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नागालैंड के मोन में भूस्खलन-बाढ़: 9 की मौत, SDRF से ₹70 लाख जारी

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नागालैंड के मोन में भूस्खलन-बाढ़: 9 की मौत, SDRF से ₹70 लाख जारी

सारांश

नागालैंड के मोन जिले में 19-20 जुलाई की भारी बारिश से आए भूस्खलन और बाढ़ ने 9 जिंदगियाँ लील लीं। सरकार ने SDRF से ₹70 लाख जारी किए और मुख्यमंत्री ने खुद दौरा कर ₹10 लाख अतिरिक्त राहत की घोषणा की। असम राइफल्स सहित कई एजेंसियाँ बचाव में जुटी हैं।

मुख्य बातें

19 और 20 जुलाई को लगातार बारिश से मोन जिले, नागालैंड में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई।
इस आपदा में 9 लोगों की मौत हुई, कई घायल हुए और घरों-सड़कों-पुलों को भारी नुकसान पहुँचा।
नागालैंड सरकार ने SDRF के तहत प्रभावित परिवारों के लिए ₹70 लाख जारी किए।
मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई को प्रभावित इलाकों का दौरा कर नागरिक समाज व स्वयंसेवकों को ₹10 लाख अतिरिक्त सहायता दी।
42 असम राइफल्स , SDRF , टेरिटोरियल आर्मी और कोन्याक यूनियन सहित कई एजेंसियाँ बचाव-राहत में सक्रिय हैं।
मानसून जारी रहने के कारण प्रशासन ने निवासियों को भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।

नागालैंड के मोन जिले में 19 और 20 जुलाई को लगातार भारी बारिश के कारण आए विनाशकारी भूस्खलन और अचानक बाढ़ में 9 लोगों की मौत हो गई तथा कई लोग घायल हुए। नागालैंड सरकार ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत ₹70 लाख की राशि तत्काल प्रभाव से जारी की है।

राहत राशि का वितरण

मोन जिले के डिप्टी कमिश्नर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के चेयरमैन ने बताया कि जारी ₹70 लाख की राशि तीन श्रेणियों में वितरित की जाएगी — मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि, घायलों को राहत सहायता, और भूस्खलन व बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों के लिए तत्काल पुनर्निर्माण सहायता। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर मदद पहुँचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री का दौरा और अतिरिक्त राहत

नागालैंड के मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई को स्वयं मोन जिले के आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने नागरिक समाज संगठनों, जिला अस्पताल और स्थानीय स्वयंसेवकों को ₹10 लाख अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की, जो जिले में खोज एवं बचाव अभियान में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। यह दौरा इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार आपदा की गंभीरता को लेकर सचेत है।

तबाही का दायरा

इस मौसमी आपदा ने मोन जिले में व्यापक तबाही मचाई है। 9 लोगों की मौत के अलावा कई लोग घायल हुए हैं। रिहायशी मकान, सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा भारी क्षति का शिकार हुए हैं। गौरतलब है कि मोन जिला पहाड़ी भूगोल के कारण मानसून में भूस्खलन के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील रहा है।

बचाव अभियान में जुटी एजेंसियाँ

प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन, जिला पुलिस, SDRF, 42 असम राइफल्स, टेरिटोरियल आर्मी, संबंधित सरकारी विभाग, ग्राम एवं वार्ड परिषदें, कोन्याक यूनियन और स्थानीय समुदाय के स्वयंसेवक मिलकर खोज-बचाव, नुकसान के आकलन, राहत सामग्री वितरण और आवश्यक सेवाओं की बहाली में लगे हुए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने सभी एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया और अटूट सहयोग की सराहना की।

सतर्कता की अपील

मानसून अभी जारी है, इसलिए जिला प्रशासन ने निवासियों से भूस्खलन की आशंका वाले ढलानों, उफनती नदियों और खतरनाक सड़कों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही मौसम विभाग की सलाह और प्रशासनिक निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है और सभी प्रभावित समुदायों के पुनर्वास तक राहत कार्य जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

कमज़ोर बुनियादी ढाँचा और देरी से मिलने वाली राहत। ₹70 लाख की SDRF राशि तात्कालिक राहत के लिए ज़रूरी है, लेकिन दीर्घकालिक सवाल यह है कि भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व-चेतावनी प्रणाली और भूमि-उपयोग नियंत्रण कब तक अपर्याप्त रहेंगे। मुख्यमंत्री का दौरा राजनीतिक संवेदनशीलता दर्शाता है, पर असली जवाबदेही तब होगी जब पुनर्वास की समयसीमा और बुनियादी ढाँचे की मरम्मत के आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँगे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड के मोन में भूस्खलन और बाढ़ कब आई?
19 और 20 जुलाई को लगातार भारी बारिश के कारण मोन जिले में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई और व्यापक तबाही हुई।
नागालैंड सरकार ने मोन आपदा के लिए कितनी राहत राशि जारी की?
नागालैंड सरकार ने SDRF के तहत ₹70 लाख जारी किए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अपने दौरे पर नागरिक समाज और स्वयंसेवकों के लिए ₹10 लाख अतिरिक्त देने की घोषणा की।
SDRF राशि का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा?
₹70 लाख की राशि मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि, घायलों को राहत सहायता और भूस्खलन-बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों के लिए तत्काल पुनर्निर्माण सहायता के रूप में वितरित की जाएगी।
मोन जिले में बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
जिला प्रशासन, जिला पुलिस, SDRF, 42 असम राइफल्स, टेरिटोरियल आर्मी, कोन्याक यूनियन और स्थानीय समुदाय के स्वयंसेवक मिलकर खोज-बचाव और राहत कार्य में लगे हैं।
मोन जिले के निवासियों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
जिला प्रशासन ने निवासियों को भूस्खलन-संभावित ढलानों, उफनती नदियों और खतरनाक सड़कों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासनिक निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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