नेपाल बाढ़ राहत: हिंडन एयरबेस से सी-17 ग्लोबमास्टर ने 40 टन सामग्री लेकर भरी उड़ान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने 27 अगस्त को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए लगभग 40 टन राहत सामग्री लेकर उड़ान भरी। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने यह मानवीय सहायता मिशन तत्काल प्रभाव से शुरू किया।
मिशन का विवरण
विमान के कैप्टन विंग कमांडर लग्नजीत नायक ने बताया, 'बुधवार को हमें नेपाल एचएडीआर मिशन के लिए निर्देश मिले। रात में हमें एनडीआरएफ का सामान और मेडिकल सप्लाई मिली, जिसकी हमने रात भर पैलेटाइजिंग की और फिर लोडिंग की।' उन्होंने बताया कि नेपाल पहुँचने में लगभग 1 घंटा 15 मिनट लगेंगे। राहत सामग्री में मेडिकल सप्लाई, डिग्निटी किट और अन्य आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं।
हिंडन बेस की तैयारी
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के एओसी एयर कमोडोर राजीव डोभाल ने कहा, 'हम ऐसे कामों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमें इसके लिए पहले से ही जिम्मेदारी दी गई है और हमारे पास इसका अनुभव भी है।' उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय वायुसेना ने इससे पहले नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और वेनेजुएला में भी इसी तरह के मानवीय सहायता अभियान संचालित किए हैं।
ऑपरेशनल तत्परता
चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन जय गणेश ने हिंडन को एचएडीआर ऑपरेशन में 'भाले की नोक' यानी सबसे अग्रणी बेस बताया। उन्होंने कहा, 'जब नेपाल में बाढ़ आई, तो हमें बुधवार दोपहर जानकारी मिली। हमने तुरंत सी-130 और सी-17 दोनों विमानों को स्टैंडबाय पर रख दिया।' गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच आपदा राहत सहयोग की यह परंपरा दशकों पुरानी है।
भारत-नेपाल संबंधों में मानवीय सहायता की भूमिका
यह मिशन ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ से व्यापक तबाही हुई है। भारत की यह त्वरित प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच गहरे पड़ोसी संबंधों को रेखांकित करती है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सामग्री भी इस खेप में शामिल होने से मिशन की व्यापकता स्पष्ट होती है। आगे और सहायता उड़ानों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।