20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नागालैंड: मोन जिले के टिजिट में भारी बारिश से बाढ़, 30 परिवार प्रभावित, आवागमन ठप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नागालैंड: मोन जिले के टिजिट में भारी बारिश से बाढ़, 30 परिवार प्रभावित, आवागमन ठप

सारांश

नागालैंड के मोन जिले के टिजिट में रविवार की भारी बारिश ने करीब 30 परिवारों को जलमग्न कर दिया। एस. पोलिंग कॉलोनी और लापालमपोंग सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे। जल निकासी व्यवस्था फेल होने से आवागमन ठप, किसी के हताहत होने की खबर नहीं।

मुख्य बातें

19 जुलाई 2026 को नागालैंड के मोन जिले के टिजिट उपमंडल में भारी बारिश से व्यापक बाढ़ आई।
करीब 30 परिवार प्रभावित; एस.
पोलिंग कॉलोनी और लापालमपोंग सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके रहे।
जल निकासी व्यवस्था के फेल होने से निचले इलाकों में घरों में पानी घुसा।
जलमग्न सड़कों के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित, कई परिवार घरों में फँसे।
रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं।
नागालैंड के कई अन्य जिलों में भी बाढ़ और भूस्खलन की खबरें; बारिश जारी रहने से और व्यवधान की आशंका।

नागालैंड के मोन जिले के टिजिट उपमंडल में 19 जुलाई 2026 को रविवार को हुई लगातार भारी बारिश के कारण कई आवासीय क्षेत्र जलमग्न हो गए, जिससे करीब 30 परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मोन शहर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित इस उपमंडल में नालों की जल निकासी व्यवस्था पानी की अत्यधिक मात्रा को संभाल नहीं सकी, जिससे व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई।

सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र

बाढ़ का सबसे गंभीर असर एस. पोलिंग कॉलोनी के समीप ग्रीनप्लाई फैक्ट्री के सामने वाले इलाके में देखा गया, जहाँ बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और करीब 30 घर प्रभावित हुए। इसके अलावा लापालमपोंग और शहर के अन्य निचले हिस्सों से भी जलभराव की सूचनाएँ मिलीं।

निवासियों के अनुसार, जलमग्न सड़कों के कारण लोगों और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और कई परिवार अपने घरों में ही फँसे रहे। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं थी।

निवासियों की आपबीती

टिजिट निवासी टिंगलेम कोन्यक ने बताया कि सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव हो गया, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया और दैनिक गतिविधियाँ बाधित हो गईं। उन्होंने कहा कि निचले इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए क्योंकि जल निकासी व्यवस्था बारिश के पानी की मात्रा को संभालने में विफल रही।

व्यापक स्थिति और पृष्ठभूमि

यह बाढ़ ऐसे समय में आई है जब नागालैंड के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है और विभिन्न इलाकों से बाढ़ तथा भूस्खलन की खबरें लगातार आ रही हैं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में मानसून के दौरान मोन जैसे पहाड़ी जिलों में जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण बाढ़ की समस्या हर वर्ष सामने आती है।

बारिश जारी रहने की स्थिति में और अधिक व्यवधान की आशंका बनी हुई है, जिससे प्रशासन के लिए राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना प्राथमिकता बन गई है।

आगे क्या

स्थानीय प्रशासन से स्थिति पर नज़र रखने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपेक्षा है। मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनज़र निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दीर्घकालिक समाधान की बजाय राहत कार्य पर ही ध्यान केंद्रित रहता है। जब तक नगर नियोजन में जल प्रबंधन को प्राथमिकता नहीं दी जाती, तब तक '30 परिवार प्रभावित' जैसी खबरें हर साल दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड के टिजिट में बाढ़ कब और कैसे आई?
19 जुलाई 2026 को रविवार को हुई लगातार भारी बारिश के कारण मोन जिले के टिजिट उपमंडल में नाले उफन गए और व्यापक जलभराव हो गया। जल निकासी व्यवस्था के फेल होने से आवासीय क्षेत्रों में पानी घुस गया।
टिजिट बाढ़ से कितने परिवार प्रभावित हुए?
बाढ़ से करीब 30 परिवार प्रभावित हुए, जिनमें एस. पोलिंग कॉलोनी के निकट ग्रीनप्लाई फैक्ट्री के सामने वाले इलाके के घर सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे। लापालमपोंग और शहर के अन्य निचले हिस्सों से भी जलभराव की खबरें आईं।
क्या टिजिट बाढ़ में कोई हताहत हुआ?
रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की कोई पुष्ट खबर नहीं थी। हालाँकि कई परिवार जलमग्न सड़कों के कारण अपने घरों में फँसे रहे।
नागालैंड में बाढ़ का व्यापक असर क्या है?
नागालैंड के कई जिलों में भारी मानसूनी बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की खबरें आ रही हैं। बारिश जारी रहने की स्थिति में और अधिक व्यवधान की आशंका जताई जा रही है।
टिजिट में बाढ़ की मुख्य वजह क्या रही?
निवासियों के अनुसार, जल निकासी व्यवस्था भारी बारिश के पानी को संभाल नहीं सकी, जिससे नाले उफन गए और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। अपर्याप्त शहरी जल निकासी अवसंरचना को इसकी प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 13 घंटे पहले
  2. 14 घंटे पहले
  3. 15 घंटे पहले
  4. 17 घंटे पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले