नागालैंड: मोन जिले के टिजिट में भारी बारिश से बाढ़, 30 परिवार प्रभावित, आवागमन ठप
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के मोन जिले के टिजिट उपमंडल में 19 जुलाई 2026 को रविवार को हुई लगातार भारी बारिश के कारण कई आवासीय क्षेत्र जलमग्न हो गए, जिससे करीब 30 परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मोन शहर से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित इस उपमंडल में नालों की जल निकासी व्यवस्था पानी की अत्यधिक मात्रा को संभाल नहीं सकी, जिससे व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई।
सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र
बाढ़ का सबसे गंभीर असर एस. पोलिंग कॉलोनी के समीप ग्रीनप्लाई फैक्ट्री के सामने वाले इलाके में देखा गया, जहाँ बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और करीब 30 घर प्रभावित हुए। इसके अलावा लापालमपोंग और शहर के अन्य निचले हिस्सों से भी जलभराव की सूचनाएँ मिलीं।
निवासियों के अनुसार, जलमग्न सड़कों के कारण लोगों और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और कई परिवार अपने घरों में ही फँसे रहे। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं थी।
निवासियों की आपबीती
टिजिट निवासी टिंगलेम कोन्यक ने बताया कि सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव हो गया, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया और दैनिक गतिविधियाँ बाधित हो गईं। उन्होंने कहा कि निचले इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए क्योंकि जल निकासी व्यवस्था बारिश के पानी की मात्रा को संभालने में विफल रही।
व्यापक स्थिति और पृष्ठभूमि
यह बाढ़ ऐसे समय में आई है जब नागालैंड के कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है और विभिन्न इलाकों से बाढ़ तथा भूस्खलन की खबरें लगातार आ रही हैं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में मानसून के दौरान मोन जैसे पहाड़ी जिलों में जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण बाढ़ की समस्या हर वर्ष सामने आती है।
बारिश जारी रहने की स्थिति में और अधिक व्यवधान की आशंका बनी हुई है, जिससे प्रशासन के लिए राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना प्राथमिकता बन गई है।
आगे क्या
स्थानीय प्रशासन से स्थिति पर नज़र रखने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपेक्षा है। मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनज़र निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।