वायनाड भूस्खलन: मेप्पाडी सुरंग स्थल पर 5 मजदूरों की मौत, 3 लापता; मानवजनित आपदा की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
वायनाड जिले के मेप्पाडी-कल्लाडी सुरंग निर्माण स्थल पर 7 जुलाई 2026 को हुए भीषण भूस्खलन में कम से कम 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं और 7 घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। भारी मशीनों, खोजी कुत्तों और बचाव दलों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश रातभर जारी रही। कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे मानवजनित आपदा करार दिया है।
हादसा कैसे हुआ
यह दुर्घटना कल्लाडी स्थित मीनाक्षी पुल के निकट अनाक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी सुरंग परियोजना के निर्माण स्थल पर हुई। पिछले 24 घंटों में मेप्पाडी में 226 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसके कारण खुदाई से निकली मिट्टी का विशाल ढेर अचानक ढह गया और कार्यस्थल का बड़ा हिस्सा मलबे में दब गया। भूस्खलन की चपेट में एक चर्च और पास का एक मकान भी आ गया, हालांकि मकान में रहने वाला परिवार हज यात्रा पर मक्का गया हुआ था और चर्च भी उस समय खाली था, जिससे और अधिक जनहानि टल गई।
लापरवाही के आरोप और जांच
लोक निर्माण मंत्री पी.के. बशीर ने खुलासा किया कि 10 जून को इस स्थल के संबंध में शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद 25 जून को अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। निर्माण कंपनी को खुदाई से निकली मिट्टी हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, परंतु कथित तौर पर इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने आरोप लगाया कि निर्देशों की अनदेखी गंभीर लापरवाही है और जांच में दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना की जानकारी दे दी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी. सिद्दीक को राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए वायनाड भेजा। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए फंसे लोगों को जल्द निकालने और हादसे के कारणों की व्यापक जांच कराने की मांग की। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी शोक व्यक्त करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
आम जनता पर असर
जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र के आसपास रहने वाले करीब 400 परिवारों का आकलन शुरू कर दिया है और संवेदनशील इलाकों के निवासियों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की तैयारी है। वायनाड जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में बुधवार, 8 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है। घटनास्थल के पास बस स्टॉप पर मौजूद एक दंपति ने बताया कि उन्होंने अचानक पहाड़ जैसी मिट्टी को नीचे गिरते देखा और तुरंत वहां से भाग निकले; महिला के हाथ में हल्की चोट आई।
परियोजना और ऐतिहासिक संदर्भ
₹2,134 करोड़ की लागत वाली अनाक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पाडी सुरंग परियोजना का निर्माण भोपाल स्थित दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड कर रही है, जबकि पहुंच मार्ग का निर्माण रॉयल इंफ्रा कंस्ट्रक्शन के जिम्मे है। परियोजना का प्रबंधन कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड कर रहा है। गौरतलब है कि यह हादसा 30 जुलाई 2024 को मुंडक्कई-चूरलमाला में हुए विनाशकारी भूस्खलन की दूसरी बरसी से महज 23 दिन पहले हुआ है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जान गई थी। यह हादसा एक बार फिर वायनाड में बड़े निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।