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नागालैंड के मोन जिले में भूस्खलन से एक की मौत, बच्चा मलबे में दबा; बहु-एजेंसी बचाव अभियान जारी

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नागालैंड के मोन जिले में भूस्खलन से एक की मौत, बच्चा मलबे में दबा; बहु-एजेंसी बचाव अभियान जारी

सारांश

नागालैंड के मोन जिले की डिफेंस कॉलोनी में रविवार को आए भीषण भूस्खलन ने 15 घरों को तबाह कर दिया। एक की मौत की पुष्टि हो चुकी है, एक बच्चा मलबे में दबा है। NDRF, असम राइफल्स और SDRF का संयुक्त बचाव अभियान जारी है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रही है।

मुख्य बातें

नागालैंड के मोन जिले की डिफेंस कॉलोनी में 19 जुलाई 2026 को भीषण भूस्खलन आया।
पुलिस के अनुसार अब तक एक व्यक्ति का शव बरामद; एक बच्चे के मलबे में दबे होने की आशंका।
करीब 15 घर गंभीर रूप से प्रभावित, कई मकान पूरी तरह बह गए।
NDRF, असम राइफल्स, SDRF, नागालैंड पुलिस और सेना का संयुक्त बचाव अभियान जारी।
लगातार बारिश और पहाड़ी इलाके के कारण बचाव कार्य में गंभीर बाधा; और भूस्खलन की चेतावनी।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

नागालैंड के मोन जिले में 19 जुलाई 2026 (रविवार) को आए भीषण भूस्खलन ने डिफेंस कॉलोनी में भारी तबाही मचाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक एक व्यक्ति का शव मलबे से बरामद किया जा चुका है, जबकि एक बच्चे के मलबे में दबे होने की आशंका है। अधिकारियों को डर है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।

तबाही का दायरा

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, डिफेंस कॉलोनी के करीब 15 घर इस भूस्खलन से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। भूस्खलन इतना व्यापक था कि कई रिहायशी मकान पूरी तरह बह गए और घटनास्थल पर कीचड़ व मलबे का बड़ा ढेर जमा हो गया। प्रभावित क्षेत्र में लगातार पानी का बहाव बचाव कार्य में गंभीर बाधा बन रहा है।

बचाव अभियान

हादसे के तुरंत बाद असम राइफल्स, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), नागालैंड पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें मौके पर पहुँच गईं। बचाव दल मलबे में दबे बच्चे और अन्य संभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चौबीसों घंटे अभियान चला रहे हैं। जहाँ संभव हो, वहाँ भारी मशीनों और विशेष बचाव उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

बचाव कार्य में बाधाएँ

लगातार खराब मौसम, भारी बारिश और जलभराव ने बचाव अभियान को बेहद कठिन बना दिया है। पहाड़ी इलाका और अस्थिर जमीन बचावकर्मियों के लिए जोखिम और बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र में और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। मौसम में सुधार और क्षेत्र सुरक्षित घोषित होने के बाद ही नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा सकेगा।

सरकार की प्रतिक्रिया

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घोषणा की कि प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन-संभावित ढलानों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, राहत एवं बचाव अभियान निर्बाध रूप से जारी रहेगा। हताहतों की सही संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है और स्थिति लगातार बदल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दीर्घकालिक भू-उपयोग नीति पर बहस सीमित रहती है। हर बार बचाव अभियान की तत्परता की सराहना होती है, लेकिन रोकथाम के उपायों पर सवाल नहीं उठाए जाते। जब तक भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों में बस्तियों पर सख्त नियंत्रण और पूर्व चेतावनी प्रणाली नहीं बनती, यह त्रासदी हर मानसून में दोहराई जाती रहेगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड के मोन जिले में भूस्खलन कब और कहाँ हुआ?
यह भूस्खलन 19 जुलाई 2026 (रविवार) को मोन जिले की डिफेंस कॉलोनी में आया। भूस्खलन इतना व्यापक था कि करीब 15 घर गंभीर रूप से प्रभावित हुए और कई मकान पूरी तरह बह गए।
मोन जिले के भूस्खलन में कितने लोगों की मौत हुई?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। एक बच्चे के मलबे में दबे होने की आशंका है और अधिकारियों को डर है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है, हालाँकि अभी तक सही संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मोन भूस्खलन में बचाव कार्य कौन-कौन सी एजेंसियाँ कर रही हैं?
NDRF, असम राइफल्स, नागालैंड पुलिस, SDRF, सेना, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। बचाव दल चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और भारी मशीनों व विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।
बचाव अभियान में क्या बाधाएँ आ रही हैं?
लगातार भारी बारिश, जलभराव, पहाड़ी इलाका और अस्थिर जमीन बचाव कार्य को बेहद कठिन बना रहे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में और भूस्खलन हो सकते हैं।
नागालैंड सरकार ने भूस्खलन पीड़ितों के लिए क्या घोषणा की है?
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि राज्य सरकार राहत एवं बचाव कार्य के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सहायता देने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस
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