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असम-नागालैंड बाढ़: वायुसेना ने 10 दिनों में 458 लोगों को बचाया, 9 टन राहत सामग्री पहुँचाई

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असम-नागालैंड बाढ़: वायुसेना ने 10 दिनों में 458 लोगों को बचाया, 9 टन राहत सामग्री पहुँचाई

सारांश

खराब मौसम और टूटे सड़क संपर्क के बावजूद भारतीय वायुसेना ने असम और नागालैंड में 10 दिनों में 458 लोगों को हेलीकॉप्टर से बचाया और 9 टन से अधिक राहत सामग्री पहुँचाई — सेना व नागरिक प्रशासन के साथ समन्वित अभियान जारी है।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना ने असम और नागालैंड में बाढ़ राहत अभियान के तहत पिछले 10 दिनों में 458 लोगों को सुरक्षित निकाला।
हवाई मार्ग से 9 टन से अधिक राहत सामग्री — खाद्य पदार्थ, दवाइयाँ और अन्य ज़रूरी वस्तुएँ — प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाई गई।
अभियान भारतीय सेना और स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय में चलाया जा रहा है।
जलमग्न और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित होने के कारण हेलीकॉप्टर ही एकमात्र संपर्क माध्यम है।
राज्यसभा ने मानसूनी आपदाओं में जान गँवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित कर मौन रखा।

भारतीय वायुसेना ने असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियान के तहत पिछले 10 दिनों में 458 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। 28 जुलाई को वायुसेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, खराब मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद हेलीकॉप्टर अभियान बिना रुके जारी है।

बचाव अभियान का विवरण

वायुसेना के हेलीकॉप्टर उन जलमग्न और दुर्गम इलाकों में लगातार उड़ान भर रहे हैं जहाँ सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो चुका है। बचाव दल फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने के साथ-साथ 9 टन से अधिक आवश्यक राहत सामग्री — जिसमें खाद्य पदार्थ, दवाइयाँ और अन्य जरूरी वस्तुएँ शामिल हैं — हवाई मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचा चुके हैं।

समन्वित राहत प्रयास

यह अभियान भारतीय सेना और स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय में संचालित किया जा रहा है। सभी एजेंसियाँ मिलकर बाढ़ पीड़ितों तक शीघ्र सहायता पहुँचाने और उन्हें सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित करने में जुटी हैं। वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि जब तक आवश्यकता बनी रहेगी, राहत और बचाव कार्य पूरी क्षमता के साथ जारी रहेंगे।

व्यापक मानसूनी आपदा का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के दौरान देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। कई स्थानों पर जनहानि और संपत्ति का गंभीर नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि राज्यसभा में भी इन आपदाओं में जान गँवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी स्मृति में मौन रखा गया — जो देशभर में प्रभावित परिवारों के प्रति संसद की एकजुटता का प्रतीक रहा।

आगे की स्थिति

वायुसेना के अधिकारियों और जवानों का अभियान तब तक जारी रहने की उम्मीद है जब तक बाढ़ का पानी नहीं उतरता और सड़क संपर्क बहाल नहीं होता। प्रभावित राज्यों में राहत कार्यों की गति और विस्तार इस बात पर निर्भर करेगा कि मानसून की स्थिति आने वाले दिनों में किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर साल सैन्य हेलीकॉप्टरों को अंतिम उपाय बना देती है। 458 लोगों का बचाया जाना राहत की बात है, लेकिन असली सवाल यह है कि दशकों की विकास योजनाओं के बावजूद असम और नागालैंड के दूरदराज़ इलाके आज भी इतने असुरक्षित क्यों हैं। जब तक बुनियादी ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश नहीं होता, हर मानसून में यही आपातकालीन चक्र दोहराता रहेगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय वायुसेना ने असम-नागालैंड बाढ़ में कितने लोगों को बचाया?
भारतीय वायुसेना ने 28 जुलाई तक पिछले 10 दिनों में असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 458 लोगों को हेलीकॉप्टर के ज़रिए सुरक्षित निकाला है। इसके साथ ही 9 टन से अधिक राहत सामग्री भी हवाई मार्ग से पहुँचाई गई है।
वायुसेना बाढ़ राहत में हेलीकॉप्टर का उपयोग क्यों कर रही है?
असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो चुका है, जिससे ज़मीनी रास्ते से राहत पहुँचाना असंभव हो गया है। ऐसे में हेलीकॉप्टर ही एकमात्र साधन है जिससे दुर्गम और जलमग्न इलाकों तक पहुँचा जा सकता है।
असम-नागालैंड बाढ़ राहत अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
यह अभियान भारतीय वायुसेना, भारतीय सेना और स्थानीय नागरिक प्रशासन के संयुक्त समन्वय में चलाया जा रहा है। सभी एजेंसियाँ मिलकर बचाव और राहत वितरण का काम कर रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्या-क्या राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है?
वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के ज़रिए खाद्य पदार्थ, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक वस्तुएँ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाई जा रही हैं। अब तक कुल 9 टन से अधिक राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है।
राज्यसभा ने बाढ़ पीड़ितों के प्रति क्या प्रतिक्रिया दी?
राज्यसभा ने देशभर में मानसूनी आपदाओं में जान गँवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी स्मृति में मौन रखा। इस माध्यम से संसद ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता और संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्र प्रेस
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