20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नागालैंड के मोन में भूस्खलन से 8 की मौत, असम राइफल्स शिविर के नीचे दबे घर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नागालैंड के मोन में भूस्खलन से 8 की मौत, असम राइफल्स शिविर के नीचे दबे घर

सारांश

नागालैंड के मोन में सोमवार सुबह असम राइफल्स शिविर के नीचे बसी नागरिक बस्ती में भूस्खलन ने आठ जिंदगियाँ लील लीं — चार शव निकाले गए, चार अभी भी मलबे में। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने एक्स पर संवेदना जताई, बहु-एजेंसी बचाव अभियान जारी है।

मुख्य बातें

मोन, नागालैंड में 19 जुलाई की सुबह 6 बजे भूस्खलन में 8 लोगों की मौत की पुष्टि उपायुक्त वेन्येई कोन्यक ने की।
भूस्खलन असम राइफल्स शिविर के नीचे स्थित नागरिक बस्ती (डिफेंस कॉलोनी) में हुआ, कई घर मलबे में दबे।
अब तक 4 शव निकाले गए; 4 अन्य अभी भी मलबे के नीचे, मृतक संख्या बढ़ने की आशंका।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने एक्स पर शोक व्यक्त किया; एसडीआरएफ, पुलिस, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना बचाव में जुटी।
प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित ; राहत शिविर स्थापित, अधिकांश विस्थापित परिजनों के साथ।
कोन्याक यूनियन, कोन्याक छात्र संघ और महिला संगठन के स्वयंसेवक बचाव दल के साथ काम कर रहे हैं।

नागालैंड के मोन जिले में 19 जुलाई की सुबह लगातार भारी बारिश के बाद आए विनाशकारी भूस्खलन में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह भूस्खलन असम राइफल्स शिविर के नीचे स्थित नागरिक बस्ती में हुआ, जहाँ कई घर मलबे में दब गए। मोन के उपायुक्त वेन्येई कोन्यक (एनसीएस) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।

मुख्य घटनाक्रम

भूस्खलन सुबह लगभग 6:00 बजे हुआ, जबकि जिला प्रशासन को इसकी सूचना 7:30 बजे मिली, जिसके तुरंत बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया दल सक्रिय किए गए। उपायुक्त कोन्यक ने बताया कि जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, परंतु सबसे बड़ी और घातक घटना असम राइफल्स शिविर के पीछे स्थित नागरिक बस्ती में हुई, जिसे स्थानीय लोग डिफेंस कॉलोनी भी कहते हैं।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अब तक चार शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि चार अन्य अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि चूँकि खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है, इसलिए अतिरिक्त हताहतों की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि 'सोमवार को भारी भूस्खलन की बेहद दुखद खबरें मिली हैं। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं।' मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनएसडीएमए), जिला प्रशासन, डीडीएमए, एसडीआरएफ, पुलिस, असम राइफल्स और स्थानीय समुदाय बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

बचाव अभियान और राहत कार्य

घटनास्थल पर पुलिस, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के कर्मी तैनात हैं। उपायुक्त ने स्थानीय स्वयंसेवकों की भूमिका की भी सराहना की — कोन्याक यूनियन, कोन्याक छात्र संघ, कोन्याक महिला संगठन और वार्ड स्वयंसेवक सुरक्षाबलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।

राहत के मोर्चे पर प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित किए हैं, हालाँकि अधिकांश विस्थापित परिवारों ने अपने रिश्तेदारों के यहाँ शरण लेना पसंद किया है। उपायुक्त ने कहा, 'हम नागा हैं — लोग अपने रिश्तेदारों के साथ रहना पसंद करते हैं।'

आम जनता पर असर

भूस्खलन के कारण प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। घटना के समय आसमान में बादल छाए हुए थे और बारिश रुकने के बाद भी मौसम अनुकूल नहीं है, जो बचाव कार्य को कठिन बना रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की तीव्रता बढ़ी हुई है।

क्या होगा आगे

उपायुक्त कोन्यक ने स्पष्ट किया कि खोज और बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक मलबे में दबे सभी लोगों का पता नहीं चल जाता। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है। गौरतलब है कि मोन जिला पहले भी भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित रहा है, और यह घटना भूस्खलन-प्रवण पहाड़ी बस्तियों में स्थायी सुरक्षा उपायों की माँग को एक बार फिर सामने लाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागालैंड के मोन में भूस्खलन कब और कहाँ हुआ?
यह भूस्खलन 19 जुलाई की सुबह लगभग 6:00 बजे मोन कस्बे में असम राइफल्स शिविर के नीचे स्थित नागरिक बस्ती में हुआ। जिला प्रशासन को 7:30 बजे सूचना मिली, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।
मोन भूस्खलन में कितने लोगों की मौत हुई?
उपायुक्त वेन्येई कोन्यक ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की है। इनमें से चार शव निकाले जा चुके हैं और चार अभी भी मलबे के नीचे दबे हैं। चूँकि बचाव अभियान जारी है, मृतक संख्या और बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने भूस्खलन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएँ जताईं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्थिति पर नज़र रख रही है और एनएसडीएमए, एसडीआरएफ, पुलिस तथा असम राइफल्स बचाव कार्य में लगे हैं।
बचाव और राहत कार्य में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
बचाव अभियान में पुलिस, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना, एसडीआरएफ, डीडीएमए और एनएसडीएमए के कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा कोन्याक यूनियन, कोन्याक छात्र संघ, कोन्याक महिला संगठन और स्थानीय स्वयंसेवक भी सुरक्षाबलों के साथ काम कर रहे हैं।
विस्थापित परिवारों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
जिला प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित किए हैं, हालाँकि अधिकांश विस्थापित परिवारों ने अपने रिश्तेदारों के यहाँ शरण लेना पसंद किया है। प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 8 महीने पहले