29 जुलाई 2026
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नागालैंड भूस्खलन: वायुसेना ने 100 से अधिक फंसे नागरिकों को बचाया, मोन-लोंगलेंग में राहत अभियान जारी

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नागालैंड भूस्खलन: वायुसेना ने 100 से अधिक फंसे नागरिकों को बचाया, मोन-लोंगलेंग में राहत अभियान जारी

सारांश

नागालैंड में मानसून की तबाही के बीच भारतीय वायुसेना ने 28 जुलाई को हवाई अभियान चलाकर 100 से अधिक फंसे नागरिकों को बचाया। मोन और लोंगलेंग जिलों का सड़क संपर्क टूटने के बाद NSDMA ने वायुसेना से मदद माँगी। परीक्षार्थियों सहित सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया और दुर्गम इलाकों तक राहत सामग्री पहुँचाई गई।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना ने 28 जुलाई 2026 को नागालैंड में भूस्खलन-प्रभावित इलाकों से 100 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकाला।
मोन और लोंगलेंग जिलों का सड़क संपर्क मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पूरी तरह बाधित हो गया।
नागालैंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया।
राहत सामग्री में खाद्य पदार्थ, मेडिकल किट और कपड़े शामिल; वोखा, शामातोर और जुन्हेबोटो जिलों में ERF के तहत आर्थिक सहायता वितरित।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने पुष्टि की कि होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस, SDRF और अन्य एजेंसियाँ राहत कार्यों में सक्रिय हैं।
सभी जिलों को सड़क बहाली और मलबा हटाने के लिए आवश्यक धनराशि पहले ही जारी कर दी गई है।

भारतीय वायुसेना ने 28 जुलाई 2026 को नागालैंड में मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाते हुए 100 से अधिक फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकाला। नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के अनुरोध पर शुरू किए गए इस हवाई अभियान में राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए, और दुर्गम क्षेत्रों तक खाद्य सामग्री, मेडिकल किट व अन्य आवश्यक सामान पहुँचाया गया।

भूस्खलन से टूटा सड़क संपर्क

लगातार मूसलाधार बारिश के कारण मोन और लोंगलेंग जिलों का सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे सैकड़ों नागरिक अलग-थलग पड़ गए। NSDMA के अधिकारियों के अनुसार, मानसून ने राज्य के कई जिलों में सड़क नेटवर्क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून-पूर्व तैयारियों को पर्याप्त नहीं माना जा रहा था।

परीक्षार्थी भी बचाए गए

राहत अभियान के दौरान उन अभ्यर्थियों को भी सुरक्षित निकाला गया जो नागालैंड लोक सेवा आयोग की कंबाइंड एजुकेशन सर्विसेज परीक्षा में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। सड़क मार्ग बंद होने से उनकी यात्रा योजनाएँ पूरी तरह ठप हो गई थीं। गौरतलब है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों को इस तरह के आपदा अभियान में प्राथमिकता देना प्रशासन की सक्रियता का संकेत है।

ज़मीनी राहत कार्य

मोक्कोकचुंग से तुली के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रक रवाना किए गए, जबकि चांगटोंग्या क्षेत्र में विस्थापित परिवारों के बीच राशन वितरित किया गया। वोखा जिले में भूस्खलन से घर और सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त होने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई। शामातोर जिले के डिप्टी कमिश्नर अरिकुंबा ने बारिश से प्रभावित दो परिवारों को तत्काल राहत राशि सौंपी, और जुन्हेबोटो जिले में भूस्खलन प्रभावित पाँच परिवारों को आपातकालीन राहत कोष (ERF) से सहायता प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस और SDRF के जवान अन्य आपदा राहत एजेंसियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियाँ आपसी तालमेल के साथ प्रभावित इलाकों में राहत पहुँचाने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम कर रही हैं।

आगे की स्थिति

NSDMA ने स्पष्ट किया है कि मौसम और जमीनी हालात को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर हवाई बचाव एवं राहत अभियान जारी रखा जाएगा। सभी जिलों को सड़क बहाली, मलबा हटाने और आपातकालीन राहत के लिए पहले ही धनराशि जारी कर दी गई है। राज्य सरकार, भारतीय वायुसेना, SDRF और जिला प्रशासन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं और मानसून-प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान निरंतर जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बुनियादी सवाल को नहीं छुपाता कि पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्यों में हर मानसून में एक ही परिदृश्य क्यों दोहराया जाता है। मोन और लोंगलेंग जैसे दूरस्थ जिलों में सड़क अवसंरचना की कमज़ोरी दशकों पुरानी है, फिर भी स्थायी समाधान की बजाय हर साल आपातकालीन हवाई अभियानों पर निर्भरता बनी रहती है। परीक्षार्थियों को भी बचाव अभियान में शामिल करना बताता है कि आपदा-पूर्व तैयारी और वैकल्पिक संपर्क मार्गों की योजना अभी भी अपर्याप्त है। जब तक आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश नहीं होता, वायुसेना की यह भूमिका हर मानसून में अनिवार्य बनी रहेगी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड में वायुसेना का बचाव अभियान क्यों चलाया गया?
मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मोन और लोंगलेंग जिलों का सड़क संपर्क टूट जाने से 100 से अधिक नागरिक फंस गए थे। NSDMA के अनुरोध पर भारतीय वायुसेना ने हवाई अभियान चलाकर इन्हें सुरक्षित निकाला और राहत सामग्री पहुँचाई।
नागालैंड भूस्खलन से कौन-कौन से जिले प्रभावित हुए हैं?
मोन, लोंगलेंग, वोखा, शामातोर, जुन्हेबोटो और मोक्कोकचुंग जिले प्रभावित बताए गए हैं। मोन और लोंगलेंग में सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हुआ, जबकि अन्य जिलों में राहत वितरण और आर्थिक सहायता का काम जारी है।
क्या नागालैंड में राहत अभियान अभी भी जारी है?
हाँ, NSDMA ने स्पष्ट किया है कि मौसम और जमीनी हालात के अनुसार हवाई बचाव एवं राहत अभियान जारी रहेगा। राज्य सरकार, वायुसेना, SDRF और जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं और सभी जिलों को सड़क बहाली के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने राहत कार्यों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने बताया कि होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस और SDRF के जवान अन्य आपदा राहत एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव कार्यों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियाँ आपसी तालमेल के साथ प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम कर रही हैं।
भूस्खलन प्रभावित परिवारों को क्या सहायता दी जा रही है?
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने प्रभावित परिवारों को आपातकालीन राहत कोष (ERF) के तहत आर्थिक सहायता देना शुरू किया है। वोखा में घर और सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त होने वाले परिवारों को, शामातोर में दो परिवारों को और जुन्हेबोटो में पाँच परिवारों को ERF सहायता दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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