वायनाड भूस्खलन: गृह मंत्री अमित शाह ने CM सतीशन से की बात, 3 मजदूरों की मौत, 5 लापता
सारांश
मुख्य बातें
केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को हुए भूस्खलन में 3 श्रमिकों की मौत हो गई और 5 लोग लापता हैं। इस आपदा के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8 जुलाई को केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन से फोन पर बात की और बचाव, राहत एवं पुनर्वास कार्यों में केंद्र की ओर से पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया। 9 घायल श्रमिक अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
वायनाड में खुदाई के दौरान जमा की गई मिट्टी की पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे मलबे में कई श्रमिक दब गए। बचाव दल अस्थिर भूभाग और आगे भूस्खलन के खतरे के बीच गहन तलाशी अभियान जारी रखे हुए है। इलाके में पिछले दो दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे राहत कार्य और जटिल हो गए हैं।
केंद्र-राज्य समन्वय
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने केरल सरकार की आपातकालीन प्रतिक्रिया पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सतीशन से आपदा के पैमाने, बचाव कार्यों की प्रगति और राज्य द्वारा उठाए जा रहे राहत उपायों की विस्तृत जानकारी ली। शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार राज्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
जाँच की माँग और राज्य का फैसला
गृह मंत्री शाह ने भूस्खलन के कारणों की उच्चस्तरीय जाँच की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, ताकि आपदा की जड़ तक पहुँचा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य कैबिनेट पहले ही घटना की विस्तृत जाँच का निर्णय ले चुकी है। इस जाँच में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन, पर्यावरण सुरक्षा उपाय और भूस्खलन के अन्य संभावित कारणों की पड़ताल शामिल होगी।
आम जनता और श्रमिकों पर असर
वायनाड के प्रभावित क्षेत्र में फिलहाल 5 लापता लोगों की तलाश जारी है। 9 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और 2 की हालत नाजुक बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब वायनाड पहले से ही मानसून के दौरान भूस्खलन के लिहाज़ से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है — गौरतलब है कि जुलाई 2024 में भी वायनाड में विनाशकारी भूस्खलन हुआ था, जिसने सैकड़ों लोगों की जान ली थी।
क्या होगा आगे
बचाव दल लापता श्रमिकों की तलाश में जुटे हैं और मौसम में सुधार का इंतज़ार है। राज्य कैबिनेट द्वारा गठित जाँच समिति सुरक्षा चूकों की पड़ताल करेगी। केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त संसाधनों और तकनीकी सहायता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।