पैलेटाइजिंग की और फिर लोडिंग की।' उन्होंने बताया कि नेपाल पहुँचने में लगभग 1 घंटा 15 मिनट लगेंगे। राहत सामग्री में मेडिकल सप्लाई, डिग्निटी किट और अन्य आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं।

हिंडन बेस की तैयारी

हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के एओसी एयर कमोडोर राजीव डोभाल ने कहा, 'हम ऐसे कामों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमें इसके लिए पहले से ही जिम्मेदारी दी गई है और हमारे पास इसका अनुभव भी है।' उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय वायुसेना ने इससे पहले नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और वेनेजुएला में भी इसी तरह के मानवीय सहायता अभियान संचालित किए हैं।

ऑपरेशनल तत्परता

चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन जय गणेश ने हिंडन को एचएडीआर ऑपरेशन में 'भाले की नोक' यानी सबसे अग्रणी बेस बताया। उन्होंने कहा, 'जब नेपाल में बाढ़ आई, तो हमें बुधवार दोपहर जानकारी मिली। हमने तुरंत सी-130 और सी-17 दोनों विमानों को स्टैंडबाय पर रख दिया।' गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच आपदा राहत सहयोग की यह परंपरा दशकों पुरानी है।

भारत-नेपाल संबंधों में मानवीय सहायता की भूमिका

यह मिशन ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ से व्यापक तबाही हुई है। भारत की यह त्वरित प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच गहरे पड़ोसी संबंधों को रेखांकित करती है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सामग्री भी इस खेप में शामिल होने से मिशन की व्यापकता स्पष्ट होती है। आगे और सहायता उड़ानों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राहत सामग्री ज़मीन पर कितनी तेज़ी से और किस तक पहुँचती है। नेपाल में अतीत में भी देखा गया है कि हवाई राहत और ज़मीनी वितरण के बीच की खाई अक्सर सबसे कमज़ोर तबके को वंचित छोड़ देती है। हिंडन की 'भाले की नोक' वाली भूमिका सराहनीय है, पर दीर्घकालिक आपदा प्रबंधन साझेदारी — जिसमें पूर्व-स्थापित वितरण नेटवर्क शामिल हों — ही इस सहायता को वास्तविक राहत में बदल सकती है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए क्या भेजा गया?
भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से लगभग 35 से 40 टन राहत सामग्री भेजी गई, जिसमें मेडिकल सप्लाई, डिग्निटी किट और एनडीआरएफ उपकरण शामिल हैं। यह सामग्री नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भेजी गई।
यह मिशन कब और क्यों शुरू हुआ?
27 अगस्त को नेपाल में बाढ़ आने के बाद बुधवार दोपहर हिंडन बेस को सूचना मिली और रातभर सामग्री की पैकेजिंग कर अगले दिन उड़ान भरी गई। यह नेपाल एचएडीआर (मानवीय सहायता एवं आपदा राहत) मिशन का हिस्सा है।
एचएडीआर मिशन में हिंडन एयरबेस की क्या भूमिका है?
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन को भारतीय वायुसेना के एचएडीआर ऑपरेशन में सबसे अग्रणी बेस माना जाता है। यह बेस पहले नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और वेनेजुएला में भी इसी तरह के मानवीय सहायता अभियान संचालित कर चुका है।
क्या और राहत उड़ानें भेजी जाएँगी?
ग्रुप कैप्टन जय गणेश के अनुसार सी-130 विमान को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है, जो आगे और उड़ानों की तैयारी का संकेत देता है। हालाँकि अतिरिक्त उड़ानों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
भारत नेपाल को आपदा राहत में कितनी बार मदद कर चुका है?
एयर कमोडोर राजीव डोभाल के अनुसार भारतीय वायुसेना ने नेपाल के अलावा म्यांमार, श्रीलंका और वेनेजुएला में भी मानवीय सहायता मिशन चलाए हैं। नेपाल में 2015 के भूकंप सहित कई आपदाओं में भारत ने त्वरित सहायता प्रदान की है।
राष्ट्र प्रेस
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