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वायनाड भूस्खलन: मलबे से 2 और शव बरामद, मृतक संख्या 5 हुई; 3 लापता की तलाश जारी

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वायनाड भूस्खलन: मलबे से 2 और शव बरामद, मृतक संख्या 5 हुई; 3 लापता की तलाश जारी

सारांश

वायनाड में मंगलवार को हुए भूस्खलन के बाद गुरुवार को 2 और शव बरामद हुए — एक मलबे के जोन-1 से, दूसरा नदी से। मृतक संख्या 5 हो गई है और 3 लोग अभी भी लापता हैं। बारिश और अस्थिर जमीन के बीच NDRF का अभियान जारी है।

मुख्य बातें

वायनाड भूस्खलन में 9 जुलाई को 2 और शव बरामद, कुल मृतक संख्या 5 हुई।
एक शव जोन-1 से और दूसरा नदी के भीतर से निकाला गया; मृतकों की पहचान अभी नहीं हुई।
अभी भी 3 लोग लापता हैं, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें तलाश में जुटी हैं।
सिद्दीकी और मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने घटनास्थल का दौरा किया।
बारिश और अस्थिर भूमि के कारण बचाव कार्य में बाधाएँ; सरकार ने जोखिम वाले इलाकों पर कड़ी निगरानी का आदेश दिया।

केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन के बाद चल रहे बचाव अभियान में 9 जुलाई को मलबे से 2 और शव बरामद किए गए, जिससे इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या 5 हो गई है। अभी भी 3 लोग लापता हैं और उनकी तलाश में राहत दल जुटे हुए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह एक शव तलाशी क्षेत्र के जोन-1 से बरामद हुआ, जबकि दूसरा शव नदी के भीतर से निकाला गया। दोनों शवों को अस्पताल भेज दिया गया है, हालांकि अभी तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। गौरतलब है कि यह भूस्खलन मंगलवार को उस समय हुआ जब खुदाई से निकाली गई मिट्टी की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया और उसमें काम कर रहे श्रमिक मलबे में दब गए।

बचाव अभियान में चुनौतियाँ

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बीच-बीच में हो रही बारिश और अस्थिर भूमि के कारण बचाव कार्य में बाधाएँ आईं। इससे पहले कई घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुँचाया जा चुका था, जबकि 3 लोगों की मौत पहले ही हो चुकी थी। लापता लगभग 5 लोगों में से 2 के शव अब बरामद हो चुके हैं और शेष 3 की तलाश जारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने गुरुवार को बचाव अभियान के बीच घटनास्थल का निरीक्षण किया और शवों की बरामदगी की पुष्टि की। मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने बुधवार शाम आपदा स्थल का दौरा कर अधिकारियों को बिना रुके बचाव अभियान जारी रखने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए। सरकार ने लगातार बारिश को देखते हुए जिले के जोखिम वाले इलाकों पर कड़ी निगरानी रखने का भी आदेश दिया है।

विपक्ष का दौरा

केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन ने गुरुवार सुबह सीपीएम के राज्य सचिव एमवी. गोविंदन के साथ घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बचाव कर्मियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया।

आगे क्या

लापता 3 लोगों की तलाश में राहत दल युद्धस्तर पर जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वायनाड पहले भी विनाशकारी भूस्खलन झेल चुका है — 2024 में इसी जिले में आई भूस्खलन आपदा में 200 से अधिक लोगों की जान गई थी। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच प्रशासन ने जिले में सतर्कता बनाए रखी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाता है कि भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण और खुदाई गतिविधियों पर नियंत्रण कितना प्रभावी रहा है। इस बार भी खुदाई से निकाली गई मिट्टी की पहाड़ी के ढहने से श्रमिकों की जान गई — यह संरचनात्मक लापरवाही का संकेत है, न केवल प्राकृतिक आपदा का। केरल सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली जवाबदेही यह है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में काम की अनुमति किन शर्तों पर दी जाती है और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन उठाता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वायनाड भूस्खलन में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
9 जुलाई तक वायनाड भूस्खलन में कुल 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गुरुवार को मलबे से 2 और शव बरामद हुए, जबकि इससे पहले 3 लोगों की मौत हो चुकी थी।
वायनाड में भूस्खलन कब और कैसे हुआ?
यह भूस्खलन मंगलवार को हुआ जब खुदाई से निकाली गई मिट्टी की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया और उसमें काम कर रहे श्रमिक मलबे में दब गए। घटनास्थल पर NDRF ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।
वायनाड भूस्खलन में कितने लोग अभी भी लापता हैं?
अधिकारियों के अनुसार अभी भी 3 लोग लापता हैं। NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं, हालांकि बारिश और अस्थिर जमीन बाधा बन रही है।
केरल सरकार ने वायनाड भूस्खलन पर क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को निरंतर बचाव अभियान और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने भी स्थल का निरीक्षण किया और सरकार ने जोखिम वाले इलाकों पर कड़ी निगरानी का आदेश दिया है।
क्या वायनाड पहले भी भूस्खलन की चपेट में आया है?
हाँ, वायनाड भूस्खलन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील जिला है। 2024 में इसी जिले में आई भूस्खलन आपदा में 200 से अधिक लोगों की जान गई थी, जो केरल की हालिया स्मृति की सबसे भीषण आपदाओं में से एक थी।
राष्ट्र प्रेस
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